वाराणसी के चिरईगांव ब्लॉक में करीब 5 हजार आबादी के लिए बना जच्चा-बच्चा केंद्र करीब एक साल से तैयार है, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक डिलीवरी और जांच के लिए महिलाओं को 12 से 15 किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस नहीं मिलने पर निजी वाहन या ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि ऑटो से करीब ₹300 तक खर्च हो जाता है। वहीं CMO डॉ. मुकेश कुमार ने मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर जांच करने की बात कही है।
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