चीनी मांझे (Chinese manjha) एक बार फिर लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। प्रतिबंध के बावजूद इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर सरकार पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक इसके कारण लोगों के घायल होने और मौत की घटनाएं सामने आई हैं। गोरखपुर में सोमवार 17 अगस्त 2026 की शाम ऐसा ही एक हादसा हुआ, जिसमें बाइक सवार किसान की गर्दन कट गई और डॉक्टरों को सात टांके लगाने पड़े।
15 अगस्त आने से कुछ महीने पहले से ही लोग पतंग उड़ाना शुरू कर देते हैं। बाज़ारों में दुकानों पर चीनी मांझे आसानी से मिल जाते हैं। लोग बड़ी उस्तुकता के साथ इसे उड़ाना पसंद करते हैं। आसमान में हजारों-लाखों पतंग छोटी बड़ी दिखाई देती है। लेकिन इसी पतंग से जुड़ा मांझा हर साल लोगों की जान ले रहा है, साथ ही इससे कई लोग और पक्षी घायल हो जाते हैं। यूपी और दिल्ली जैसे राज्य में चीनी मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध है इसके बावजूद ये लोगों तक आसानी से पहुंच जाता है।
गोरखपुर में चीनी मांझे (Chinese manjha) से किसान के गले में लगे टांके
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के नौसड़ निवासी 55 वर्षीय किसान रामप्रताप निषाद चाइनीस मांझे से चोटिल हो गए। वह सोमवार शाम करीब 6:30 बजे बाइक से हरैया बाजार सब्जी लेने जा रहे थे। रास्ते में अचानक चीनी मांझे उनकी गर्दन में फंस गया। मांझे की धार से उनकी गर्दन कट गई और वह बाइक से गिर पड़े।
हादसे के बाद उनकी गर्दन से तेजी से खून बहने लगा। रामप्रताप ने किसी तरह अपनी टीशर्ट उतारी और उसे गर्दन पर बांधकर खून रोकने की कोशिश की। इसके बाद वह चौराहे पर मौजूद डॉक्टर के पास पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी गर्दन पर सात टांके लगाए गए।
चीनी मांझे (Chinese manjha) का खतरा सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं है। गाजियाबाद से कुछ ही दूरी पर फरीदाबाद में भी 16 अगस्त 2026 को एक 25 वर्षीय मोटरसाइकिल सवार चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। उसके गले में करीब 11 सेंटीमीटर गहरा घाव हुआ और माथे पर भी गंभीर चोट आई।
चीनी मांझे (Chinese manjha) से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बाइक सवार की मौत
हाल ही में 15 अगस्त 2026 को यानी स्वत्रंता दिवस पर गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक 25 वर्षीय बाइक सवार की गर्दन चाइनीज मांझे से कट गई। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक युवक तेज रफ्तार बाइक चला रहा था, तभी धारदार मांझा उसके गले में फंस गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ लेकिन दृश्य भयावह होने की वजह से उसका लिंक यहां नहीं दिया गया है।
वहीं मौजपुर में शनिवार 15 अगस्त को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर के रेड लाइट पर एक 35 वर्षीय व्यक्ति चीनी मांझे की चपेट में आने से घायल हो गया।
दिल्ली में भी हाल के दिनों में इसके मामले सामने आए हैं। इस महीने की शुरुआत में 1 अगस्त 2026 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा में साढ़े तीन साल के लड़के के चाइनीस मांझे से चोट लग गई। दुर्घटना तब हुई जब वह अपने बड़े भाई के साथ स्कूटर पर जा रहा था तभी अचानक मांझा लड़के के गर्दन में फंस गया जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।
साल 2026 में चीनी मांझे (Chinese manjha) से हुई घटना
मकर सक्रांति (जनवरी) के दौरान भी कई लोग पतंग उड़ाने शौकीन रहते हैं ऐसे में भी कई घटनाएं सामने आती हैं। इस साल जनवरी में तेलंगाना के मेडचल जिले में पांच साल की बच्ची की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के बाद मौत हो गई थी। बच्ची अपने पिता के साथ दोपहिया वाहन पर जा रही थी, तभी मांझा उसकी गर्दन में उलझ गया।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में जनवरी 2026 में बाइक से जा रहे डॉक्टर समीर हाशमी की गर्दन भी चाइनीज मांझे से कट गई थी और उनकी मौत हो गई। वहीं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जनवरी में एक बाइक सवार की गर्दन इतनी गंभीर रूप से कट गई थी कि उसे बचाने के लिए तीन ऑपरेशन करने पड़े।
मई में दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में भी पांच साल के बच्चे की गर्दन प्रतिबंधित मांझे से कटने के बाद मौत हो गई थी।
चीनी मांझे (Chinese manjha) को लेकर सीएम योगी का सख्त निर्देश
चीनी मांझे (Chinese manjha) से बढ़ती घटनाओं और मौत के मामले को लेकर यूपी सरकार ने 5 फ़रवरी 2026 को एक अहम फैसला लिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि राज्य में चाइनीज मांझे की बिक्री और खरीद पर रोक लगे और दुकानों पर छापेमारी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझे से हुई मौत को हत्या माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद आसमान में उड़ती पतंग और हादसे बताते हैं कि निर्देशों और सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
साल 2025 में चीनी मांझे (Chinese manjha) से हुई घटना
यूपी के वाराणसी में भी मकर संक्राति के दौरान जनवरी में चाइनीस मांझे ने एक युवक की जान ले ली। खबर लहरिया की रिपोर्ट में आप देख सकते हैं।
देशभर में प्रतिबंध, फिर भी बाजार में उपलब्ध
चीनी मांझे (Chinese manjha) सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों और दूसरे जीवों के लिए भी खतरनाक माना जाता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने 2017 में देशभर में नायलॉन, सिंथेटिक और कांच जैसे खतरनाक पदार्थों से लेपित मांझे की खरीद, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
दिल्ली सरकार ने भी 10 जनवरी 2017 को चाइनीज और अन्य खतरनाक सिंथेटिक मांझे पर प्रतिबंध की अधिसूचना जारी की थी। उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत पांच साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।
इसके बावजूद गोरखपुर से लेकर गाजियाबाद, दिल्ली, फरीदाबाद और देश के दूसरे हिस्सों में लगातार सामने आ रहे हादसे बताते हैं कि केवल प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं है। प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और आपूर्ति पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ बाजारों की नियमित जांच और लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।
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