खबर लहरिया Blog भूपेश बघेल और हरीश रावत से जुड़े लोगों पर ED का छापा, क्या बढ़ेगी कांग्रेस की मुश्किल? 

भूपेश बघेल और हरीश रावत से जुड़े लोगों पर ED का छापा, क्या बढ़ेगी कांग्रेस की मुश्किल? 

छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के पूर्व OSD और उत्तराखंड में हरीश रावत के पूर्व OSD के ठिकानों पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है। दोनों मामलों में जांच चल रही है, वहीं कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं की ओर से इसे राजनीति से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन कार्रवाइयों का राजनीतिक असर कितना होगा?

ED का छापा

(फोटो साभार: economic times india)                

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के भूपेश बघेल के तत्कालीन ओएसडी (OSD) चेतन बोरघरिया के घर छपेमारी की गई। सितंबर 2026 के शुरुआती हफ्तों में ईडी ने भूपेश बघेल के पूर्व ओएसडी और निजी सहायकों (PA) के ठिकानों सहित कई स्थानों पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा 2020-2021 में गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर छापेमारी की। 

जांच के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी रहे चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया गया। ईडी का दावा है कि उनके बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन और अवैध रकम के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी द्वारा ये भी दावा किया जा रहा है कि, CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 में जो परीक्षा हुआ था। उसमें कथित प्रश्न पत्र लीक हुए थे। कुछ उम्मीदवारों से अवैध पैसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जब जांच हुई थी तो उसमें चेतन बोरघरिया की भी भूमिका थी। चेतन बोरघरिया की गिरफ़्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। 

जानकारी के मुताबिक चेतन बोरघरिया को सात दिन तक की कस्टोडियल रिमांड के साथ पूछताछ की जा रही है। 

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सहायक के घर पर भी छपेमारी 

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के OSD रहे चंदन सिंह जीना के घर पर भी ईडी द्वारा छापा मारा गया। चंदन सिंह जीना के घर पर छपेमारी का कारण भी मनी लॉन्ड्रिंग बताया गया है। जिसे UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में हुई अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामला बताया गया है। 

बता दें चंदन सिंह जीना साल 2014 से 2017 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के OSD यानी ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी रहे हैं। वर्तमान में चंदन सिंह जीना हरीश रावत के निजी सहायक के रूप में काम करते हैं। छपेमारी की कार्यवाही में 32 लाख नगद रुपए, सोने के सिक्के, 12 लग्जरी घड़ियां बरामद किया गया है। 

चर्चा की बात ये है कि चंदन सिंह जीना पर ईडी के कार्यवाही के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की है। हरीश रावत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक थे। उन्होंने अपने एक अकाउंट में लिख कर कहा है कि “मुझे यह बात इसलिए कहनी पड़ रही है। मैं तकनीकी रूप से तो मुख्यमंत्री तीन साल रहा और मगर एक साल तो राष्ट्रपति शासन ने गड़बड़ा दिया। फिर भी कई लोगों के पेट में मुझको देखकर मरोड़े उठते हैं। दस साल से मैं सत्ता से बाहर हूं, अब भी उनके मरोड़े शांत नहीं हुए हैं और उन्हें परेशान करते हैं। कभी स्टिंगगर, कभी स्टीकर, कभी सर्वर, सब अपने-अपने तरीके से हरीश रावत पर प्रहार करते रहते हैं और स्वाभाविक है, लोकतंत्र के अंदर जब तक हम जिंदा हैं, तो लोग प्रहार करेंगे। कुछ स्वस्थ तरीके से प्रहार करते हैं, कुछ अस्वस्थ तरीके से प्रहार करते हैं। कुछ खुलकर सामने प्रहार करते हैं, कुछ कानाफूसी और दुष्प्रचार के माध्यम से प्रहार करते हैं। इसीलिए मैं आग्रह करना चाहता हूं कि कमीशन बनाकर मेरे तीन साल के कार्यकाल की जांच अवश्य कर लो।”


उन्होंने PTI से बातचीत के दौरान कहा है कि “यह एक चुनाव के दृष्टिकोण में रखकर क्योंकि उत्तराखंड में चुनाव होने हैं। यह एक कूट रचना है। कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड में भी भ्रष्टाचार के सवाल को बहुत तेजी से उठा रही है और लोग जनमत जो भ्रष्टाचार से परेशान है, वह कांग्रेस के साथ जुड़ रहा है। इसलिए ध्यान हटाने के लिए ये ED की कार्रवाई हुई है” 


ये दोनों मामले बड़ी राजनीतिक मामले का संकेत देती है। क्योंकि उत्तारखंड और छत्तीसगढ़ में जिन दो लोगों पर ईडी के छापे पड़े हैं वे दोनों कांग्रेस पार्टी के नेताओं के लिए काम करते रहे हैं। एक तरह से कांग्रेस पार्टी के ऊपर भी सवाल पैदा हो सकता है। फ़िलहाल इन दोनों घटनाओं में जांच चल रही है और राजनीति में भी गर्मा-गर्मी है। 

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