वाराणसी के परमानंदपुर में बना विकास इंटर कॉलेज आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए शिक्षा की एक बड़ी उम्मीद बना हुआ है। यहां कई छात्राएं 20 से 30 किलोमीटर दूर से पढ़ने आती हैं। आसपास के कई स्कूलों में जहां ₹400 से ₹600 तक फीस बताई जा रही है, वहीं इस स्कूल में कम फीस में पढ़ाई का मौका मिल रहा है। खास बात यह है कि पढ़ाई के साथ छात्राओं को खेल का प्रशिक्षण भी मुफ्त दिया जाता है। कई परिवारों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण अगर यह स्कूल नहीं होता, तो उनके बच्चों की पढ़ाई अधूरी रह सकती थी। स्कूल के प्रधानाचार्य के मुताबिक, इसकी शुरुआत साल 2001 में सिर्फ 7 बच्चों से हुई थी और आज करीब 15,000 बच्चे यहां पढ़ रहे हैं। जरूरतमंद बच्चों तक पुरानी किताबें पहुंचाने और खेल प्रतिभाओं को मुफ्त प्रशिक्षण देने की भी कोशिश की जाती है। यह कहानी सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि उन परिवारों की है जो सीमित आमदनी के बावजूद अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं।
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