बांदा जिले में 16 वर्षीय किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 26 जुलाई को गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान एसओजी और मरका थाना पुलिस की आरोपियों से मुठभेड़ हुई थी। इसमें खांईपार निवासी 25 वर्षीय एजाज के पैर में गोली लगी थी जबकि उसका साथी, ई-रिक्शा चालक 55 वर्षीय नरेश भागने के दौरान गिरकर घायल हो गया था। लड़की की मां ने बताया कि उनकी बेटी पहले भी अकेले अपने ननिहाल जा चुकी थी। इसलिए जब वह घर से नहीं मिली तो परिवार को लगा कि वह नाराज होकर ननिहाल चली गई है। देर रात पुलिस के घर पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया। मां का कहना है कि पुलिस ने मामले में कार्रवाई की और उन्हें जांच पर भरोसा है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के मुताबिक 24 जुलाई को किशोरी घर से बिना बताए बांदा रोडवेज बस स्टैंड पहुंची थी। एजाज का क्रिमिनल हिस्ट्री है, पहले 307 के तहत पहले भी जेल में रह चुका है। लड़की के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। लड़की का गला दबाने की कोशिश किया। पुलिस के अनुसार शुरुआत में मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) (अपहरण) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में किशोरी के मेडिकल परीक्षण और बयान के आधार पर मामले में सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी गईं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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