खबर लहरिया Blog देश के कई राज्यों में मानसून का कहर, वहीं असम में बाढ़-भूस्खलन से 66 लोगों की मौत 

देश के कई राज्यों में मानसून का कहर, वहीं असम में बाढ़-भूस्खलन से 66 लोगों की मौत 

                        

इस समय देश के कई राज्यों में बारिश ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बारिश के साथ बाढ़ और भूस्खलन भी देखने को मिल रही है। इस समय में आए बाढ़ में अब तक लगभग 66 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में बादल फटा है, जिससे एक पुल और सड़क बह गई हालांकि रविवार (26 जुलाई 2026) को बाढ़ की स्थिति में सुधार होने की भी खबर सामने आई है। 

असम में भारी बारिश के बीच मवेशियों को ले जाते हुए (फोटो साभार: द वायर)

पीटीआई के रिपोर्ट अनुसार असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी द्वारा बताया गया है कि ऊपरी असम के अधिकांश भाग जो बाढ़ से प्रभावित है उसका अब पानी का स्तर घर रहा है। प्राधिकरण की ओर से शनिवार रात जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर जिलों में 6,54,800 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। एएसडीएमए के अनुसार, फिलहाल राज्य के 810 गांव जलमग्न हैं और 34,970.8 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

प्रभाव खबर के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि “प्रधानमंत्री ने असम की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। मैं इस समय डिब्रूगढ़ के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा हूं। मोदी सरकार असम के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और केंद्र की ओर से राहत व पुनर्वास के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।”

देश के अन्य राज्यों में बारिश 

देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है जिसके तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भारी बारिश के साथ ही तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। 

मध्य प्रदेश 

MP में 27 से 30 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है। 27 जुलाई 2026 को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा सहित 55 जिलों में भारी बारिश का दौर रहेगा। मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम के असर से एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 27 जुलाई 2026 को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश 

उत्तर प्रदेश में भी एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लखीमपुर और बहराइच में तेज भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। काठमांडू जाने वाली एक उड़ान को मौसम खराब होने की वजह से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में, 27 जुलाई को भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मोरादाबाद, बरेली, कानपुर, बदायूं, रामपुर, मैनपुरी, ललितपुर, सीतापुर, हरदोई, बहराइच, कन्नौज, कुशीनगर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

बिहार 

मौसम विभाग ने राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में 27 जुलाई के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार पटना, गया, सारण, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है इसलिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। 30 जून से 26 जुलाई के बीच बारिश और इससे जुड़े हादसों में 15 लोगों की जान जा चुकी है। भारी बारिश के कारण राज्य की 135 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिससे कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। कुल्लू, शिमला और मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के 3 से 5 जिलों में 28 से 31 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण राज्य भर में 135 सड़कें बंद हैं।

तमिलनाडु

तमिलनाडु में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई तक राज्य के पश्चिमी घाट से जुड़े जिलों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग का कहना है कि तमिलनाडु तट के ऊपर निचले वायुमंडल में बने कमजोर कम दबाव वाले सिस्टम का असर मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लंबे समय से सूखे जैसे हालात झेल रहे पश्चिमी घाट के इलाकों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है।

दिल्ली 

दिल्ली एनसीआर में आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों के दौरान रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं नोएडा में 28 और 29 जुलाई को पूरे दिन बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश की सम्भावनाएँ बताई हैं। इन दोनों दिनों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी की है। 30 को भी मौसम में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है। 

इस समय देश में मानसून का असर एक जैसा नहीं है। एक ओर असम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कई अन्य राज्यों में लगातार बारिश से बाढ़, भूस्खलन और जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। वहां लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान हैं और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें
If you want to support our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our premium product KL Hatke