खबर लहरिया ताजा खबरें बाँदा क्यों जल रहा है? खनन, कटते पेड़ और कागज़ी हरियाली की कहानी | The Kavita Show | Banda Heatwave

बाँदा क्यों जल रहा है? खनन, कटते पेड़ और कागज़ी हरियाली की कहानी | The Kavita Show | Banda Heatwave

देश का सबसे गर्म शहर बना बाँदा सिर्फ मौसम की वजह से नहीं जल रहा। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पूरे जिले में सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत जंगल बचे हैं, जबकि राष्ट्रीय वन नीति के मुताबिक कम से कम 33 प्रतिशत इलाका हरियाली से ढका होना चाहिए। यानी 100 हिस्सों में बाँटें तो बाँदा में सिर्फ 2 हिस्से जंगल हैं और बाकी 98 हिस्से बिना छांव के। इधर सरकारें करोड़ों पौधे लगाने का दावा करती हैं। सिर्फ 2024-25 में यूपी में 36 करोड़ पौधारोपण का दावा हुआ। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा पेड़ काटे गए, लेकिन बदले में जो ग्रीन बेल्ट बननी थी, वो ज़मीन पर कहीं दिखाई नहीं देती।

आज बाँदा 47-48 डिग्री तापमान झेल रहा है। ट्रैफिक सिग्नल बंद किए जा रहे हैं, ट्रांसफार्मर पर पानी डाला जा रहा है, सड़क किनारे टीन के शेड लगाए जा रहे हैं। सवाल है- जब पहले पेड़ों की ठंडी छांव थी, तो उसे खत्म क्यों किया गया? इस रिपोर्ट में देखिए कैसे खनन, पेड़ों की कटाई, सूखती नदियाँ और कागज़ी पौधारोपण ने पूरे बुंदेलखंड को धीरे-धीरे दुनिया की सबसे गर्म जगहों में ला खड़ा किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *