इस भर्ती से जुड़े दो और भी बड़े बदलाव किए गए हैं। पहला बदलाव यह है कि वर्ष 2023 की भर्ती में सहायक शिक्षक पद के लिए डीएलएड के साथ दो वर्षीय बीएड डिग्री को भी मान्यता दी गई थी लेकिन इस बार बीएड धारकों को इस पद के लिए पात्र नहीं माना गया है।
छत्तीसगढ़ में 2,292 सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है पर इस समय बड़ा बदलाव जो इसमें है वो ये है कि विभाग ने इन पदों के लिए 21 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। दैनिक भास्कर की खबर अनुसार इस बार भर्ती के लिए यह शर्त रखी गई है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी के पास डीएलएड के साथ छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीजीटेट) या केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। इसी नियम के चलते प्रदेश के 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के इस भर्ती से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या सीटेट परीक्षा की तारीख को लेकर है। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) 6 सितंबर को आयोजित होने वाला है जबकि सहायक शिक्षक भर्ती के आवेदन 21 अगस्त को ही बंद हो जाएंगे। ऐसे में जो अभ्यर्थी इस बार सीटेट देने वाले हैं वे परीक्षा पास कर लेने के बाद भी इस भर्ती में शामिल नहीं हो सकेंगे। उनका कहना है कि पात्रता पूरी करने का मौका मिलने से पहले ही आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। यही कारण है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस नियम में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
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मामला
दरअसल इससे पहले हुई शिक्षक भर्तियों में ऐसी व्यवस्था नहीं थी। वर्ष 2019 और 2023 की भर्ती प्रक्रिया में पात्रता का आधार आवेदन की अंतिम तिथि नहीं बल्कि भर्ती परीक्षा या चयन प्रक्रिया के परिणाम जारी होने तक रखा गया था। उस समय जिन अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान टीईटी या सीटेट पास कर लिया था उन्हें भी चयन के लिए पात्र माना गया था। पर इस बार आवेदन की अंतिम तारीख को ही पात्रता की अंतिम सीमा तय कर देने से हजारों उम्मीदवारों के सामने आवेदन करने का अवसर ही खत्म हो गया है। अभ्यर्थियों को यह भी आशंका है कि कर्मचारी चयन मंडल आयोग की ओर से जल्द जारी होने वाली शिक्षक भर्ती में भी यही नियम लागू किया जा सकता है।
बीएड मान्य नहीं
वहीं इस भर्ती से जुड़े दो और भी बड़े बदलाव किए गए हैं। पहला बदलाव यह है कि वर्ष 2023 की भर्ती में सहायक शिक्षक पद के लिए डीएलएड के साथ दो वर्षीय बीएड डिग्री को भी मान्यता दी गई थी लेकिन इस बार बीएड धारकों को इस पद के लिए पात्र नहीं माना गया है। दूसरा बदलाव चयन प्रक्रिया की वैधता अवधि में किया गया है। पहले चयन सूची और प्रतीक्षा सूची दोनों एक वर्ष तक प्रभावी रहती थीं जबकि नई व्यवस्था में चयन सूची की वैधता केवल छह महीने और प्रतीक्षा सूची का अंतिम समय नौ महीने तय की गई है। इससे भविष्य में रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
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दैनिक भास्कर के रिपोर्ट अनुसार प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञ रवि गोयल का कहना है कि आवेदन की अंतिम तिथि को पात्रता का आधार बनाना अभ्यर्थियों के हित में नहीं है। उनके मुताबिक प्रदेश के हजारों युवा 6 सितंबर को होने वाली सीटेट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यदि वे परीक्षा में सफल भी हो जाते हैं तब भी वर्तमान नियमों के कारण इस भर्ती में आवेदन नहीं कर पाएंगे। उनका कहना है कि सरकार को वर्ष 2019 और 2023 की तरह इस बार भी परिणाम घोषित होने की तिथि को पात्रता की अंतिम सीमा माननी चाहिए ताकि योग्य अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर न होना पड़े।
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