विश्व धरोहर दिवस अथवा विश्व विरासत दिवस को हर साल 18 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिवस को स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। दुनियाभर में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें अपनी खूबसूरती और इतिहास के लिए प्रसिद्ध हैं, जैसे मिस्र के पिरामिड, चीन की महान दीवार और रोम का कोलोसियम। ये सभी मानव सभ्यता की अनमोल विरासत मानी जाती हैं। इसी तरह भारत में भी कई विश्व प्रसिद्ध धरोहरें हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश का ताजमहल सबसे प्रमुख है, जो अपनी अद्भुत वास्तुकला और प्रेम की कहानी के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यूपी में और कौन सी इमारतें हैं जो कला और इतिहास का प्रतीक है उनके बारे में जानेंगे।
कालिंजर किला (Kalinjar Fort)
उत्तर प्रदेश के जिला बाँदा में स्थित कालिंजर किला सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक किलों में से एक है। इस किले के इतिहास में भी ऐसे कई राज़ छुपे है जो लोगो को कालिंजर जाने को मज़बूर करते है। इस किले ने बहुत सी कहानियां लिखी और कही हैं।
इतिहास में कई राजाओं ने इस पर शासन किया। शेर शाह सूरी की मृत्यु भी यहीं मानी जाती है। यह किला अपनी मजबूत दीवारों, प्राचीन मंदिरों और जलस्रोतों के लिए जाना जाता है। कालिंजर के कुछ इतिहासकारों से मिली जानकारी के अनुसार 1022 ईस्वीं में महमूद गजनी ने कालिंजर किले का घेराव कर किले पर आक्रमण किया था। इतिहास में मुगल बाबर ही एकमात्र ऐसा कमांडर था जिसने 1526 में किले पर कब्ज़ा किया था।
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कालिंजर की खूबसूरती को देखने के लिए आप कैसे पहुँच सकते हैं? इस सवाल का जवाब नीचे दिए गए आर्टिकल में हैं।
कालिंजर किला : युगो से अपने साथ एक राज़ छिपा कर चलता आ रहा है
झांसी किला (Jhansi Fort)
झांसी किला वीरता और साहस का प्रतीक है। यह किला रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। आप ने झाँसी की रानी पर लिखी गई कविता जरूर से सुनी होगी -”बुंदेले हर बोलो के मुह हमनें सुनी कहानी थी खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी” इस किले की बनावट मजबूत है और यहां से पूरे शहर का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
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झांसी के किले को हांथी खाना नाम से भी जाना जाता है 19 वीं सदी में लक्ष्मी बाई के पति के भाई के लिए यह महल बनवाया गया था। तब रघुनाथ राव सूबेदार के पद में थे। किले से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक को देख सकते हैं।
झांसी किला तक पहुंचने का रास्ता
यह किला झांसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से लगभग 2–3 किमी की दूरी पर है। निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर (100 किमी) है। यहाँ पार्किंग, गाइड सुविधा और स्थानीय परिवहन की व्यवस्था उपलब्ध है। अक्टूबर से मार्च तक का समय घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
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रनगढ़ किला (Rangadh Fort)
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित रनगढ़ किला, केन नदी की जलधारा के बीचोंबीच बनाया हुआ है। बांदा जिले के नरैनी तहसील अंतर्गत गौरशिवपुर गांव के पास स्थित यह ऐतिहासिक किला, केन नदी की बीच धारा में स्थित चट्टानों पर बनी ऊंचाई पर स्थित है। पनगरा गांव के निवासी प्रद्युमन के अनुसार, उनके पूर्वजों ने बताया कि इस किले के निर्माण से संबंधित कोई लिखित साक्ष्य नहीं मिले हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि 18वीं सदी में कालिंजर के नरेश ने रिसौरा रियासत (सम्पति) की रक्षा के लिए इस किले का निर्माण करवाया था। यह किला मकर संक्रांति के समय एक बड़े मेले का आयोजन करता है, जहां दूर-दूर से लोग आते हैं।
‘कौशांबी किला’ | Kaushambi Fort
कौशांबी का किला प्राचीन भारत के प्रसिद्ध नगरों में से एक था, जिसे गंगा नदी के किनारे स्थित होने के कारण एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और सामरिक केंद्र माना जाता था। यह किला प्राचीन काल में मौर्य और गुप्त साम्राज्य के तहत एक प्रमुख शक्ति केंद्र था। इसके अलावा, यह स्थान बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार का भी केंद्र था। कहा जाता है कि गौतम बुद्ध इस किले के आसपास के क्षेत्र में बार-बार आते थे और यहाँ की शांति और वातावरण से प्रभावित होते थे।यह स्थान बौद्ध धर्म और प्राचीन भारतीय सभ्यता से जुड़ा हुआ है।
केन नदी के पास किले की सीढ़ियों पर बैठकर एकटक नदी की जलधारा को बहते देखना बड़ा सुकून देता है। यह दृश्य देखने में बेहद सुन्दर और आकर्षक लगता है। आप इस किले की खूबसूरती को देखना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक में देख सकते हैं।
विश्व धरोहर दिवस (World Heritage Day) मानने का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि दुनिया भर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को बचाना और उनकी देखभाल करना क्यों जरूरी है। इसी के साथ ऐसी बहुत सी ऐतिहासिक इमारतें हैं जिनके बारे में लोगों को नहीं पता है। इसीलिए ऐसे में इस दिन को याद करना बहुत जरुरी हो जाता है।
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