छत्तीसगढ़ देश के सबसे अधिक वन क्षेत्र वाले राज्यों में गिना जाता है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा जंगलों से ढका है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में खनन परियोजनाओं, अवैध कटाई और विकास के नाम पर हजारों हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है। हसदेव अरण्य, सरगुजा, कोरबा और बस्तर जैसे क्षेत्रों में जंगलों की कटाई को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसका असर सिर्फ पेड़ों तक सीमित नहीं है। आदिवासी समुदायों की आजीविका, वन्यजीवों का अस्तित्व और पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित हो रहा है।
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