20 जुलाई को दिल्ली पुलिस की क्रूर कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंच रहे हैं। इस बढ़ती भीड़ में सिर्फ पुरुष ही नहीं, बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। कई छात्र घरवालों से झूठ बोलकर यहां पहुंचे हैं, तो कुछ अपनी नौकरी छोड़कर आंदोलन का हिस्सा बने हैं। इनके पास रहने के लिए जानतर मंतर के पास का फुटपाथ है या बांग्ला साहेब गुरुद्वारा, और खाने के लिए जंतर-मंतर में मिलने वाला खाना। न ठहरने की व्यवस्था है, न कपड़ों की सुविधा। किसी का फोन खो गया है, तो कोई पुलिस कार्रवाई में बेरहमी से घायल हुआ है। फिर भी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे बिना मांगें पूरी हुए वापस नहीं लौटेंगे। उल्टा, हर दिन नई महिलाएं और युवा मध्य प्रदेश, लखनऊ, कानपुर और दूसरे शहरों से यहां पहुंच रहे हैं। कोई ब्यूटी पार्लर में काम करता है, कोई मॉडल है, तो कोई टीचर। इनमें से कई लोगों पर इस आंदोलन के नतीजों का सीधा असर भी नहीं पड़ेगा, फिर भी वो समर्थन देने के लिए यहां डटे हुए हैं। गर्मी, बारिश, शोर और भविष्य की अनिश्चितता के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है। देखिए हमारी पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।
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