बिहार के पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड में बन रहा रेलवे ओवरब्रिज लोगों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। इस पुल का निर्माण वर्ष 2005 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब 2026 का आधा साल भी बीतने वाला है और आज तक ओवरब्रिज बन कर तैयार नहीं हो सका है।
रिपोर्ट – सुमन, लेखन – रचना
निर्माण कार्य के बीच में ही रुक जाने के कारण पुल आधा-अधूरा पड़ा हुआ है जिस कारण रोजाना आने जाने वाले लोगों को काफी दिक़्कतें हो रही हैं। इस विषय पर कुछ दुकानदारों, कुछ मसौढ़ी के निवासी और ऑटो चालक से बात कर मुश्किलें समझने की कोशिश की गई। जिसमें लोगों ने अपनी राय बताई।
लोगों की राय
मसौढ़ी के रहने वाले पिंटू कुमार द्वारा पता लगा कि सरकार ने रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण इसलिए शुरू कराया था ताकि लोगों को रोज लगने वाले जाम से राहत मिल सके। रेलवे फाटक के पास बाजार लगता है, ऑटो के लिए कोई तय स्टैंड नहीं है और दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। वहीं दिन रात कई ट्रेनें गुजरने के कारण फाटक बार-बार बंद होता है जिसके कारण लोगों को घंटो जाम में फंसे रहना पड़ता है। जब पुल का निर्माण शुरू हुआ था तब इसके ठेकेदारों द्वारा कहा गया था कि साल 2005 तक यह बन कर तैयार हो जाएगा लेकिन अभी तक 21 साल में भी नहीं बना। उनका कहना है कि बड़े वाहन, बसें और मालवाहक गाड़ियाँ इसी रास्ते से गुजरती हैं इसलिए जाम की समस्या और बढ़ जाती है। यह करीब पांच किलोमीटर लंबा ओवरब्रिज बनाया जा रहा है जो रेलवे लाइन के एक तरफ से दूसरी तरफ जाएगा। अभी इस रास्ते से आने जाने के लिए लोगों के पास रेलवे फाटक से होकर गुजरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। यह रोज बड़ी संख्या में व्यापारी सामान ख़रीदने और बेचने आते हैं। ऐसे में रेलवे फाटक बंद होते ही लंबा जाम लग जाता है। उनका कहना है कि इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराया था लेकिन अब चुनाव भी हो गए और आज तक पुल बनकर शुरू नहीं हो सका है।
रोड किनारे दुकान लगा रहे छोटे दुकानदार से बात
अधूरे बने रेलवे ओवरब्रिज के किनारे पिछले 30-35 सालों से दुकान लगा रहे पृथ्वीराज द्वारा बताया गया कि पुल का निर्माण अधूरा रहने से उनके रोजगार पर भी असर पड़ा है। रेलवे फाटक के पास अक्सर लंबा जाम लग जाता है। लोग जहां जाम में फँसते हैं वहीं रुक जाते हैं और आगे नहीं बढ़ पाते हैं जिसके कारण उनकी दुकान पर ग्राहक भी कम पहुंचते हैं। जाम और निर्माण कार्य के कारण उन्हें अपनी पुरानी जगह छोड़कर दूसरी जगह पर दुकान चलानी पड़ रही है। दो दिन पहले बारिश होने के कारण ज़मीन पूरी फगिली हो गई है इसलिए नीचे दुकान लगाकर बैठने में दिक्कत हो रही है। वे कुकर जैसे घरेलू सामान की मरम्मत का दुकान लगाते हैं।
आगे बताया कि जब भी ठेकेदार से काम पूरा होने के बारे में पूछा जाता है तो वे यही कहते हैं कि अभी दूसरी जगह काम चल रहा है उसके बाद यहां का काम पूरा किया जाएगा।
