भारतीय मौसम विभाग लखनऊ के अनुसार यूपी में आने वाले 6 दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक वृद्धि होगी। तेज गर्मी के इस मौसम में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है लेकिन वाराणसी शहर के कचहरी और पांडेपुर चौराहे पर लगे शुद्ध पेय जल ख़राब स्थिति में है। यह वाटर कूलर 6 महीनें (अक्टूबर 2025) से बंद पड़े हैं। लोगों की प्यास बुझाने का काम करने के लिए टोटी लगवा दी गई लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए क्योंकि इसमें पानी नहीं आता है। ऐसे में राह चलते लोगों को दुकान से खरीद कर पानी पीना पड़ता है।
रिपोर्ट – सुशीला, लेखन – सुचित्रा
पांडेपुर चौराहे पर शुद्ध पेयजल वॉटर कूलर
नगर निगम द्वारा वर्ष 2025 में पांडेपुर चौराहे पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन आज तक यह केवल शोपीस बनकर रह गया है। पांडेपुर की निवासी शांति देवी बताती हैं कि पांडेपुर चौराहा, गाजीपुर रोड, आजमगढ़ और बनारस को जोड़ने वाला एक व्यस्त स्थान है, जहां हर समय लोगों की आवाजाही बनी रहती है और आसपास बड़ा बाजार भी है।
वह कहती हैं कि इस इलाके में यात्रियों के लिए अलग से पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। दुकानों और घरों में पानी तो मिल सकता है, लेकिन रास्ते से गुजरने वाले लोगों के लिए यह शुद्ध पेयजल ही सहारा था, जो अब काम नहीं कर रहा।
कचहरी चौराहे पर लगे शुद्ध पेयजल वॉटर कूलर की स्थिति
वाराणसी के कचहरी चौराहे पर भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। यहां शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन लोगों को वास्तव में पानी नहीं मिल पा रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि आने-जाने वाले यात्री पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आते हैं, खासकर वे लोग जो बोतलबंद पानी खरीदने में सक्षम नहीं हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब चौराहे पर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, तो फिर उसका लाभ आम जनता तक क्यों नहीं पहुंच रहा? यदि लोग एक बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं, तो ऐसे में इस व्यवस्था पर खर्च किए गए बजट का क्या फायदा?
बाहर से खरीद कर पानी पी रहे लोग
अरुन कुमार का कहना है कि प्यास बुझाने के लिए तो पानी ख़रीदना पड़ेगा एक लीटर पानी की बोतल 20 रुपये की मिलती है। ज्यादा गर्मी की वजह से ज्यादा प्यास लगती है तो कभी तीन तो कभी चार भी बोतल हो जाती है। हर किसी के पास पानी खरीदने के लिए पैसे नहीं होते। ऐसे में यह व्यवस्था चालू होनी चाहिए, ताकि यात्रियों की प्यास बुझ सके। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पर जल्द ध्यान दिया जाए और पेयजल व्यवस्था को सही किया जाए।
समाजसेवियों द्वारा प्याऊ और मटके की व्यवस्था
पानी की कमी को देखते हुए कुछ समाजसेवियों ने जगह-जगह प्याऊ और मटके रखने की पहल भी की, लेकिन वह भी ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई। उदाहरण के तौर पर कचहरी चौराहे के पास पुलिस चौकी के मुख्य द्वार पर ठंडे पानी का मटका रखा गया था, लेकिन वह सिर्फ पहले दिन फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रहा और अगले ही दिन वहां से हटा दिया गया।
जल्दी ही वॉटर कूलर को ठीक करवाने का भरोसा
इस वॉटर कूलर की देख रेख नगर निगम के अंतर्गत आती है। इस पर जिला वाराणसी नगर निगम के संदीप श्रीवास्तव का कहना है कि यह वॉटर कूलर 2025 में लगाए गए थे। इसका उद्देश्य है कि लोग को ठंडा पानी मिले। इस बार कुल 17 स्थानों पर शुद्ध पेय जल की व्यवस्था और 30 जगहों पर प्याऊ की व्यवस्था का काम किया जा रहा है। जो वॉटर कूलर ख़राब है इससे पहले किसी ने इस बारे में शिकायत नहीं की थी। अब आप के द्वारा सूचना मिली है अब इसका काम 1 या 2 दिन में हो जायेगा।
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