खबर लहरिया Blog UP News: कानपुर में दलित लड़के से मारपीट और फिरोजाबाद में जाति पूछने के बाद की मारपीट, दलित छात्र ने की आत्महत्या

UP News: कानपुर में दलित लड़के से मारपीट और फिरोजाबाद में जाति पूछने के बाद की मारपीट, दलित छात्र ने की आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के कानपुर और फिरोजाबाद से सामने आई दो घटनाओं ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ कानपुर में 16 साल के दलित किशोर के साथ कथित तौर पर सिर्फ इसलिए बेरहमी की गई क्योंकि उसने हैंडपंप के पास रखी बाल्टी को छू लिया था, तो दूसरी तरफ फिरोजाबाद में एक दलित छात्र की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन दोनों घटनाओं ने न सिर्फ जातिगत भेदभाव की भयावह तस्वीर दिखाई है, बल्कि यह भी याद दिलाया है कि आज भी समाज के कुछ हिस्सों में इंसान की पहचान उसकी जाति से की जाती है।

राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचारों की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 2023 में 15,130 और 2024 में 14,642 मामले दर्ज किए गए। देश में आज भी जातिवाद और छुआछात की जड़ें इतनी मजबूत है कि वो इस तरह की घटना के रूप में सामने आती है। समाज में आज भी खुद को उच्च जाति का मानने वाले दलितों को इंसान समझते ही नहीं। ऐसे लोग इस तरह की आमनवीय हरकत कर के दलितों के भीतर डर पैदा करना चाहते हैं ताकि दलित अपना जीवन फिर से एक बार डर और अंधकार में बिताने लगे। कानपुर और फिरोजाबाद की घटना से ऐसा ही कुछ प्रतीत होता है।

कानपुर में पर दलित के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2 मई 2026 को कानपुर के सचेंदी पुलिस थाना क्षेत्र के झाखरा-सांभरपुर गांव में यह घटना तब हुई जब एक खेत मजदूर के 16 वर्षीय दलित बेटे ने खेतों में काम करने के बाद पानी पीने की कोशिश की। लड़के ने सार्वजनिक हैंडपंप के पास रखी बाल्टी को छू लिया। जानकारी के मुताबिक वह बाल्टी उच्च जाति कही जाने वाली ग्रामीणों की थी। यह मामला रविवार 17 मई को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में आया।

ये भी पढ़ें – दलित व्यक्ति को जबरन खिलाया गाय का गोबर, बजरंग दल पर आरोप

आरोपी ने दी जातिवादी गाली

लड़के ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे जातिवादी गालियां दीं और दलित होने के कारण उस पर पानी को प्रदूषित करने का आरोप लगाया। उसने बताया कि उसे करीब आधे घंटे तक पीटा गया। यहां तक कि आरोपियों ने बाल्टी को छूने के बाद कथित तौर पर हैंडपंप क्षेत्र के आसपास गंगाजल छिड़का ताकि उस जगह को शुद्ध किया जा सके।

कुछ मीडिया में लड़के के कपड़े फाड़ने और उससे थूक चटवाने और जूते में पानी पिलवाने का भी जिक्र किया गया है।

ये भी पढ़ें – युवक से पैर धुलवाए और फिर वही पानी पीने को किया मजबूर, ये कैसी सजा?

हमले में लड़के और पिता दोनों को लगी गंभीर चोट

इस हमले में कथित तौर पर लड़के की बांह टूट गई। जब लड़के के पिता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन पर भी कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें चोटें आईं, जिनमें एक पसली भी टूट गई।

आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी के तहत एफआईआर दर्ज

इस मामले में पुलिस ने बाद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अन्य आरोपों के साथ एफआईआर दर्ज की। संजय राजपूत को हिरासत में ले लिया गया, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी थे।

पुलिस की जाँच में मारपीट की वजह झड़प, कोई जातिवाद एंगल नहीं

बाद में पूछताछ के बाद कानपुर जिले के पंकी क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने इस घटना को “कुछ लोगों के बीच हुई झड़प” बताया।

