खबर लहरिया Blog Ladli Behna Awas Yojana : “मुख्‍यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना’’ के लाभ से वंचित महिलाएं 

Ladli Behna Awas Yojana : “मुख्‍यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना’’ के लाभ से वंचित महिलाएं 

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना आवास योजना के तहत उन महिलाओं को पक्का मकान उपलब्ध कराना है जिन्हें अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला। लेकिन इसके बावजूद कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें पूरे कागज जमा करने के बाद भी इस योजना का लाभ नहीं मिला है। 

कच्चे मकान की तस्वीर (फोटो साभार : अलीमा तरन्नुम)

रिपोर्ट – अलीमा तरन्नुम, लेखन – सुचित्रा 

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 28 जनवरी 2023 को पूरे मध्य प्रदेश में “मुख्‍यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना’’ को सितम्बर 2023 में लागू किया गया। इस योजना का नाम पहले “मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना” था। इस योजना के तहत महिलाओं को पक्का घर बनवाने के लिए 1 लाख 20 हज़ार रुपए मिलते हैं। जानकारी के मुताबिक लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को दिया जाएगा जिन्हें पहले से लाड़ली बहना योजना के तहत मासिक राशि मिल रही है। यानी जो महिलाएँ लाड़ली बहना योजना की पात्र हैं और नियमित रूप से इसका पैसा प्राप्त कर रही हैं, वही लाड़ली बहना आवास योजना के लिए भी पात्र मानी जाएँगी।

“दो बार फॉर्म भरा लेकिन आवास नहीं मिला” – शांति 

छतरपुर जिले के ग्राम धर्मपुर की रहने वाली शांति अहिरवार को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिलता है। पहले उन्हें 1000 रुपए मिलते थे और बाद में यह राशि बढ़कर 1500 रुपए हो गई। शांति को बताया गया था कि यदि उन्हें लाड़ली बहना योजना का पैसा मिल रहा है तो वे लाड़ली बहना आवास योजना की भी पात्र होंगी।

इसी जानकारी के आधार पर शांति ने पंचायत में लाड़ली बहन आवास योजना का फॉर्म भरा। उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और लाड़ली बहन योजना का प्रमाणपत्र दस्तावेज जमा किए। उनका कहना है कि उन्होंने दो बार फॉर्म जमा किया, लेकिन इसके बाद भी अब तक उन्हें कोई राशि नहीं मिली है।

शांति अभी भी कच्चे मकान में रहती हैं। बारिश के दौरान उनका घर ढह गया था, लेकिन न उन्हें मुआवजा मिला और न ही आवास योजना की किस्त। छत बनाने की जरूरत होने के बावजूद उन्हें किसी तरह की मदद नहीं मिल रही।

शांति का कहना है “सरकार ने चुनाव के समय हमें सिर्फ़ लालच दिया। 1000 रुपए देकर बहनों को भरोसा दिलाया और बाद में कहा कि आवास योजना भी मिलेगी। लेकिन यह सब कागज़ों में ही है, जमीन पर अभी तक कुछ भी नहीं हुआ।”

कच्चे मकान की तस्वीर (फोटो साभार : अलीमा तरन्नुम)

गांव की रामदेवी अहिरवार बताती हैं कि उन्होंने भी “लाड़ली बहना आवास योजना” के लिए फॉर्म भरा था। फॉर्म भरवाने में उनका 500 रुपए खर्च हुआ। सरकार से जो 1000 रुपए मिलते हैं, उसी में से उन्होंने दो बार फॉर्म भरा, यानी कुल 1000 रुपए खर्च हो गए, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई लाभ नहीं मिला।

रामदेवी का कहना है कि न तो कोई अधिकारी उनके घर जांच के लिए आया और न ही पंचायत में यह साफ जानकारी है कि योजना का लाभ कब मिलेगा या मिलेगा भी नहीं। इससे उन्हें लगता है कि यह योजना सिर्फ दिखावे के लिए शुरू की गई है।

