मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बालक छात्रावास में नाबालिग छात्रों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। छात्रावास के अधीक्षक आशीष शुक्ला पर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि अधीक्षक उन्हें अपने कमरे में बुलाकर अश्लील वीडियो दिखाते थे और उनके साथ गलत व्यवहार करते थे।
रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – सुचित्रा
इस मामले ने छात्रावास में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाई और सुरक्षित माहौल की उम्मीद में छात्रावास भेजते हैं। ऐसे में यदि किसी जिम्मेदार व्यक्ति पर ही इस तरह के आरोप लगते हैं, तो बच्चों की सुरक्षा और शिकायत व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
खबर लहरिया की रिपोर्ट में सामने आया कि इस छात्रवास में कक्षा 5वीं से लेकर 12वीं तक के लड़के छात्र रहते हैं। छात्रों के मुताबिक, यह सिलसिला करीब 2 साल से चल रहा था। डर और धमकी के कारण वे इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दे पा रहे थे।
शिकायत करने पर छात्रवास से निकालने की धमकी
9वीं क्लास के एक छात्र ने बताया कि अधीक्षक उसे अक्सर अपने कमरे में बुलाते थे। वहां उसे अश्लील वीडियो दिखाए जाते थे और उसकी इच्छा के बिना अनुचित तरीके से छुआ जाता था। छात्र के अनुसार, जब उसने अपने माता-पिता से शिकायत करने की बात कही तो उसे छात्रावास से निकालने की धमकी दी गई।
छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि अधीक्षक छोटे बच्चों को भी अलग-अलग बहाने से अपने कमरे में बुलाते थे। कथित तौर पर उन्हें टॉफी देने का लालच दिया जाता था।
डर के कारण बच्चों ने किसी को नहीं बताया
छात्रों ने बताया कि वे अपने परिवार से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें डर था कि शिकायत करने पर उन्हें छात्रावास से निकाल दिया जाएगा या घर भेज दिया जाएगा। इसी डर और शर्म के कारण उन्होंने लंबे समय तक किसी को अपनी परेशानी नहीं बताई।
कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष ने क्या बताया?
छतरपुर जिले के कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोकेंद्र वर्मा ने दावा किया कि उन्हें कुछ बच्चों ने इस संबंध में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि छात्रावास को खुले हुए करीब दो साल हुए हैं और यहां सीनियर तथा जूनियर छात्र रहते हैं।
आगे उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने अधीक्षक द्वारा बच्चों को कमरे में ले जाने की स्थिति देखी। इसके बाद पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई और अधीक्षक को पकड़वाया गया। उन्होंने मामले की निंदा करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जाँच जारी
छतरपुर के जिला एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि छात्रावास सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। मामले में छात्रों के बयान लिए जा रहे हैं और उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, बच्चों के बयानों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्रवास के अधीक्षक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की पुष्टि जांच और बयानों के आधार पर होगी और उसी के अनुसार संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
आपको बता दें कि सुरक्षा कारणों से छात्रवास का नाम और बच्चों का नाम नहीं दिया गया है।
स्कूली छात्र के साथ छेड़छाड़ की अन्य घटनाएं
इस तरह के छेड़छाड़ का मामला पहला नहीं है पहले भी कई ऐसे मामले खबरों में आए और खबर लहरिया ने भी इस पर रिपोर्टिंग की। जुलाई 2026 में बिहार के पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र के एक गांव में 7 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ स्कूल के गणित शिक्षक पर बलात्कार के प्रयास करने का आरोप लगाया गया। करीब डेढ़ महीने तक बच्ची के साथ दो बार ऐसा करने की कोशिश की गई। आप पूरा मामला नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं।
Ground Report: 7 साल की दलित लड़की के साथ स्कूल टीचर द्वारा स्कूल में ही बलात्कार का आरोप, SC ST एक्ट नहीं लगाने का आरोप
फ़रवरी 2026 में भी वाराणसी शिवपुर थाना क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया था। जहां विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर कक्षा 4 में पढ़ने वाली छात्रा सहित अन्य छात्राओं के साथ छेड़खानी के आरोप लगे हैं। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप था कि जब घटना की जानकारी सामने आई, तो पूरे गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में हंगामा किया।
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शिक्षा देने वाले शिक्षक और सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने वाले व्यक्ति पर आखिर कैसे भरोसा किया जा सकता है? इस तरह के वातवरण से बच्चों की मानसिकता पर गहरा असर पड़ता है जिससे उनकी पढ़ाई भी बाधित होती है।
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