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About Us

Khabar Lahariya – The Country’s Only Digital Rural News Network

What makes Khabar Lahariya unique is not just its journalists – women from Dalit, tribal, Muslim and backward castes – but also its journalism.

Khabar Lahariya is known for its ‘real’ reporting from rural India. In areas that are completely out of the spotlight of media attention, it follows the everyday stories of everyday people. It is a powerful local watchdog, an instrument for enforcing grassroots accountability. In exposing the acts of omission and commission by the local bureaucracy/political class, the news – in digital, print, audio formats – today brings to light the growing distance between the promises made by the government in terms of rural development and empowerment, and the actual delivery on the ground.

Khabar Lahariya reports on issues of violence against women with an astute understanding of gender and caste structures within which this violence is situated. News reports in Khabar Lahariya question structures of power and inequity in the personal sphere of the family, as well as in the public realm.

Khabar Lahariya is now the country’s only women-run brand of digital first rural news. It reaches 3,00,000 people a month through a print edition in Bundelkhand and multiple digital platforms. Khabar Lahariya has a network of 24 women reporters in 8 districts of Uttar Pradesh.

It’s your news, in your voice

खबर लहरिया अनोखा न केवल उसके पत्रकारों से है बल्कि उसकी पत्रकारिता की वजह से भी है। यह दुनिया में अकेला ऐसा न्यूज़ नेटवर्क है जिसे सिर्फ महिलाएं चलाती हैं। यह महिलाएं दलित, मुस्लिम आदिवासी और पिछड़ी माने जाने वाली जातियों से हैं।

खबर लहरिया की एक अलग पहचान और उसकी लोकप्रियता का कारण इसमें छपने वाली स्थानीय खबरें हैं। ये ख़बरें स्थानीय मुद्दों पर गहराई से और निष्पक्ष तरीके से जांच पड़ताल करती हैं। खबर लहरिया की पहचान जमीनी मुद्दों की पत्रकारिता से है। ऐसी पत्रकारिता जो ग्रामीण गरीबों के लिए घोषित योजनाओं पर और ग्रामीण विकास के लिए आवंटित बजट पर कड़ी नजर रखती है।

इसकी ख़बरें डिजिटल, प्रिंट और ऑडियो के माध्यम से लोगों तक पहुंचती हैं। खबर लहरिया एक शक्तिशाली स्थानीय प्रहरी और जमीनी जवाबदेही तय करने का मजबूत तंत्र बना है। इसकी पत्रकारिता उन मुद्दों पर है जो राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया की चर्चा और ध्यान से बहुत दूर हैं। खबर लहरिया खासतौर पर सरकार की ग्रामीण विकास और सशक्तीकरण के लिए बनाई गई योजनाओं के दावों और उनकी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करता है।

खबर लहरिया में परिवार के दायरे में और सार्वजनिक क्षेत्र में सत्ता और ग़ैर बराबरी पर लगातार सवाल उठाये जाते हैं। हमारी खबर, हमारी भाषा में – ये है खबर लहरिया की खासियत। खबर लहरिया टीम ग्रामीण क्षेत्र, कस्बों और शहरों से महिलाओं की एक टीम जो मीडिया में अपनी क्षमताओं और काम के ज़रिये बदलाव ला रही हैं।

हमारी खबर, हमारी भाषा में – ये है खबर लहरिया की खासियत ।

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