रोज ऑटो चलाने वाले ऑटो चालक की राय
ऑटो चालक अपना खाली ऑटो लिए फूलों के नीचे खड़े हुए सतीश राय कोटा दरियापुर के निवासी कहते हैं कि “पता नहीं यह पुल कब तक बनकर तैयार होगा इसके वजह से हमारा रोजगार प्रभावित हो रहा है घंटो यहीं फंसे रह जाते हैं और ऐसा है कि इस रास्ते में आना ही पड़ता है सवारी लेकर।” वहीं ऑटो चालक सतीश बताते हैं कि वह मसौढ़ी से पाली के बीच में ऑटो चलाते हैं। उन्हें जाम के वजह से सवारियां कम मिलती हैं। “पहले अच्छी आमदनी हो जाती थी अब वह आमदनी नहीं हो पाती है पुल बन जाएगा तो ऑलरेडी अच्छी होगी और आने जाने का रास्ता हो जाएगा तो सवारियां मिलना आसान हो जाएगा। अभी सवारी सब इधर-उधर फैली रहती हैं जाम में फंसी रहती हैं।”
“यहां कई सरकारी काम एक दो साल देर से पूरा होना कोई नई बात नहीं है” समाजसेवी मुकुल राय
मसौढ़ी के निवासी मुकुल राय द्वारा बताया गया कि यह पुल मसौढ़ी थाना के पास से शुरू होकर एनएच-22 तक जाएगा। पिछले कई साल से इसका काम लगभग बंद पड़ा है और बाजार वाले हिस्से में अब भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। वे कहते हैं “यह बिहार है मैडम,यहां कई सरकारी काम एक दो साल देर से पूरा होना कोई नई बात नहीं है। कई बार उद्घाटन और नियम पहले लागू हो जाते हैं लेकिन काम बाद में चलता रहता है। हमारे लिए सबसे जरुरी बात यह है कि काम पूरा हो जाए। हालाँकि अब सुनने में आया है कि क्षेत्र की मुख्य पार्षद और नगर चेयरमेन पिंकी देवी ने इस मामले में बातचीत की हैं जिसके बाद काम दोबारा थोड़ा बहुत शुरू हुआ है। लेकिन लोगों को अभी भी नहीं पता है कि पुल का निर्माण आख़िर कब तक पूरा होगा।
नगर चेयरमेन पिंकी देवी ने क्या कहा
वहीं पिंकी देवी नगर चेयरमेन से बात हुई तो उन्होंने कॉल पर बताया कि इस पुल का निर्माण सरकार इसलिए करवा रही है ताकि मसौढ़ी वासियों को जाम से राहत मिले। मसौढ़ी (तारेगना) रेलवे ओवरब्रिज पुल ROB परियोजना के तहत पुल को 18 महीने में पूरा करने के लिए सरकार ने कहा था पर यह अभी पूरा नहीं हुआ। “हम मानते हैं कि लोगों को इससे काफी समस्या हो रही है पर हमने ऊपर विभाग तक बात की थी जिसके बाद पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। इस ओवरब्रिज के बन जाने से पालीगंज विक्रम गया पटना जाने के लिए सभी लोगों के लिए राहत हो जाएगी और रेलवे गुमटी के पास लगने वाला जाम से सबको राहत मिल जाएगी।” इसका बजट शायद 29 करोड रुपए पास हुआ था और इसकी लंबाई शायद 1 किलोमीटर रखी गई है। यह सिर्फ बिहार सरकार की तरफ से नहीं बन रहा है क्योंकि यह रेलवे के ऊपर ब्रिज बन रहा है तो बिहार सरकार और रेलवे के बीच समझौते के आधार पर ही यह बनना शुरू हुआ था और यह अभी तक क्यों पूरा नहीं हो पाया है यह तो हम नहीं बता सकते लेकिन काम शुरू तो हो गया है। देखते हैं सरकार द्वारा शायद 2026 तक यह कार्य पूरा करवा दी जाए।”
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