उत्तर प्रदेश में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बाँदा और लखनऊ में पिछले 2-3 दिनों से रात-दिन बिजली गुल रहने की खबर सामने आई। इसकी वजह से लखनऊ में नाराज लोगों ने सड़कों पर बिजली कटौती को लेकर प्रदर्शन किया। हालाँकि कल 24 मई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली आपूर्ति के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट – गीता देवी, लेखन – सुचित्रा
बिजली कटौती का असर बुंदेलखंड के बांदा जिले में भी देखने को मिला, जहां तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने बताया क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और घरों के अंदर भी उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। ऐसे में गांवों में बिजली और पानी की समस्या केवल परेशानी नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और उम्मीदों की कठिन परीक्षा बन चुकी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती बनी बड़ी समस्या
कांशीराम कॉलोनी की रहने वाली कमला देवी बताती हैं कि बढ़ती गर्मी के कारण घरों के अंदर का तापमान भी असहनीय हो गया है। पंखा, कूलर और एसी जैसे साधन ही राहत का सहारा हैं, लेकिन बिजली की बार-बार कटौती और लंबे समय तक बिजली न रहने से हालात और खराब हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है। रात में बिजली न रहने से नींद पूरी नहीं हो पाती, जिसका असर अगले दिन के काम और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई भी बिजली पर निर्भर होने के कारण बाधित हो जाती है।
बिजली कटने पर घरों की छत पर सोते दिखाई दिए लोग
बिजली कटौती की समस्या कुछ दिनों से कई इलाकों में बनी हुई है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जहां सुबह के समय कई घर की छतों पर कई लोग सोते दिखाई दिए। आप नीचे दिए गए वीडियो में देख सकते हैं।
इस भीषण गर्मी के मौसम में इस तरह घर के छतों पे सोते हुए देख सकते हैं लोगो को ,
शहरों में इस समय बिजली संकट की समस्या से खास कर उत्तर प्रदेश के लोग के लिए यही एक उपाय बच जाता है
शायद इसी लिए मुझे लगता है गांव के लोग ज्यादा सुखी हैं आप दूर- दूर तक एक भी पेड़ लगा हुआ नहीं… pic.twitter.com/fx7tTzjobN
— Deepak Chandra (@BolbhaiChandra) May 25, 2026
बिजली कटौती में मच्छरों ने किया परेशान
बड़ोखर बुजुर्ग क्षेत्र के शिवकुमार के अनुसार बिजली कटौती के दौरान मच्छरों की समस्या और गंभीर हो जाती है। पंखे बंद होने से घरों में गर्मी और उमस बढ़ जाती है और लोग मजबूरी में दरवाजे-खिड़कियां खोलते हैं, जिससे मच्छर आसानी से अंदर आ जाते हैं। मच्छर सही से सोने भी नहीं देते जिसकी वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती है। एक तो इतनी गर्मी ऊपर से ये मच्छर। इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई और जलभराव की समस्या भी मच्छरों के पनपने का कारण बन रही है।
बिजली व्यवस्था बदहाल
गुरेह ग्राम पंचायत के मुजरा शाहादी का पुरवा के निवासी विद्यासागर बताते हैं कि उनके पुरवे में करीब 25 घर हैं, लेकिन आज तक नियमित बिजली आपूर्ति नहीं पहुंची है। लगभग 9 महीने पहले सौभाग्य योजना के तहत खंभे और ट्रांसफार्मर लगाए गए थे, लेकिन अभी तक आपूर्ति शुरू नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी तेल न मिलने के कारण मजबूरी में खाने के तेल से दिया जलाकर रोशनी करते हैं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
बिजली कटौती को लेकर बाँदा जिला अधिकारी को दिया ज्ञापन
गर्मी के दिनों में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में बिजली कट जाने से घर के जरुरी काम रुक जाते हैं जैसे खाना बनाना, साफ़ सफाई और नहाना। ऐसा बबेरु तहसील के भदेहदू गांव के जनसेवक पीसी पटेल ने बताया। बांदा जिले की बबेरु तहसील के भदेहदू गांव के जनसेवक पीसी पटेल ने क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और बढ़ते तापमान से लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बिजली आपूर्ति का एक निश्चित समय तय किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जल निगम भी पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण पानी की सप्लाई नहीं कर पा रहा है। नीचे दिए गए लिंक में आप उनकी बात को सुन सकते हैं।
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बिजली कटौती को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन
19 मई को लखनऊ के कई इलाकों में लंबे समय से हो रही बिजली कटौती के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। केसरी खेड़ा वार्ड के आरडीएसओ पावर हाउस, नादरगंज के अंबेडकर पावर हाउस, राजाजीपुरम के सरीपुर और काकोरी इलाके में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने सड़कों पर उतर कर सड़क जाम किया और बिजली विभाग के दफ्तर के बाहर नारे लगाए।
बिजली कटौती को लेकर प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
इस बीच, मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और शिकायतों का जल्द समाधान हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग को आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
ऊर्जा मंत्री और संबंधित अधिकारियों को हेल्पलाइन और शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए भी कहा गया है, ताकि जनता को समय पर जानकारी और समाधान मिल सके।
आमजन, किसान, व्यापारी और उद्योगों सहित प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना @UPGovt की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आज ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकारियों के साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की।
प्रदेश भर में सुचारू एवं निर्बाध…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 24, 2026
वहीं इस पर खबर लहरिया ने विद्युत वितरण खंड बांदा के अधिशासी अभियंता से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर है। करीब 34,000 मेगावाट की मांग के मुकाबले पर्याप्त उत्पादन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण लोड बढ़ने पर कटौती करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में फिलहाल औसतन 20 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे आपूर्ति का लक्ष्य है, लेकिन अत्यधिक गर्मी और “नौतपा” के चलते स्थिति प्रभावित हो रही है।
बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार का दावा
रविवार 24 मई 2026 की बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी को बताया कि इस साल उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग बहुत बढ़ गई है। यह अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचकर 30,339 मेगावाट हो गई है। इसके साथ ही रोजाना इस्तेमाल होने वाली बिजली भी पिछले साल की तुलना में बढ़ गई है। पहले जहां रोज लगभग 5,010 लाख यूनिट बिजली की जरूरत होती थी, अब यह बढ़कर 5,610 लाख यूनिट हो गई है।
सरकार ने यह भी बताया कि इतनी ज्यादा मांग और बिजली ग्रिड पर दबाव होने के बावजूद उत्तर प्रदेश 20, 21 और 22 मई को पूरे देश में सबसे ज्यादा बिजली खपत करने वाले राज्यों में शामिल रहा।
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