खबर लहरिया Blog Atiq Ahmed: अतीक अहमद के बेटे आबान की मौत कैसे हुई, कौन हैं अतीक अहमद और क्या है पूरा मामला 

Atiq Ahmed: अतीक अहमद के बेटे आबान की मौत कैसे हुई, कौन हैं अतीक अहमद और क्या है पूरा मामला 

उत्तर प्रदेश के चर्चित नाम अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान (21 वर्ष) की सड़क हादसे में मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक यह हादसा कानपुर-झांसी हाइवे पर झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में खिल्ली गांव के पास 6 अगस्त 2026 को करीब 11 बजे हुआ। हादसे में एक और शख्स सोनू की भी मौत हुई है और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 

अतीक अहमद और बेटा आबान (फोटो साभार: गूगल)

दुर्घटना की पूरी जानकारी 

6 अगस्त के सुबह करीब 5 बजे अबान अपने चार दोस्तों के साथ क्रेटा कार से प्रयागराज से झाँसी के लिए निकला था। उसका मकसद झाँसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मुलाकात करना था। सफर के दौरान जब उनकी कार झाँसी से लगभग 70 किलोमीटर पहले पूँछ थाना क्षेत्र के हाईवे पर सुबह करीब 10:30 बजे पहुंची तभी हादसा हुआ। 

दैनिक भास्कर के मुताबिक चश्मदीद (वह व्यक्ति जिसने किसी घटना या दुर्घटना को अपनी आँखों से देखा हो) ने बताया है कि कार तेज रफ़्तार में थी और अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।  टक्कर इतना जोर का था कि करीब 7 फीट तक हवा में उछल गई और लगभग 40 फीट तक उसके हिस्से हाईवे पर बिखर गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और आसपास में मौजूद लोगों ने बचाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद कार के दरवाज़े तोड़ कर सभी को बाहर निकाला गया। आगे की सीट पर बैठे अबान और उसके ठीक पीछे बैठे उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारूक अहजम गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को इलाज के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज भेजा गया। घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि अबान ने दम तोड़ने से पहले आखिरी बार कहा था “मुझे बचा लो” 

फिलहाल हादसे की वजह को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आई हैं। प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि हाईवे पर अचानक एक बछड़ा आ गया था। उसे बचाने के लिए चालक ने कार बाईं ओर मोड़ी लेकिन उसी समय वहां एक बाइक सवार भी आ गया। बाइक से टक्कर बचाने के लिए चालक ने दोबारा कार मोड़ी जिससे वाहन सीधे डिवाइडर से जा टकराया। दूसरी ओर हादसे में घायल उमर अहमद का कहना है कि सड़क पर ईंट पड़ी हुई थी। कार का पहिया ईंट पर चढ़ने के बाद चालक नियंत्रण खो बैठा और इसके बाद यह भीषण हादसा हो गया।

अब सवाल ये आता है कि आखिर ये अबान और अतीक अहमद हैं कौन और इस दुर्घटना की इतनी चर्चा क्यों हैं?

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कौन था अतीक अहमद?

अतीक अहमद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला था। वह एक समय इलाके का बड़ा बाहुबली माना जाता था और बाद में राजनीति में भी सक्रिय हुआ। वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद और विधायक भी रह चुका था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी, जमीन कब्जाने और आपराधिक साजिश जैसे 100 से ज्यादा मामले दर्ज थे। लंबे समय तक अपराध और राजनीति दोनों में उसकी पकड़ बनी रही पर फरवरी 2023 में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसके परिवार और आपराधिक नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई शुरू हुई जिसने पूरे परिवार की तस्वीर बदलकर रख दी।

अतीक अहमद का राजनीति सफर 

1989, 1991 और 1993 में अतीक अहमद लगातार तीन बार प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) पश्चिम विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक चुना गया। इसके बाद उसने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाद के चुनावों में भी वह इलाहाबाद पश्चिम सीट से विधायक बना। साल 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर उसने फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीता और सांसद बना।