कानपुर नगर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने X पर जारी एक बयान में कहा, “2 मई 2026 को, साचेंडी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले झकरा गांव में दो पक्षों के बीच खेत में कचरा फेंकने और शौचालय का उपयोग करने के मुद्दे पर विवाद उत्पन्न हुआ, जो बाद में हाथापाई में परिवर्तित हो गया।”

पुलिस ने जूते में पानी पिलाने और थूक चटवाने की घटना को ख़ारिज कर दिया। पुलिस ने कहा “जांच के दौरान, एफआईआर में उल्लिखित थूक चाटने और जूते से पानी पिलाने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। मूल रूप से यह मामला दोनों पक्षों के बीच आपसी विवाद और हाथापाई का है।”

फ़िलहाल इस मामले की जांच पंकी के सहायक पुलिस आयुक्त मनोज कुमार सिंह कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें – रायबरेली में एक दलित व्यक्ति की ‘ड्रोन चोर’ के आरोप में पीटकर की गई हत्या

फिरोजाबाद में छात्र के साथ जातिगत हिंसा और मारपीट

जातिगत हिंसा का ताजा मामला उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से भी सामने आया। जहां उच्च कही जाने वाली जाति के लोगों ने दलित बीएससी छात्र के साथ 16 मई को मारपीट की। इसके बाद छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मकतूब की रिपोर्ट के अनुसार मृतक अतीन कुमार, जो शिकोहाबाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत नागला बिलौतिया गांव का रहने वाला था रविवार 17 मई 2026 को मृत पाया गया। उस पर एक स्थानीय पुस्तकालय में एक लड़की को परेशान करने का आरोप लगा था और भीड़ तब हिंसक हो गई जब लड़के की जाति का पता चला और भीड़ ने कथित तौर पर भीड़ ने उसकी पिटाई की।

सुसाइड नोट में जातिगत टिप्पणी और मारपीट का जिक्र

पुलिस की जाँच में इस मामले में अतीन के कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस नोट में स्पष्ट रूप से आरएम लाइब्रेरी में उनके साथ हुए हमले और अपमान का जिक्र किया गया था।

आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

परिवार की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एफआईर दर्ज कर ली गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत आरोप शामिल हैं, जिनमें धारा 103 (हत्या), धारा 191 (दंगा), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) शामिल हैं। साथ ही, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों को भी लागू किया गया है।

आरोपियों की पहचान

एफआईआर में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें पुस्तकालय संचालक अतुल सिकेरा और ध्रुव यादव भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि छह आरोपियों में से तीन, अतुल सिकेरा, ध्रुव यादव और रितिक यादव को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाकी आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

उत्तर प्रदेश में जातिगत हिंसा की अन्य घटना

साल 2025 में उत्तर प्रदेश के बांदा और लखनऊ से दलित छात्र के साथ मारपीट और बुजुर्ग से मंदिर परिसर में कथित तौर पर पेशाब चटवाने का मामला सामने आया है। वहीं यूपी के बस्ती में भी युवक को पेड़ से बांधकर पीटा गया। मध्य प्रदेश में छतरपुर सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आदिवासी युवक को बेल्ट से पीटा क्योंकि उसने ढाबे पर काम करने से मना कर दिया। ऐसा ही मामला एमपी के भिंड से सामने आया, जहां युवक को किडनैप कर पीटा और पेशाब पीने को मजबूर किया। ऐसी कई घटनाएं हैं जो हर साल खबरों का हिस्सा बनती है जिसमें जाति की वजह से दलितों के साथ मारपीट की जाती है। नीचे दिए गए आर्टिकल में आप यूपी में घटी घटनाओं के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं।

Up News / Mp News : बाँदा, लखनऊ और मध्य प्रदेश में दलित और आदिवासी से मारपीट, कहीं छात्र को पीटा तो कहीं चटवाया पेशाब

 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our premium product KL Hatke

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *