नेपाल के भोटेकोशी नदी में आई अचानक भीषण बाढ़ और तबाही ने इस समय भारी तबाही मचा रखी है। इस भीषण आपदा में अब तक तक़रीबन 162 लोगों की मौत चुकी गई। इस बाढ़ में हजार से ज़्यादा लोग अभी भी लापता हैं जिसमें कुछ भारतीय सेना, विदेश पर्यटक और तीर्थयात्री भी शामिल हैं।
बाढ़ में लापता लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है। मौतों का आंकड़ा बढ़ने की अभी भी आशंका है। बता दें ये बाढ़ नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत बॉर्डर पर आई है।
बीते 26 अगस्त 2026 को करीब 8 बजे के आसपास नेपाल और चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में इसे तेज भूकंप बताया गया। फिर बाद में जानकारी सामने आई कि ये झटके पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ़ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था उसका था। माना जा रहा है कि इस बाढ़ का कारण सीमा के तिब्बत वाले हिस्से से भोटे कोशी नदी में अचानक और भारी मात्रा में पानी का आना था। वीडियो में दिख रहा है कि मिट्टी और चट्टानों की एक दीवार इमारतों, सड़कों और गाड़ियों को बहा ले जा रही है। यह बाढ़ इतनी तेज गति से आई कि लोगों को बचने का मौका तक नहीं मिल सका।
🇳🇵 Deeply saddened by the devastating tragic floods in Nepal. 🙏🏻
The massive flash floods have caused widespread destruction, affecting communities, homes and infrastructure and leaving many families in distress.
My thoughts and prayers are with everyone affected in this… pic.twitter.com/sD38Z1GSqM
— Sonal Goel IAS 🇮🇳 (@sonalgoelias) August 26, 2026
बाढ़ की तबाही का एल अलग मंजर देखा गया जिसमें बाढ़ सब कुछ बहा ले गया।
The sudden release of water by China due to heavy rains has caused flooding in many areas of Nepal, and hundreds of people are reported missing. pic.twitter.com/ggWwqcUFHJ
— Raj Singh Chaudhary ਰਾਜ ਸਿੰਘ ਚੌਧਰੀ راج سنگھ چوہدری (@RajSingh_Jakhar) August 26, 2026
नेपाल में बाढ़ आने का कुछ और भी कारण
– एक और कारण माना जा रहा है कि तिब्बत में भारी बर्फबारी और भूकंप के कारण झीलों का निर्माण हुआ था। इसमें भारी मात्रा में पानी जमा था जो किसी कारण से टूट गया और पूरा पानी नीचे की ओर तेजी से बहने लगा।
– भूवैज्ञानिकों का मानना है कि इस बाढ़ के पीछे किसी ग्लेशियर या ग्लेशियर से बनी झील के टूटने की भी आशंका है। संभावना है कि ऊंचाई वाले इलाके में ऐसी ही कोई ग्लेशियर झील बनी हो। भूकंप या किसी दूसरी प्राकृतिक हलचल के कारण अगर यह झील अचानक टूट गई होगी तो उसमें जमा पानी तेजी से नीचे आया होगा।
– एक और कारण पर्माफ्रॉस्ट को भी माना जा रहा है। पर्माफ्रॉस्ट का मतलब इसी ज़मीन, मिट्टी, चट्टान से है जो लगातार कम से कम दो साल तक 0 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान में जमी रहती है। ये आम तौर पर बहुत ऊँचे और ठंडे पहाड़ी इलाकों में पाई जाती है। तिब्बत जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में अगर भूकंप या किसी दूसरी वजह से जमी हुई जमीन और चट्टानों का हिस्सा टूटकर नीचे आया होगा, तो उसके साथ बड़ी मात्रा में पानी और मलबा भी नदियों में पहुंच गया होगा। पानी और मलबे के इस तेज बहाव ने अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी।
इस पर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि शुरुआत में मिली जानकारी के मुताबिक भूकंप के बाद पहाड़ों पर बर्फ और मलबे का बड़ा हिस्सा नीचे खिसका, जिससे भोटे कोशी नदी के इलाके में अचानक बाढ़ की स्थिति बनी हो सकती है। अधिकारियों ने रसुवा जिले के स्याप्रु बेसी और तिमुरे इलाके में अचानक बाढ़ आने की पुष्टि की है।
नेपाल बाढ़ का बाकी राज्यों पर असर
नेपाल में बाढ़ का असर अब भारत के कुछ राज्यों में भी दिखाई देने की आशंका है। इसका सबसे ज़्यादा असर बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी नदियों पर पड़ सकता है। नेपाल से करीब 3 मीटर उंची बाढ़ की लहर आने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके चलते बिहार के कई जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास नजर रखी जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर को भी अलर्ट पर रखा गया है। नेपाल से आने वाला पानी त्रिशुली नदी के रास्ते गंडक में पहुँचेगा। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी बढ़ने का खतरा है। इस बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश पर भी देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश महाराजगंज और कुशीनगर में बाढ़ को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
नेपाल बाढ़ पर सरकार क्या कह रही है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट में लिखा है कि “मैंने प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।”
Spoke to Prime Minister Balendra Shah and conveyed condolences on the loss of lives due to the floods in Nepal. The people of India stand in solidarity with their sisters and brothers in Nepal at this difficult time.
