भारतीय मौसम विभाग लखनऊ के अनुसार आज 12 जून को झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही अधिकांश मध्य, उत्तरी और पूर्वी इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
रिपोर्ट – सुनीता, लेखन – सुचित्रा
कल 11 जून 2026 को कई जिलों में तेज आंधी और बारिश से काफी नुकसान हुआ। यूपी में कहीं तेज आंधी ने बिजली के खम्भे गिरा दिए तो कहीं पेड़ गिर गए। खबर लहरिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज में 9 जून को भी इसी तरह की तेज आंधी तूफान आया था। प्रयागराज के जसरा ब्लॉक के कंजासा और भीटा गांव में में कई घरों की टीन की छतें उड़ गईं, पेड़ धराशायी हो गए, पशुओं के लिए रखा भूसा भीग गया और यमुना किनारे रहने वाले निषाद समुदाय की नावें क्षतिग्रस्त हो गईं थी।
आंधी तूफान में घर की गिरी दिवार, 15 हजार का नुकसान
कंजासा गांव निवासी अवधेश बताते हैं कि रात में परिवार के लोग खाना खा रहे थे, तभी अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। हवा इतनी तेज थी कि घरों की दीवारें तक हिलने लगीं। एक घर में 15 हजार का नुकसान हो गया। उन्होंने बताया कि उनके घर के पास एक बड़ा पेड़ गिर गया। यदि कुछ सेकंड की देरी हो जाती तो उनका बच्चा उसकी चपेट में आ सकता था। पेड़ गिरने से उनके घर को भी नुकसान पहुंचा है।
तेज आंधी में टीन शेड उड़ा
संगीता ने बताया कि उन्होंने पशुओं के लिए सालभर का भूसा एक टीन शेड के नीचे रखा था लेकिन आंधी में पूरा टीन उड़ गया और भूसा भीगकर खराब हो गया। उनका कहना है कि लगभग 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ है और अब पशुओं के चारे की चिंता सताने लगी है।
भीटा गांव के कल्लू ने बताया कि सड़क किनारे उनकी गुमटी में दुकान चलती थी। आंधी के दौरान एक विशाल शीशम का पेड़ गुमटी पर गिर गया, जिससे दुकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सौभाग्य से उस समय दुकान बंद थी और वे घर जा चुके थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
उन्होंने कहा कि इसी दुकान से उनके परिवार का गुजारा चलता था, लेकिन अब पेड़ हटने तक दुकान बंद रहेगी और आय का स्रोत भी ठप हो गया है।
नाव टूटी, आजीविका पर असर
यमुना नदी के किनारे रहने वाली संगीता ने बताया कि उनकी नाव नदी किनारे बंधी थी। तेज आंधी में नाव उछलकर कई बार जमीन पर गिरी और पूरी तरह टूट गई। उन्होंने कहा कि निषाद समुदाय की आजीविका नावों पर निर्भर है। लोग इन्हीं नावों से यात्रियों को कौशांबी पार पहुंचाते हैं। नाव टूटने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार केवल कंजासा गांव में ही करीब 50 नावों को नुकसान पहुंचा है।
गांव की रजनी ने बताया कि यमुना किनारे छाया देने वाले बड़े-बड़े पेड़ भी टूट गए। तेज हवा में घरों के बर्तन तक उड़कर नालों में चले गए। कई परिवारों की टीन की छतें पूरी तरह उखड़ गईं।
उनका कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और अब सबसे बड़ी चिंता रहने की जगह और पशुओं को बांधने की है। कंजासा गांव की आबादी करीब तीन हजार है और ऊंचाई वाले हिस्सों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह के आंधी-तूफान बार-बार आते रहे तो उनके लिए रहना मुश्किल हो जाएगा। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
इस संबंध में लेखपाल मिथलेश ने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों में आंधी-तूफान से नुकसान की सूचना मिली है। जल्द ही सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने प्रभावित लोगों से बैंक पासबुक की फोटो कॉपी और नुकसान की तस्वीरें जमा कराने को कहा है, ताकि रिपोर्ट तहसील को भेजी जा सके और नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
13 जून तक तेज आंधी बारिश, बिजली गिरने की चेतवानी
लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार 12 और 13 जून को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटा बढ़ने की सम्भावना है। इसके साथ ही कई इलाकों में बादल गरजने के साथ बिजली गिरने की भी चेतवानी है। यूपी में मौसम की जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते हैतो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’


