खबर लहरिया Hindi FARMER PROTEST IN BHOPAL: मूंग की खरीद को लेकर भोपाल में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, किसान बैरिकेड तोड़ बस पर चढ़े

FARMER PROTEST IN BHOPAL: मूंग की खरीद को लेकर भोपाल में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, किसान बैरिकेड तोड़ बस पर चढ़े

मध्य प्रदेश के कई जिलों में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद की मांग और अन्य मुद्दों को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है। आज 29 जुलाई को कुछ घंटे पहले खबर आई है कि भोपाल में किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। किसान बैरिकेड तोड़ बसों पर चढ़ते नज़र आए। यह किसान मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे है। फिलहाल, प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास के पास भोपाल-होशंगाबाद सड़क पर डेरा डाले हुए हैं।

फोटो साभार: एएनआई

सोमवार 27 जुलाई को नर्मदापुरम के सेठानी घाट से किसानों ने भोपाल के लिए पदयात्रा शुरू की थी। यह किसान नर्मदापुरम, रायसेन और आसपास के जिलों से शामिल हुए थे। रात 28 जुलाई को भोपाल पहुंचे हैं। रास्ते में किसानों ने कई पुलिस बैरिकेड पार कर लिए, लेकिन वीर सावरकर सेतु के पास भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। यह जगह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सरकारी आवास से करीब 7 किलोमीटर दूर है। इसी बीच आज 29 जुलाई को पुलिस और किसानों के बीच झड़प भी देखने को मिली। किसानों को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेडस को तोड़ दिया और बस पर चढ़ गए।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार MSP विरोध प्रदर्शन पर ACP आदित्य राज सिंह ने कहा, “कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। गाड़ियों की आवाजाही सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं और ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है… वरिष्ठ स्तर पर बातचीत चल रही है। जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”

किसान साथ लाए अनाज और राशन

किसान इस बार पूरी तैयारी कर के आए हैं। वे अपने साथ अनाज की बोरियां, बिस्तर, खाना बनाने के बर्तन और कई दिनों तक चलने वाला राशन भी लेकर आए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने कल 28 जुलाई को पूरी रात सड़क पर बिताई, वहीं भोजन बनाया और दाल-बाटी खाकर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे भोपाल में डटे रहेंगे।

किसानों की मांग

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों की सबसे बड़ी मांग मूंग की फसल की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर करने की है। किसानों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में मूंग की खरीद सीमित मात्रा में होती है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को अपनी फसल कम कीमत पर बाजार में बेचनी पड़ती है।

किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार ने तुअर(अरहर, उड़द और मसूर जैसी दालों की 100 प्रतिशत एमएसपी खरीद की घोषणा की है, लेकिन मूंग के लिए अभी भी पुरानी व्यवस्था लागू है। इसके तहत खरीद अक्सर राज्य के अनुमानित उत्पादन के एक हिस्से तक सीमित रहती है।

किसानों की दूसरी बड़ी मांग खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को खत्म करने की है। किसान चाहते हैं कि खाद का वितरण ऑनलाइन टोकन के बजाय जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाए, ताकि सभी किसानों को आसानी से खाद मिल सके।

सरकार से जवाब की मांग

किसान नेता संतोष पटवारी ने कहा कि किसान पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को कई बार ज्ञापन भी दे चुके हैं। उनका आरोप है कि किसानों को उनकी मूंग की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, इसलिए उन्हें भोपाल तक मार्च करने का फैसला लेना पड़ा।

किसानों का कहना है कि बाजार में मूंग की कीमत MSP से कम मिल रही है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनकी प्रमुख मांग है कि सरकार MSP पर शत-प्रतिशत खरीद की कानूनी और व्यावहारिक गारंटी दे। इसके अलावा किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और खेती से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों के समाधान की भी मांग उठाई है।

मुख्यमंत्री आवास कूच के ऐलान को देखते हुए प्रशासन ने धरनास्थल से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं और कई इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है।

 

 

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