छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार जिले के गांवों में “जल जीवन मिशन” की जमीनी हकीकत क्या है? सरकार का दावा है कि हर घर तक नल से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन गांवों में आज भी लोग पानी के लिए परेशान हैं। इस ग्राउंड रिपोर्ट में हम पहुंचे ग्राम पंचायत कोहका और खोसड़ा, जहां करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया। कहीं पाइपलाइन अधूरी है, कहीं पाइप टूटे पड़े हैं, तो कहीं नल उखड़े हुए हैं। 📌 योजना शुरू हुई: 15 अगस्त 2019 📌 लक्ष्य: 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन 📌 छत्तीसगढ़ में खर्च: 11,600 करोड़ रुपये से अधिक 📌 कोहका पंचायत में खर्च: 1 करोड़ 4 लाख 79 हजार रुपये.
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