खबर लहरिया Blog UP/No Electricity: यूपी के कई गांवों में अब भी नहीं पहुंची बिजली, 25 गांव में अब भी बिजली गुल

UP/No Electricity: यूपी के कई गांवों में अब भी नहीं पहुंची बिजली, 25 गांव में अब भी बिजली गुल

पिछले दिनों (27 मई) कई राज्यों समेत उत्तर प्रदेश में भी जमकर आंधी तूफ़ान आया था जिसमें उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला भी शामिल है। तेज आंधी तूफ़ान के कारण बिजली कट गई, तार टूट गए रास्ते बंद हो गए थे और अब इसे एक सप्ताह हो गए हैं लेकिन कई गावों में अब भी बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है-

फोटो साभार: खबर लहरिया

जिले के करीब 25 गावों के लोग आज भी बिना बिजली के गुज़ारा करने के लिए मजबूर हैं। गर्मी के मौसम में लगातार आंधी तूफ़ान की आशंका बनी हुई है जिससे बिजली आपूर्ति बार-बार प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों की परेशनियाँ बढ़ती जा रही है। 

अमर उजाला में छपी खबर के अनुसार कैलहा, सपहा, कर्का पड़रिया, ददरी माफी, मैडियन, कुई और कौबरा समेत कई गावों में अभी तक बिजली बहाल नहीं हो सकी है। 

बिजली बंद होने की समस्या चित्रकूट तक ही सीमित नहीं है बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी आंधी तूफ़ान और भीषण गर्मी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आयोध्या के राम नगर क्षेत्र और वाराणसी के सारनाथ व चोलापुर इलाके में भी करीब 20 गावों में कई घंटो तक बिजली बंद रहने की शिकायत सामने आई। 

लोगों की परेशानियाँ 

वाराणसी के श्याम सेठ जो आज़ाद पार्टी के संगठन मंत्री हैं ने समस्या बताते हुए कहा कि बिजली से संबंधित काम तो हो रहा है लेकिन काफी देरी से काम किया जा रहा है। जो काम दो दिन में होना चाहिए वो काम चार दिन में हो रहा है। “वैसे तो बिजली कटौती कम हो रही है लेकिन आंधी तूफ़ान से बिजली कट रही है पेड़ गिर जा रहा है उससे बिजली का खंभा टूट जा रहा है। बिजली नहीं है तो पानी की समस्या हो रही है।” उन्होंने कहा कि अधिकारी लोग जल्दी सुनते नहीं हैं। अपने ही काम के लिए चार दिन दौड़ना पड़ता है। अगर बिजली बनाने आते भी हैं तो उन्हें पैसा देना पड़ता है।” 

वाराणसी की आरती यादव का कहना है कि सरकार का वादा था कि 24 घंटे बिजली देंगे लेकिन सरकार अपने वादे से पूरी तरीके से नाकाम हैं। “जनता अपने माँगों को लेकर चिल्लाती रहती हैं लेकिन सरकार सुनते नहीं हैं अपने मर्ज़ी से करते रहते हैं। इस समय बिजली 8, 9 घंटे से कम नहीं दे रही है। सरकार बिजली नहीं दे रही है। शिकायत करने जाओ तो उल्टा लोगों पर मुक़दमा दर्ज किया जाता है।” 

आयोध्या जिले के रामनगर क्षेत्र के खोजनपुर मोहल्ले में रहने वाले आशीष कुमार से बात करने पर यह सामने आया कि आंधी तूफ़ान के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है लेकिन बिजली की समस्या सिर्फ उन्ही क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। कई जगहों पर बिना किसी प्राकृतिक आपदा के भी लंबे समय से बिजली कटौती की शिकायत बनी हुई है। उनका कहना है कि मई महीने से ही बिजली की कटौती काफी बढ़ गई है। गर्मी और उमस के कारण घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। 

कई बार पांच-पांच घंटे तक बिजली नहीं रहती। रात में बिजली जाती है तो अगले दिन सुबह बिजली आती है। नौतपा शुरू होने के बाद लोगों की परेशनियाँ और बढ़ गई हैं। बिजली की समस्या को लेकर लोगों ने कई बार बिजली विभाग के खिलाफ विरोध भी किया है। हलांकी पिछले दो तीन दिनों से बिजली आपूर्ति की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। 

