अयोध्या जिले के ग्राम पंचायत टिकरी, डेमा, गनौली कोलवल और कैथी माझा समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में नेपाल क्षेत्र से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल पानी नदी के भीतर है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ हर साल गांव टापू बन जाते हैं और लोगों को महीनों तक घर छोड़ना पड़ता है। ग्रामीण शेखर निषाद के अनुसार, अभी प्रशासन की ओर से कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है, हालांकि जब गांवों में पानी भरता है तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भोजन-रहने की व्यवस्था की जाती है। किसान अब्दुल रऊफ बताते हैं कि ज्यादा बारिश होने पर गन्ना और धान की फसलें डूब जाती हैं, जिससे भारी नुकसान होता है। वहीं रामरती का कहना है कि वह पिछले 35 वर्षों से हर साल बाढ़ की इसी स्थिति का सामना कर रही हैं और 4-5 महीने घर से बाहर रहकर खेती करनी पड़ती है।
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