शादियों का सीजन है। कहीं नई बहू आ रही है, तो कहीं नया दामाद। जब बहू ससुराल आती है, तो उसे कई तरह की “परीक्षाओं” से गुजरना पड़ता है। उनमें से एक होती है पहली रसोई, जिसमें बहू को कुछ मीठा बनाकर पूरे परिवार को खिलाना होता है। फिर परिवार बन जाता है एक तरह का “जज पैनल” — कोई तारीफ करता है, कोई कमी निकालता है, तो कोई मज़ाक भी उड़ाता है। कुछ लोग खुशी में गिफ्ट भी देते हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या दामाद के लिए भी ऐसी कोई रस्म या परीक्षा होती है, जिसमें उसे अपने ससुराल वालों को खुश करने के लिए कुछ करना पड़ता हो? या फिर दामाद हमेशा सिर्फ “स्पेशल गेस्ट” बनकर ही रहता है? तो चलिए, जानते हैं इस दिलचस्प रस्म और उससे जुड़ी परंपराओं के बारे में।
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