बारिश के चलते गंदे पानी और कीटाणुओं के अधिक पैदा होने के कारण पशुओं में बीमारियां तेज़ी से फैलती है जिससे पशु पालकों पर देख-रेख का काम बढ़ जाता है और आर्थिक प्रभाव भी पड़ता है. सरकारी सुविधाएं जैसे डॉक्टरों का गाँव में विजिट करना, सस्ती दवाइयां और टीकाकरण ज़रूरी होता है. पर चिरईगाँव के पशुपालकों के अनुसार डॉक्टर यहां नहीं आते है और उन्हें दवाइयां प्राइवेट से लेनी पड़ती है. उनका यह भी आरोप है कि टीकाकरण की शुरुआत अभी नहीं हुई है. वहीं सरकारी पशु डॉक्टर का कहना है कि सरकारी कैंप भी लगते हैं और टीकाकरण लगभग हो चुका है.
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