India is ready to provide all possible humanitarian…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 26, 2026
कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने एक्स पर लिखा कि “कल काठमांडू के लिए रवाना हुआ, पहाड़ियों में घटी भयावह घटना और उससे हुए विनाशकारी नुकसान से पूरी तरह अनभिज्ञ था। तिब्बत सीमा के पास उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे व्यापक तबाही मचा दी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि ग्लोबल वार्मिंग और/या तिब्बत में आए भूकंप के कारण ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिर गया होगा। पहुंचने पर पता चला कि कई लोगों की जान जा चुकी है (अब तक 160 की पुष्टि हो चुकी है) और लगभग 2000 या उससे अधिक लोग लापता हैं। उग्र बाढ़ के पानी ने कम से कम 19 मोटर योग्य पुलों को नष्ट कर दिया, बेत्रावती-रसुवागढ़ी राजमार्ग का लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा बह गया और आठ चालू जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुँचाया। मैं राहत सहायता के लिए भारत सरकार के तत्काल वादे का पूरी तरह से समर्थन करता हूँ। नेपाल को हर संभव मदद की ज़रूरत है। मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिजनों के साथ हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जिनमें कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले सौ लोग भी शामिल हैं। लापता लोगों के लिए प्रार्थना; ईश्वर करे उन्हें जल्द ही बचा लिया जाए।”
Took off for Katmandu yesterday, blissfully unaware of the drama that had taken place in the hills and caused such catastrophic damage. A severe, sudden flash flood struck northern Nepal’s Rasuwa district near the Tibet border, causing widespread destruction along the Bhote… pic.twitter.com/qxcDJgEK8C
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) August 27, 2026
नेपाल बाढ़ को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिख कर कुछ निर्देश दिए हैं। “नेपाल के ऊपरी जल निगम क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति पर नजर डालते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में संबंधित उत्पाद को पूरी तरह से बनाए रखने का निर्देश दिया गया। पश्चिम मंदिर, पूर्वी मंदिर, गोपालगंज, सारणी, कांच और आभूषण जिसमें सजावटी सजावटी वस्तुएं शामिल हैं, रात्रि-रात्रि पर्यवेक्षण, नाइट पेट्रोलिंग और आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के प्रतिष्ठित अनुयायी हैं। कर्मियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित जिलों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली सहित संवेदनशील जिलों में तटबंधों की दिन-रात निगरानी, नाइट… pic.twitter.com/GC17LouTlm
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 26, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार भी इस बाढ़ से अलर्ट जारी किया है। यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि “नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है।
भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।”
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है।
भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है।
इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ की संभावना के…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 26, 2026
पश्चिम बंगाल सरकार नेपाल में फंसे अपने राज्य के पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, कामगारों और कारोबारियों की जानकारी जुटा रही है। सरकार भारतीय दूतावास और नेपाल के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है, ताकि वहां फंसे लोगों की स्थिति का पता लगाया जा सके और जरूरत पड़ने पर मदद पहुंचाई जा सके।
चंदननगर और उत्तर 24 परगना के बारासात के कुछ लोगों के भी नेपाल में फंसे या लापता होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे लोगों के परिजनों की मदद के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। परिजन 033-24793311 और 9147890181 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं कोलकाता पुलिस ने 18003455678 और व्हाट्सऐप के लिए 9874902880 नंबर जारी किया है।
कुछ और राज्यों ने हेल्पलाइन नंबर जारी की है
– उत्तर प्रदेश: 1070
– महाराष्ट्र: 1070 और +91-9321587143
– तेलंगाना: 9871999044, 9949351270 और 9618597969
– राजस्थान: 1070, 112 और 0141-2851960, 0141-2385776, 0141-2385777, 0141-2227296, 0141-2927392, 0141-2227603
– ओडिशा: 011-23012807, 7428135044 और 8527580245
– सिक्किम: 03592201145, 03592202461 और 03592202256
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