बांदा जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लॉक के लोहरा गांव में साल 2014 से चल रही चकबंदी प्रक्रिया अब गांव वालों के लिए दर्द और विवाद का कारण बनती जा रही है। चकों की पैमाइश शुरू होते ही ग्रामीणों ने जमीन की मालियत और पैमाइश में भारी धांधली के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि छोटे और गरीब किसानों की उपजाऊ जमीन छीनकर उन्हें दूर और बंजर इलाके दिए जा रहे हैं, जबकि रसूखदार लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। खबर के दौरान सरमन नाम की महिला अपनी पीड़ा बताते हुए रो पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें “मूल गांठ” पर चक नहीं दिया गया, जिससे उनके बच्चों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
क्या चकबंदी प्रक्रिया में सचमुच गरीब किसानों के साथ अन्याय हो रहा है? देखिए ज़मीनी रिपोर्ट।