उन्होंने कई बार सरपंच और सचिव से भी शिकायत की, लेकिन उनका जवाब यही रहता है कि “जब ऊपर से पैसा नहीं आ रहा है, तो हम क्या कर सकते हैं।”

रामदेवी नाराज़गी जताते हुए कहती हैं “अगर इस बार चुनाव होंगे तो हम बीजेपी को वोट नहीं देंगे। सरकार महिलाओं को थोड़े से पैसे देकर भरोसा दिलाती है कि योजनाओं का लाभ मिलेगा, लेकिन असल में कुछ नहीं मिलता। हम आज भी कच्चे घर में रह रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना नहीं मिला और अब लाड़ली बहना आवास योजना भी नहीं मिली। हम उम्मीद कर रहे थे कि कम से कम इस योजना से पक्का घर बन जाएगा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।”

“क्या हम मुख्यमंत्री की बहन नहीं हैं?” – सुनीता देवी

गांव की ही सुनीता देवी का कहना है कि उन्हें अब तक लाड़ली बहना योजना का कोई लाभ नहीं मिला है। उनका आरोप है कि वे लाडली बहना योजना का फॉर्म भरने गई थीं लेकिन वहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि फॉर्म भरने की तारीख निकल चुकी है और सभी आवेदन पहले ही भरे जा चुके हैं। बाद में जब उन्होंने फॉर्म भरवाया भी तो उनका आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया।

वे सवाल उठाती हैं कि “क्या गांव की महिलाएं लाडली बहना योजना में नहीं आतीं? क्या हम मुख्यमंत्री जी की बहन नहीं हैं?”

सुनीता देवी आगे बताती हैं कि उन्होंने सुना था कि दोबारा लाडली बहना योजना के फॉर्म भरे जाएंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि जब लाडली बहना योजना में उनका नाम ही नहीं जुड़ा, तो लाडली बहना आवास योजना का लाभ उन्हें कैसे मिलेगा।

आर्थिक स्थिति बताते हुए सुनीता देवी कहती हैं कि वे स्वयं मजदूरी करती हैं और उनके पति भी मजदूरी करते हैं। दोनों को दिनभर की मेहनत के बाद लगभग 300 रुपये मिलते हैं। उनके साथ तीन बेटियां हैं। अगर उन्हें इस योजना के तहत 1000 रुपये प्रतिमाह मिल जाते तो बच्चों के पालन-पोषण में कुछ राहत मिलती।

प्रधान के पास इस समस्या का हल नहीं 

गांव के प्रधान संतोष अहिरवार ने बताया कि गांव में कई लोगों के लाडली बहना आवास योजना के फॉर्म ग्राम पंचायत स्तर पर भरे गए थे लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि योजना की राशि कब जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ब्लॉक स्तर पर भी अभी कोई ठोस जानकारी या चर्चा नहीं है।

प्रधान संतोष अहिरवार से पूछने पर यही पता चला कि इसके बारे में उनके पास भी कोई ठोस जवाब नहीं है। उन्होंने बताया कि पंचायत की ओर से इस विषय में लिखित रूप से प्रस्ताव और जानकारी भेजी गई है। जैसे ही शासन से आदेश या राशि जारी होगी जिन लोगों के फॉर्म भरे जा चुके हैं और जो पात्र होंगे, उन्हें योजना का लाभ निश्चित रूप से दिया जाएगा।

वहीं सीईओ अजय सिंह ने कहा कि शासन की प्राथमिकता पहले प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तें जारी करने की है, उसके बाद ही लाडली बहना आवास योजना की किस्तें डाली जाएंगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह तय नहीं है कि योजना की राशि कब तक जारी होगी, लेकिन इसे भविष्य में जरूर जारी किया जाएगा।

सरकार की योजना सिर्फ नाम की है इसका वास्तव में लाभ उन लोगों को नहीं मिल रहा है जिसके नाम पर यह योजना शुरू की जाती है। सवाल करने पर भी आपको सीधा जवाब नहीं मिलता और न ही कोई हल मिलता है। आखिर यह योजना किस काम की जब  ज़रूरतमंद लोग इसका लाभ नहीं उठा पाते? 

