खबर लहरिया Blog बढ़ती गर्मी में लोगों की पसंद नारियल पानी, सत्तू की लस्सी और गन्ने का रस 

बढ़ती गर्मी में लोगों की पसंद नारियल पानी, सत्तू की लस्सी और गन्ने का रस 

बढ़ती गर्मी और तेज धूप का असर लोगों के सेहत पर दिखने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान की वजह से लोगों को थकावट,लू, चक्कर, शरीर में पानी की कमी और कमजोरी जैसी परेशनियाँ होने लगती हैं। ऐसे मौसम में शरीर को ठंडा और हाईड्रेट रखना जरुरी होता है। इसी के साथ कई तरह के जूस और ठंडा पेय पदार्थ भी बाज़ारों में मिलना शुरू हो जाता है।

रिपोर्ट – सुशीला देवी, लेखन – रचना 

फोटो साभार: सुशीला देवी

ऐसा माना जाता है कि ऐसे पेय पदार्थ गर्मी से राहत देने के साथ शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है। गर्मी आने के बाद सड़क किनारे बेल का शरबत, गन्ने का रस आदि दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी हैं। 

वाराणसी के पांडेयपुर चौराहे पर बेल का शरबत बेचने वाले अजय नाम के दुकानदार से बातचीत करने पर बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ बेल की शरबत की मांग भी काफी बढ़ गई है। वे हर रोज सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक बेल का शरबत बेचते हैं और करीब हजार रुपए तक की बिक्री कर लेते हैं। एक गिलास बेल का शरबत बीस रुपए में बेचते हैं। 

दुकानदार अजय के मुताबिक बेल के शरबत की तासीर ठंडी होती है जो शरीर की गर्मी को शांत करने में मदद करती है। यह लू और हीटवेव से बचाने के साथ शरीर को लंबे समय तक हाईड्रेट रखता है।

बेल का जूस बनाने वाला ठेला (फोटो साभार: सुशीला देवी)

गर्मी के मौसम में नारियल पानी और गन्ने का रस जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ शरीर के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। तेज धूप और बढ़ते तापमान में शरीर से पसीने के जरिए पानी और जरुरी पोषक तत्व तेजी से निकलते हैं। ऐसे में नारियल पानी शरीर को हाईड्रेट रखने से साथ जरुरी विटामिन भी देता है। इसमें विटामिन-सी, बी कॉम्प्लेक्स, पोटैशियम और कई जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और गर्मी से बचाने में मदद करते हैं।

बेल के जूस बनाने वाले का ठेला (फोटो साभार: सुशीला देवी)                                            

इसी तरह गन्ने का रस भी गर्मियों में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। वाराणसी में गन्ने का जूस बेचने वाले आशीष जैसवाल बताते हैं कि गर्मी बढ़ाने के साथ उनकी दुकान पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। वह हर रोज अपनी दुकान लगाते हैं। वे कहते हैं सबसे ज़्यादा गन्ने की रस की बिक्री होती है। 

गन्ने के रस का आनंद उठाते लोग (फोटो साभार: सुशीला देवी)                                                

वाराणसी के लमही इलाके में नींबू पानी बेचने वाले सभाजीत गर्मी के दिनों में सिर्फ नींबू और नींबू पानी बेचने का काम करते हैं। वे बताते हैं गर्मी के मौसम में नींबू की बिक्री बहुत बढ़ जाती है। करीब चार महीने तक लोग बड़ी संख्या में नींबू पानी खरीदते हैं। दुकान पर दस रुपए में दो गिलास बीस रुपए में तीन और छोटे गिलास तीस रुपए में बेचते हैं। तेज धूप और गर्मी में लोग ताज़ा नींबू पानी पीना पसंद करते हैं। गर्मियों में पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिसे नींबू पानी काफी हद तक पूरा करता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर को ताजगी देता है और थकान कम करने में मदद करता है। 

नींबू का ठेला (फोटो साभार: सुशीला देवी)                                        

वहीं वाराणसी के सोमारु बताते हैं कि गर्मी के मौसम में आम के पन्ने की मांग काफी बढ़ जाती है। 

फोटो साभार: सुशीला देवी                                                            

गर्मियों में सत्तू की लस्सी और आम का पन्ना जैसे देसी पेय पदार्थ का भी लोग भरपूर आनंद लेते हैं। सत्तू की लस्सी न सिर्फ शरीर को ठंडक देने के साथ तुरंत ऊर्जा भी पहुँचाती है। इसे अक्सर मटके के ठंडे पानी में घोलकर तैयार किया जाता है जिससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है और लू से बचाव होता है। सत्तू में फ़ाइबर और पोषक तत्व पाए जाते हैं। 

 

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