उमेश पाल हत्याकांड 

अतीक अहमद के परिवार की मुश्किलें 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद तेजी से बढ़ीं। उमेश पाल साल 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। आरोप था कि इसी गवाही को लेकर पहले साल 2009 में उनका अपहरण कराया गया और बाद में 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उनकी और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। जांच एजेंसियों का आरोप था कि गुजरात की साबरमती जेल में बंद रहते हुए भी अतीक अहमद ने इस हत्याकांड की साजिश रची थी। फिर इस मामले में उसके बेटे असद और अली के नाम भी सामने आए। घटना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की। कई आरोपी गिरफ्तार हुए कुछ फरार हो गए और पूरे परिवार पर कानूनी शिकंजा कसता चला गया। इसी दौरान माता-पिता की गैरमौजूदगी के कारण अतीक के नाबालिग बेटे अहज़म और आबान को बाल संरक्षण गृह भेजा गया। करीब सात महीने बाद अदालत के आदेश पर दोनों की कस्टडी उनकी बुआ परवीन अहमद कुरैशी को सौंप दी गई। 

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अतीक और अशरफ की पुलिस हिरासत में हत्या

उमेश पाल अपहरण मामले में मार्च 2023 में प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अतीक अहमद को दोषी करार देते हुए उम्रक़ैद की सजा सुनाई थी। इसके कुछ ही दिन बाद 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ़ को पुलिस मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जा रही थी। दोनों मीडिया से बात कर रहे थे तभी पत्रकार बन कर पहुंचे तीन हमलावरों द्वारा बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई गई। पुलिस हिरासत में हुई इस वारदात में अतीक अहमद और अशरफ की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना लाइव कैमरों में कैद हो गई और पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई। इस दोहरे हत्याकांड ने उत्तर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल भी खड़े हुए। 

अतीक अहमद के पांच बेटे, अब क्या स्थिति है?

अतीक अहमद और उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन के पांच बेटे थे। सबसे बड़ा बेटा उमर अहमद एक रियल एस्टेट कारोबारी के अपहरण और रंगदारी के मामले में लखनऊ जेल में बंद हैं। दूसरा बेटा अली अहमद उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी माने जाते हैं और अभी झाँसी जेल में बंद है। तीसरे बेटा असद अहमद का नाम भी उमेश पाल हत्याकांड में सामने आया था। पुलिस द्वारा अप्रैल 2023 में झाँसी के पास हुई मुठभेड़ में उसे मारा गया था। चौथा बेटा अहजम अहमद फ़िलहाल पढ़ाई कर रहा है। जैसे ऊपर भी बताया गया है कि मां बाप की गिरफ़्तारी और गैरमौजूदगी के बाद वह अपने छोटे भाई आबान के साथ कई महीनों तक बाल संरक्षण गृह में रह रहा था और वर्तमान में अपनी बुआ के साथ रहता है। 

सबसे छोटा बेटा आबान अहमद कल 5 अगस्त 2026 को एक सड़क हादसे का शिकार हो गया। 

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छोटे भाई के शव को देखकर भावुक हुए अहज़म

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हादसे की खबर मिलते ही बड़ा भाई अहज़म झांसी पहुंचा और उन्होंने शव की पहचान की। भाई की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। हादसे के बाद अहज़म ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उनके दोनों भाइयों को आबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए। दरअसल आबान के बड़े भाई उमर और अली अलग-अलग जेलों में बंद हैं। इस बीच परिवार और अतीक अहमद के समर्थक लगातार उनके लिए दुआ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने परिवार के लिए संवेदना जताते हुए अहज़म और अन्य सदस्यों की सलामती की दुआ की है।

अहज़म द्वारा शव की पहचान की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम शुरू कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद आबान का शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा ताकि धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। इसी हादसे में जान गंवाने वाले दूसरे युवक सोनू के शव का भी पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद उसका शव भी उसके परिवार को सौंपा जाएगा। बता दें अबान अहमद का अंतिम संस्कार आज यानी 7 अगस्त 2026 को जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाना तय हुआ है। उसका शव प्रयागराज पहुंच चुका है और उसे अतीक अहमद की कब्र के पास ही दफनाया जाएगा। 

हादसे की वजह पता करने में जुटी पुलिस

झांसी पुलिस इस सड़क हादसे की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय कार की रफ्तार कितनी थी और आखिर दुर्घटना किस वजह से हुई। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या अचानक सामने कोई वाहन या जानवर आ गया था सड़क पर कोई बाधा थी या फिर कार में किसी तरह की तकनीकी खराबी थी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की असली वजह साफ हो सकेगी। फ़िलहाल ये हादसा सिर्फ सड़क दुर्घटना है या कोई राजनीति या साज़िश है ये कहा नहीं जा सकता। 

 

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