 

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Comments:

  1. Ladle bhan aavas yojna

  2. Garam dudhi post umarkot stat jhabua mp

  3. Mananiy Mahadev se Hamara nivedan Hai Ki Humko ladli Lakshmi Yojana ke antargat pakka Makan nahin mila hai

  4. बिलकूल सही हे गावं के सरपंच नेता मंत्री कोई नही सूनता हमारे यहा भी फाऀम भरे पर कोई लाभ नही रददी समझ कर ढेर कर दिए ओर चूतीया बना रहे पागलो की तरह पंचायत तहसील सरंपच मंत्री के चककर काटे फिर भी कौई लाभ नही 2 बार फाऀम भरे पर कोई आवास नही मिले लोगौ को

  5. Sant Kumar says:

    मेरी आवस नही आया

  6. Rinkisahu says:

    अभी तक तीसरा चरण चालू नहीं हुआ मैं गांव मंगलोर से रिंकी साहू बोल रही हूं जो कि हमारे पास ना कोई खेती है ना बड़ी है ना कोई धंधा ना पानी है मजदूरी करते फिर भी हमको लाडली बहन हमको नहीं मिला हमारे भी दो बच्चे हैं एक लड़का एक लड़की हमें भी हजार रुपए का भी ₹1500 जो भी लाडली बहन का मिल रहा है सबको हमें भी मिला होता तो अपने बच्चों के लिए ट्यूशन कम से कम पढ़ने को होता फॉर्म कब से भरा जाएगा हमें इंतजार है हमारे मध्य प्रदेश के मोहन यादव मुख्यमंत्री ने बोले थे कि भाई दूज के बाद फॉर्म भरा जाएगा जिस बहनों को लाडली बहन का लाभ नहीं मिल रहा है उसे दोबारा मिल जाएगा

  7. Monu Yadav says:

    Yadav Salaiya.pamar

  8. Neetu tiwari says:

    Hmara bhi kaccha ghar h or hmara koi sahaye nhi h hme bohot jarurat h pakke ghar ki or abhi to thik h jb barish hoti h to hm paresan ho jate h hm to kese n kese kat lete h pr hmare baccho ki taklif hmse dekhi nhi jati or kacche ghro jo khapde lagaye hote h vo bhi bandr khud kud ke thod dete h hamara koi nhi h ek aap hi h jo hamare ghr banvane ki akhri ummid h hm bohot paresan bhiya aap se nivedan h ki aap hmari ummido ko mt todiyee or jalad se jald hmara ghr banvane ki rashi dekar hmara samadhan kariyee aap hi h hamari ummid ka chirag aap ko hat jod kar pranam karti hu me ek chote se gao se hu

  9. Santradave says:

    Santradave isipower

  10. Santradave says:

    Dhannalalmeenaemail93çom

  11. Reema Singh says:

    Mujhe bhi awas yojna ka labh chahiye mere pass na mera apna ghar hai na koi zameen hai mera sarve kiya Jaye shree Maan Mera mobile number 9827751897 hai dhanyawad

  12. Nilofar Sheikh says:

    Hame bhi chahiye hamare pass bhi na ghar hai na hi jamin

  13. Vijay Shankar Urmaliya says:

    हमें आवास नहीं मिला

  14. Nirmla bai says:

    Hame bhi chahiye hamara makan bhi kachha h

  15. Nirmla bai says:

    Hame bhi chahiye hamara makan bhi kachha h mobile number 9691878331

  16. Mujhe bhi chahie na mere pass Ghar hai Na hi jameen hai

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