एक बार फिर स्कूलों की बदहाल स्थिति और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी की सच्चाई सामने आई है। यूपी के बिसलपुर क्षेत्र अमृता खास गांव के एक स्कूल में कक्षा में पढ़ाई के दौरान टीन शेड गिर गया जिसके नीचे करीब 40 बच्चे और दो शिक्षिकाएँ दब गए। हादसे में आठ बच्चों को ज़्यादा चोटें आईं हैं।
ये घटना 11 अगस्त 2026 की है अमृता खास गांव स्थित श्री बालकराम सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में बच्चे टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ाई कर रहे थे इसी दौरान अचानक टीन शेड गिर गया। शेड के नीचे करीब 40 बच्चे और दो महिला शिक्षिका मौजूद थीं। टीन शेड गिरते ही स्कूल परिसर में चीख पुकार मच गई। स्कूल स्टाफ और आसपास के लोगों ने तुरंत बचाव शुरू किया और शेड के नीचे दबे बच्चों और शिक्षिकाओं को बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार इनमें अमृता खास गांव के छात्र सार्थक, उपासना, साक्षी देवी, चंचल, दिव्यांश और अभय प्रताप सिंह अखौली गांव के रितिक को काफी ज़्यादा चोटें आईं हैं। घायल बच्चों को बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां इलाज के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। कुछ बच्चों का इलाज सरकारी अस्पताल में कराया गया जबकि कुछ बच्चों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
न्यूज़ एजेंसी जागरण के रिपोर्ट अनुसार हादसे की जानकारी मिलने पर बीसलपुर के एसडीएम नागेंद्र पांडेय, कोतवाल संजीव शुक्ला और एसएसआई रमेश चंद्र मौके पर पहुंचे। अधिकरियों द्वारा स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। एसडीएम नागेंद्र पांडेय और सीओ राहुल पांडेय की निगरानी में घायल बच्चों के इलाज की जानकारी ली गई। एसडीएम द्वारा विद्यालय की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं हादसे के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य के कार्यालय से चले जाने की भी बात सामने आई है। दैनिक भास्कर के रिपोर्ट अनुसार स्कूल के स्टाफ का बयान सामने आया है जिसमें उनका कहना है कि मंगलवार को अचानक तेज हवा चलने लगी जिससे टीन शेड पर दबाव पड़ा और वह गिर गया। बच्चों की कक्षाएं चल रही थीं। शेड को सहारा देने के लिए लकड़ी के खंभे लगाए गए थे। वहीं दूसरी तरफ गांव वालों का आरोप है कि विद्यालय वर्ष 2008 से चल रहा है और स्कूल की पूरी इमारत जर्जर हालत में है। यह भी सवाल उठाया गया कि विद्यालय को कथित तौर पर केवल कक्षा पांच तक की मान्यता मिली है जबकि यहां कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। फ़िलहाल प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।
बालकराम सरस्वती शिशु मंदिर एक निजी स्कूल है पर स्कूल की बदहाल स्थिति का सवाल सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं हो जाता है। देश में कई सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। सरकारी स्कूलों की हालत देखकर कुछ परिजन अपने बच्चों को बेहतर पढ़ाई और सुविधाओं की उम्मीद में निजी स्कूलों में भेजते हैं लेकिन वहां भी अगर बच्चों को जर्जर भवन और असुरक्षित कक्षाओं में पढ़ना पड़े तो इससे बड़ी चिंता की बात क्या हो सकती है। देश का भविष्य कहे जाने वाले इन बच्चों का भविष्य आखिरकार उनकी वर्तमान शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर ही टिका है।
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