खबर लहरिया Blog Ground Report: नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़, रिपोर्ट नहीं दर्ज करने का आरोप

Ground Report: नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़, रिपोर्ट नहीं दर्ज करने का आरोप

                                                   

 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की गौरिहार तहसील के बमोरी थाना अंतर्गत आने वाला एक गांव है जहां एक 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ गांव के ही एक 55 वर्षीय व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़ की गई। परिवार वालों का आरोप है कि आरोपी ने बच्ची के साथ गलत हरकत की जिसके कारण से लड़की काफी डरी हुई है। जब लड़की ने घर वालों को बताया तो घर वालों ने थाने में जाकर रिपोर्ट कराई लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई।

रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – रचना 

फोटो साभार: अलीमा

जानकारी के मुताबिक लड़की की मां ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी लड़की अभी 14 साल की है और वह मानसिक रूप से डिस्टर्ब (कमजोर) है। वह ज्यादा बोल नहीं पाती। घर से थोड़ी ही दूर पर आरोपी राम लखन तिवारी की दुकान है और  लड़की उसी दुकान पर सामान लेने जाती थी। आरोप है कि राम लखन तिवारी (जिसकी उम्र 55 वर्ष है) कई दिनों से लड़की के साथ गलत हरकत कर रहा था। कभी उसके सीने पर हाथ फेरता तो कभी उसके साथ अश्लील हरकत करता था। लड़की मानसिक रूप से थोड़ी कमजोर है इस कारण से वह ये बात नहीं बता पाती थी।

16 जुलाई 2026 को जब लड़की को उसकी मां ने सामान लेने भेजा तो लड़की ने इशारों में कहा कि वह वहां नहीं जाएगी। फिर उसकी मां ने जब पूछा कि क्यों नहीं जाना है तब लड़की ने बताया कि आरोपी उसके साथ गलत हरकतें करता है। ये पता चलने के बाद जब लड़की के परिवार द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाया गया तो थाने वालों द्वारा रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया गया। 

आरोपी द्वारा मिली धमकी

लड़की के पिता ने जानकारी देते हुए बताया कि जब वे लोग शिकायत करने थाने गए थे तो आरोपी द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। परिवार का आरोप है कि आरोपी ने थाने में पैसे दे दिए हैं जिसके कारण उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई।

लड़की के पिता का कहना है कि लड़की को सब झूठा साबित करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वह मानसिक रूप से कमजोर है। “लेकिन मेरी लड़की झूठ नहीं बोल रही है, उसने मुझे जो भी बताया है वह बिल्कुल सच है। 14 साल की लड़की झूठ थोड़ी न बोलेगी। वह उस दुकान पर जाने से इतना डरती है कि आरोपी को देखते ही घबरा जाती है। आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहा है और हमारी सुनवाई नहीं हो रही है। हम लोग चाहते हैं कि मेरी लड़की के साथ हुआ है कल किसी और के साथ न हो। इसलिए हम लोग न्याय चाहते हैं। आरोपी हम लोगों को धमकी देता है कि तुम्हारी बेटी पागल है चुपचाप बैठ जाओ अपनी बदनामी मत करो।” 

आरोपी को खुद ढूंढने के लिए कह रही है पुलिस

जब इस बारे में लड़की के भाई से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जब वे लोग पुलिस में शिकायत करने जाते हैं तो पुलिस का कहना होता है कि आप खुद आरोपी को ढूंढकर लाओ। “हम ढूंढ रहे हैं लेकिन वह नहीं मिल रहा है।”

उनका कहना है कि अगर आरोपी को जनता ही ढूंढने लगे तो पुलिस किस काम की? जब पुलिस आरोपी द्वारा धमकी की बात पुलिस को बताई गई तो वे उनकी बात नहीं मानते। कहते हैं कि “फालतू की बात मत करो वे ऐसा क्यों कहेंगे।” परिवार का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सका है। उनका कहना है कि अगर आरोपी को उन्हें ही ढूंढ़ना होता तो वे पुलिस के पास शिकायत लेकर क्यों जाते। 

परिवार के अनुसार वे शिकायत दर्ज कराने के लिए सुबह से शाम करीब 4 बजे तक थाने में बैठे रहे लेकिन पुलिस ने पहले बिजली न होने का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की। बाद में कहा गया कि उनकी रिपोर्ट वहां दर्ज नहीं होगी और उन्हें छतरपुर जाना पड़ेगा।

इसके बाद वे 3,500 खर्च कर जीप से छतरपुर पहुंचे और एडिशनल एसपी से शिकायत की। उन्होंने बताया कि वे इस मामले में दो बार एसपी कार्यालय गए। पहली बार 20 जुलाई को और दूसरी बार 28 जुलाई को। उनका आरोप है कि रिपोर्ट देर से दर्ज की गई जिससे आरोपी को फरार होने का मौका मिल गया। 

थाना प्रभारी ने क्या कहा

इस मामले में बमोरी थाना प्रभारी श्याम बेर द्वारा ये बताया गया कि शिकायत मिलते ही पुलिस टीम आरोपी की तलाश में गई थी लेकिन वह नहीं मिला और आरोपी फिलहाल फरार है और उसके मिलते ही पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने रिपोर्ट दर्ज न करने के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने शिकायत सुन ली थी और यदि परिवार एसपी से मिलना चाहता था तो उन्हें इसकी भी अनुमति दी गई थी।

एडिशनल एसपी ने जांच का भरोसा दिया

वहीं दूसरी तरफ एडिशनल एसपी आदित्य पटेल ने से जानकारी मिली कि उन्हें शिकायत मिली है कि थाने में समय पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में थाने से जानकारी ली जाएगी और यह पता किया जाएगा कि रिपोर्ट दर्ज करने में देरी क्यों हुई। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे के साथ हुई घटना गंभीर है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

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