खबर लहरिया Hindi केन बेतवा लिंक परियोजना – चिता आंदोलन के नेता अमित भटनागर को पुलिस द्वारा हटाया गया, भारी पुलिस बल तैनात

केन बेतवा लिंक परियोजना – चिता आंदोलन के नेता अमित भटनागर को पुलिस द्वारा हटाया गया, भारी पुलिस बल तैनात

केन बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में छतरपुर जिले के कुपी गांव में विरोध स्थल से केन-बेतवा आंदोलन के मुखिया अमित भटनागर और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा यह कार्रवाई रविवार 19 जुलाई सुबह करीब 5 बजे की गई। बताया जा रहा है कि अमित भटनागर को पुलिस द्वारा अस्पताल में जाँच के लिए ले जाया गया है और आंदोलन से जुड़े सभी लोगों को बस द्वारा उनके घर भेज दिया गया। इसी तरह की खबर दिल्ली के जंतर मंतर से कल 18 जुलाई को आई थी जहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सुबह ही अस्पताल ले गई थी जबकि वह भी भूख हड़ताल पर हैं। 

केन बेताव लिंक परियोजना के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोग और भारी पुलिस बल (फोटो साभार: अलीमा)

रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – सुचित्रा 

आंदोलनकारी दिव्या अहरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आंदोलन 3 जुलाई से लगातार चल रहा है। अमित भटनागर जी पिछले 14 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। आंदोलनकारियों का आरोप है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना में लगभग 400 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है और कानून का उल्लंघन किया गया है। इसी को लेकर वे प्रशासन से संविधान के अनुसार अपने हक-अधिकार की मांग कर रहे थे।

दिव्या अहरवार के अनुसार, आज अमित भटनागर जी मीडिया के सामने इस 400 करोड़ के भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले थे। उससे पहले ही पुलिस ने आंदोलन स्थल से सभी को हिरासत में ले लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के पीछे मुख्यमंत्री का हाथ है। उनका कहना है कि पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन के साथ एक बैठक में आंदोलन को खत्म करने की साजिश रची गई।

दिव्या अहरवार ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर अमित भटनागर जी को कुछ होता है या किसी भी आंदोलनकारी को खरोंच भी आती है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की होगी।”

उन्होंने मीडिया और आम लोगों से अपील की कि इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए। साथ ही सभी आदिवासी भाई-बहनों से कहा कि वे गलत और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं। उनका कहना था, “अगर आज हम नहीं बोले तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।”

फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार लोगों को कहां रखा है और उन पर क्या आरोप लगाए गए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

अमित भटनागर को इलाज के लिय अस्पताल ले जाया गया 

खबर लहरिया को बिजावर एसडीएम विजय द्विवेदी ने बताया कि ग्राम कुपी में बराना नदी के पास प्रदर्शन कर रहे अमित भटनागर और उनके कुछ साथियों की तबीयत बिगड़ गई थी। मानवता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पुलिस की मदद से सभी को समझाकर बिजावर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। अभी डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। इसके साथ ही बारिश और खराब मौसम की वजह से प्रदर्शन में शामिल पन्ना जिले के बाकी लोगों को भी बस से सुरक्षित रूप से पन्ना भेज दिया गया है। एसडीएम ने कहा कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

पहले भी गिरफ्तार किया था अमित भटनागर को 

इससे पहले भी जब आंदोलन किया गया था तो भी 8 मई 2026 को प्रदर्शन के दौरान आंदोलन के नेता अमित भटनागर समेत 9 किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में जिले के कई गांवों से हजारों किसान सड़कों पर उतर आए और पन्ना एसपी कार्यालय का घेराव कर रातभर धरना दिया था। 

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आपको बता दें कि केन बेतवा लिंक परियोजना में लोगों की जमीन चली गईं है और उनका आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। इसलिये छतरपुर और पन्ना जिले के कई गांव के लोग यहां 17 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन में प्रतीकात्मक रूप से चिता आन्दोलन यानी चिता पर लेटे जिंदा लोग, मिट्टी सत्याग्रह, फांसी में प्रतीकात्मक तरीके से लटके जिंदा लोग, पानी सत्याग्रह कर के ग्रामीण अपना विरोध जता रहे थे। 

दिल्ली के जंतर मंतर पर भी पुलिस द्वारा कार्यवाई 

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को उठा लिया गया। शनिवार यानी 18 जुलाई को सुबह-सुबह जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान पहुंचे जिसके बाद अनशन कर रहे सोनम वांगचुक और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को वहां से हटाने की कोशिश की गई थी और पुलिस द्वारा कहा गया था कि शांतिपूर्वक इस जगह को खाली कर दिया जाये। नीचे दिए गए लिंक में 18 जुलाई को जो भी हुआ उसकी पूरी जानकारी है। आप लिंक पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं। 

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