आयोध्या जिले के ही सोहावल तहसली के रहने वाले रवि शंकर पांडे ने बताया कि उनके क्षेत्र के आसपास करीब 50 गांव लंबे समय से बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। लगातार बिजली न मिलने का असर उड़द, चरी, धान की नर्सरी और अन्य फसलों की खेती पर पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की और आवेदन भी दिए लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

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रविशंकर पांडे का कहना है कि एक ओर लोगों को नियमित बिजली नहीं मिल रही है वहीं दूसरी ओर बिजली दरों में बढ़ोतरी की चर्चा होती रहती है। कभी स्मार्ट मीटर लगाए जाते हैं तो कभी बिजली महंगी करने की बात सामने आती है। उनका सवाल है कि जब उपभोक्ताओं को पर्याप्त और नियमित बिजली आपूर्ति ही नहीं मिल रही तो उनसे अधिक शुल्क लेने की बात कैसे की जा सकती है।

वहीं बांदा जिले के तिंदवारी ब्लॉक में 27 मई 2026 की रात आए तेज आंधी-तूफान ने कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया। बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर टूटकर गिर गए जिससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। बांदा जिले के रज्जु प्रसाद का कहना है कि इस गर्मी बिजली से बहुत परेशान हो रहे हैं। लोग पिछले आठ दिन से बिना बिजली गांव में रह रहे हैं। बिजली नहीं आने के कारण पानी का भी दिक्कत भी हो रहा है। 

बांदा जिले के नरैनी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गजपतिपुर के मजरा मुनीलाल के पूर्व के चन्द्र मान ने बताया कि ग्राम पंचायत गजपतिपु इलाके में लगभग 20 घर है लेकिन वहां भी बिजली नहीं जा रही है। खंभे पड़े हुए हैं लेकिन लोग बिजली के लिए तरस रहे जबकि ग्राम पंचायत में बिजली है लेकिन प्रशासन नहीं सुन रहा है। उन्होंने कई बार ज्ञापन दिया है और आज 2 जून को भी वह लोग अतर्रा तहसील में बैठे हुए हैं ज्ञापन देने के लिए और बिजली की मांग के लिए। बिजली न आने के कारण गर्मी में बीमारी मच्छर इन सब चीजों की दिक्कत हो रही है साथ ही पानी की भी समस्या हो रही है। 

10 रुपए बिजली बिल बढ़ाने पर रोक 

उत्तर प्रदेश में 31 मई को यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिलों पर 10 फ़ीसदी फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लगाने का आदेश जारी किया था। इसके लागू होने पर उपभोक्ताओं को सामान्य से अधिक बिजली बिल चुकाना पड़ता। उदाहरण के तौर पर 100 रुपए के बिल पर 10 रुपए ज़्यादा देने पड़ते। 

इस फैसले का उपभोक्ता परिषद ने विरोध किया और तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। इसके बाद 2 जून को उत्तर प्रदेश विधुत नियामक आयोग ने UPPCL के इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी। आयोग की इस निर्णय से प्रदेश के करोड़ों उपभोताओं को राहत मिली। 

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बिजली की समस्या अलग-अलग रूपों में सामने आ रही है। कहीं आंधी-तूफान और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है तो कहीं आज भी ऐसे गांव हैं जहां बिजली की पहुंच ही पूरी तरह नहीं हो पाई है। गर्मियों में बढ़ती बिजली कटौती लोगों की परेशानियों को और बढ़ा देती है। इसके अलावा बिजली बिल, स्मार्ट मीटर, मीटर रीडिंग में गड़बड़ी और बढ़ते शुल्क जैसी समस्याएं भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं।

इन सभी समस्याओं का सबसे ज़्यादा असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ता है। बिजली न होने से पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है, खेती किसानी का काम प्रभावित होता है और भीषण गर्मी में लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो जाता है। लोग मजबूर होकर इस स्थिति से गुजर रहे हैं। 

 

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