खबर लहरिया Blog ओडिशा में 2027 की जनगणना ड्यूटी के दौरान दो शिक्षकों की मौत 

ओडिशा में 2027 की जनगणना ड्यूटी के दौरान दो शिक्षकों की मौत 

                                    

जनगणना के काम में लगे दो स्कूल शिक्षकों की दो दिनों के भीतर मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों की तबीयत ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी और लू लगने की आशंका जताई जा रही है। 

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार: खबर लहरिया)

देश में साल 2027 में होने वाली जनगणना की तैयारियां धीरे-धीरे शुरू हो चुकी हैं। इसके तहत कुछ राज्यों में अप्रैल और मई से शुरुआती सर्वे का काम अलग-अलग तारीखों में शुरू किया गया है। इस काम में बड़ी संख्या में शिक्षक और सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटा रहे हैं। लेकिन तेज गर्मी के बीच यह ड्यूटी अब चिंता का कारण बनती दिख रही है।

(2027 जनगणना  – हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस जनगणना का पहला चरण होता है जिसमें घरों की संख्या, उनकी स्थिति और पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाती है। यह सर्वे इसलिए किया जाता है ताकि लोगों की रहने की स्थिति को समझकर सरकार सही योजनाएं बना सके और सुविधाएं बेहतर तरीके से पहुंचा सके।)

ओडिशा से ऐसी दो खबरें सामने आई हैं। इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के अनुसार जहां जनगणना के काम में लगे दो स्कूल शिक्षकों की दो दिनों के भीतर मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों की तबीयत ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी और लू लगने की आशंका जताई जा रही है। बता दें यह घटना 27 अप्रैल 2026 की है। 

पहली घटना मयूरभंज जिले की है। यहां बैद्यनाथ हाई स्कूल के शिक्षक राजकापुर हेमब्रम को जनगणना के लिए तीन गांवों का जिम्मा दिया गया था। परिवार का कहना है कि घर-घर सर्वे करने के बाद जब वे लौटे तो अचानक बेहोश हो गए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि तबीयत ठीक न होने के बावजूद उन पर काम जारी रखने का दबाव था।

दूसरी घटना सुंदरगढ़ जिले में हुई। यहां जरादा सरकारी हाई स्कूल के शिक्षक अनुराग एक्का जनगणना ड्यूटी के दौरान बीमार पड़ गए। पहले उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल भेजा गया जहां उनकी मौत हो गई।

इससे पहले सोनपुर जिले में भी जनगणना से जुड़े एक कर्मचारी की ड्यूटी से लौटने के बाद दिल का दौरा पड़ने से मौत होने की खबर सामने आई थी। ऐसे में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने जनगणना ड्यूटी की व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

शिक्षकों का विरोध 

बता दें इस समय देश के कई हिस्सों में जनगणना से जुड़े सर्वे का काम शुरू हो चुका है। इसी बीच छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों से शिक्षकों के विरोध की खबरें भी सामने आई हैं। शिक्षकों का कहना है कि अप्रैल-मई की भीषण गर्मी में फील्ड सर्वे का काम करना मुश्किल और स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा है। साथ ही उनकी मांग है कि सर्वे के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल ऐप और डिजिटल कामकाज को देखते हुए सरकार उन्हें नया स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए ताकि काम बिना किसी तकनीकी परेशानी के पूरा किया जा सके।

गर्मी में जनगणना 2027 की शुरुआत: शिक्षकों का विरोध, स्वास्थ्य और मोबाइल नियम बने चिंता का कारण

बीमारी के बावजूद काम का दबाव होने का आरोप

मृतक शिक्षक राजकापुर हेमब्रम के परिवार का आरोप है कि उन्होंने अपनी खराब तबीयत की जानकारी पहले ही अपने साथ काम करने वाले लोगों को दे दी थी। इसके बावजूद जनगणना का काम जारी रखने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि अस्वस्थ होने के बाद भी लगातार फील्ड में काम करने की वजह से उनकी हालत और बिगड़ गई जो आखिरकार उनकी मौत की वजह बनी।

पहले चरण के सर्वे में बड़ी संख्या में शिक्षक तैनात

ओडिशा में जनगणना के पहले चरण यानी हाउस-लिस्टिंग सर्वे काम में करीब एक लाख गणनाकर्मी लगाए गए हैं जिनमें ज्यादातर स्कूल शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 17 हजार पर्यवेक्षक भी इस सर्वे की निगरानी और संचालन में लगे हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के मैदान में उतरने के बीच उनकी सुरक्षा, काम का दबाव और मौसम की मार जैसे मुद्दे अब गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।

जानकारी के लिए बता दें आज यानी 29 अप्रैल 2026 को ओड़िसा में गर्मी का तापमान 37 डिग्री है। 

मौत की वजह की जांच जारी

विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि दोनों घटनाओं की जांच के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ही मौत के कारण का सही पता चल पाएगा। वर्तमान में इसपर जांच चल रही है। इससे पहले यानी 21 अप्रैल को भी सोनपुर जिले से ऐसी ही एक खबर सामने आई थी जहां जनगणना ड्यूटी से लौटने के बाद एक जनगणनाकर्मी की कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जनगणना ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 

राज्य सरकार ने गर्मी को देखते हुए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कर्मचारियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक तेज धूप में काम न करने, ज्यादा पानी पीने और अपने साथ ओआरएस रखने की सलाह दी गई है। लेकिन सवाल यह है कि जब तापमान लगातार बढ़ रहा है तब मैदान में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे तय होगी।

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