वर्तमान में महिलाओं से जुड़ी बड़ी सरकारी योजनाओं में अहम बदलाव हुए हैं। एक तरफ महाराष्ट्र सरकार द्वारा लाडली बहन योजना के सत्यापन के बाद 92 लाख महिलाओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया है। अब जानते हैं इन दोनों राज्यों की इन महिला-संबंधी योजनाओं में क्या-क्या बदला है।
दरअसल महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री ‘माझी लाडली बहिन योजना’ में बड़े स्तर पर जांच और सत्यापन के बाद करीब 92 लाख लाभार्थियों (महिलाओं) के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यानी अब महिलाओं को हर महीने का सहायता राशि 1,500 रुपए नहीं मिलेगा। पहले इस योजना का लाभ करीब 2.43 करोड़ महिलाएं ले रही थीं लेकिन अब यह संख्या घटकर करीब 1.5 कारोड़ रह गई है। यानी सत्यापन के दौरान करीब 38% लाभार्थियों को आपात्र पाया गया या उन्होंने योजना की जरुरी शर्तें पूरी नहीं की। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले सरकार ने करीब 80 लाख नाम हटाने की बात कही थी लेकिन जांच पूरी होने के बाद यह संख्या 92 लाख तक पहुंच गई।
नाम क्यों हटाए गए और योजना क्या है?
मुख्यमंत्री माझी लाडली बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार ने 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की थी। इसका मकसद जरुरतमंद महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए देना है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक जांच में कई गड़बाड़ियाँ सामने आईं हैं। करीब 23 लाख महिलाएं ऐसी मिली जिनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपए से अधिक थी इसलिए वे योजना के नियमों के अनुसार पात्र नहीं थीं। वहीं करीब 29 हजार पुरुष भी महिलाओं के लिए बनी इस योजना का गलत तरीके से लाभ ले रहे थे।
इसके अलावा लगभग 5 लाख महिलाएं पहले से नमो शेतकरी योजना का लाभ ले रहीं थीं इसीलिए उनके नाम भी सूची से हटा दिए गए । कई मामलों में ई-KYC पूरा न होना और दस्तावेजों में गड़बड़ी भी नाम हटने की वजह बनी।
सरकार का कहना है कि यह कार्यवाही केवल रिकॉर्ड अपडेट करने की कार्यवाही नहीं है यह सरकारी योजनाओं को ज़्यादा पारदर्शी बनाने और सही लोगों तक लाभ पहुँचाने की कोशिश है। इस कार्यवाही से सरकार को बजट का बेहतर प्रबंधन करने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक जिन लोगों को बाद में आपात्र पाया गया उन्हें भुगतान रोके जाने से पहले तक करीब 14 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके थे।
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने जानबूझकर गलत दस्तावेज देकर या नियमों के खिलाफ योजना का लाभ लिया हे जैसे सरकारी कर्मचारी, पुरुष लाभार्थी या फर्जी दस्तावेज लगाने वाले उनसे रेवेन्यू रिकवरी रसीद (Revenue Recovery Receipt) के जरिए राशि वापस वसूली जाएगी। इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
महिलाओं से संबंधित एक खबर दिल्ली से भी
दिल्ली सरकार ने महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने वाली महिला समृद्धि योजना का नाम बदल कर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है। वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार द्वारा 13 जुलाई को इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी गई। इस योजना का ऐलान बीजेपी सरकार द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले किया गया था। इसके लिए 2025 के बजट में 5,100 करोड़ रुपए भी तय कर दिए थे, लेकिन अब तक यह योजना शुरू नहीं हो सकी है।
सरकार का कहना है कि योजना के नाम में दिल्ली जोड़ने का मकसद यह दिखाने का है कि यह योजना राजधानी की महिलाओं के लिए एक बड़ी सरकारी योजना है। माना जा रहा है कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर इस योजना की शुरुआत हो सकती है। हालाँकि, महिलाओं के खाते में पूरे 2500 रुपए नहीं भेजे जाएँगे। जानकारी के मुताबिक राशि का एक हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा किया जाएगा और बाकी रकम डीबीटी के ज़रिए सीधे बैंक खाते में भेजे जाएँगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर लिखा है कि “दिल्ली से किया एक और वादा अब पूरा होने जा रहा है। नारी सशक्तिकरण के हमारे संकल्प को नई शक्ति देते हुए महिला समृद्धि योजना अब ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के नाम से शुरू होगी। रक्षाबंधन के आसपास इसके शुभारंभ का लक्ष्य है। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर माह ₹2,500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पात्रता के स्पष्ट और पारदर्शी मानक तय किए गए हैं, ताकि इसका लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुँचे। माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पिछले डेढ़ साल में नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए मिशन मोड में अनेक ऐतिहासिक पहल की हैं। और…यह अभियान निरंतर नई गति के साथ आगे बढ़ रहा है।”
दिल्ली से किया एक और वादा अब पूरा होने जा रहा है।
नारी सशक्तिकरण के हमारे संकल्प को नई शक्ति देते हुए महिला समृद्धि योजना अब ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के नाम से शुरू होगी। रक्षाबंधन के आसपास इसके शुभारंभ का लक्ष्य है। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर माह… pic.twitter.com/Dp2JglCvGR
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 13, 2026
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
बता दें, दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ 21 से 60 साल की महिलाओं को मिलेगा। इसके लिए महिलाओं का कम से कम दस साल से दिल्ली का निवासी होना, परिवार की सालाना आया 2.5 लाख रुपए से कम होना और किसी भी तरह का आपराधिक रिकॉर्ड न होना जरुरी है। इसके अलावा अगर परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशन वाला रिटायर्ड कर्मचारी है या घर में कार है तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार द्वारा हाल ही में नए राशन कार्ड बनाने और पुराने राशन कार्डों की जांच का काम भी शुरू किया गया है। जांच के दौरान लाखों आपात्र लोगों के नाम सूची से हटाया गया है। अब बताया जा रहा है कि दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ देने में यही राशन कार्ड सबसे अहम दस्तावेज होगा और पात्रता तय करने में इसी का इस्तेमाल किया जाएगा।
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