छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए बड़े हादसे ने कई परिवारों को झकझोर दिया है। 14 अप्रैल 2026 को दोपहर में हुए बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है।
इनमें 4 मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई थी जबकि 14 लोगों को रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ा। वहीं 2 लोगों की मौत रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना शक्ति जिले के डभरा क्षेत्र की है।
आज मंगलवार की दोपहर बड़ा हादसा हो गया। बॉयलर ब्लास्ट होने 30 से 40 मजदूर गंभीर… pic.twitter.com/Tg9gz7ZzEv
— Voice of Chhattisgarh (@CGVOICE00777) April 14, 2026
दैनिक भास्कर के रिपोर्ट के अनुसार इस हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं जिनमें से 16 घायलों का अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसमें मरने वालों में कुछ छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं जबकि कई मजदूर यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से आए थे। इस हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों में भारी गुस्सा देखने को मिला। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध किया और मुआवजे के साथ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
वहीं जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
वेदांता कंपनी ने किया 35 लाख देने की घोषणा
वेदांता कंपनी द्वारा मज़दूरों परिजनों के लिए 35 लाख रुपए मुआवजा और साथ ही रोजगार सहायता देने की घोषणा की है। वहीं घायलों के परिवारों के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की है। वेदांता ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर लिखा है कि “हम प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और मृतकों के परिवारों को 35 लाख रुपये और रोजगार सहायता तथा घायलों को 15 लाख रुपये प्रदान करेंगे साथ ही ठीक होने तक वेतन जारी रखने और परामर्श सहायता भी प्रदान करेंगे।”
We stand firmly with the affected families and will provide ₹35 lakh and employment support to families of the deceased, and ₹15 lakh to the injured, along with salary continuation until recovery and counselling support.
— VedantaLimitedPower (@VedantaPowerLtd) April 14, 2026
इस हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकार की तरफ से मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया गया है।
सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने इस दुःखद घड़ी में अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए मृतकों के शोकाकुल परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों के त्वरित उपचार हेतु 50…
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) April 14, 2026
30 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार
इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के अनुसार हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच बैठा दी है। सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने डभरा के एसडीएम को इसकी जिम्मेदारी दी है और कहा है कि 30 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार की जाए।
वहीं कंपनी ने भी अपने स्तर पर अंदरूनी जांच शुरू कर दी है। इस जांच में यह समझने की कोशिश की जाएगी कि हादसा तकनीकी गड़बड़ी से हुआ या फिर किसी की लापरवाही इसकी वजह बनी साथ ही प्लांट में सुरक्षा इंतजाम कितने मजबूत थे इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 50,000 की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा है कि “छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”
The mishap at a power plant in Sakti district, Chhattisgarh, is tragic. I extend my condolences to those who have lost their loved ones. May the injured recover at the earliest. The local administration is assisting those affected.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be…
— PMO India (@PMOIndia) April 14, 2026
विपक्ष दलों की प्रतिक्रिया
इस मामले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हादसे के असली कारणों की गहराई से जांच होनी चाहिए और यह भी सवाल उठाया कि कहीं ये प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा तो नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्लांट में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी यहां तक कि मौके पर एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं थी जो मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
#WATCH | Ambikapur, Chhattisgarh: Congress leader TS Singh Deo says, “… Ten people have been reported dead so far due to the boiler explosion at this Vedanta power plant. This number may rise… This is tragic. We hope that the government and administration will immediately do… https://t.co/JlSQ5b0qJc pic.twitter.com/k1GSVMBXSM
— ANI (@ANI) April 14, 2026
इस हादसे में झुलसे लोगों की पहचान
– अमर उजाला के रिपोर्ट अनुसार इसमें मृतकों की पहेचान की गई है जिसमें –
– रितेश कुमार राय, भागलपुर (बिहार)
– अमृत लाल पटेल, मांझापारा (टुंड्री)
– ठंडाराम लहरे, जमगहन (मालखरौदा)
-तरुण कुमार ओझा, धनबाद (झारखंड)
– आकिब खान, दरभंगा (बिहार)
– सुसंता जना, पश्चिम बंगाल
– अब्दुल करीम, झारखंड
– उद्धव सिंह यादव, खरसिया
– शेख सईफउद्दीन, पश्चिम बंगाल
– पप्पू कुमार, उत्तर प्रदेश
– अशोक पहरे, पलामू (झारखंड)
– मानस गिरी, पश्चिम बंगाल
– बृजेश कुमार, उत्तर प्रदेश
– रामेश्वर महिलाने, जांजगीर-चांपा
– कार्तिक महतो, पश्चिम बंगाल
– नदीम अंसारी, फगुरम
– शिवनाथ मुर्मू
– चिंतरंजन डलोई, मेदिनीपुर
– दीपांकर सिंह, मेदिनीपुर
सक्ती जिले के सिंघीतराई में बना यह 1200 मेगावॉट का कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट पहले ‘एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड’ के नाम से साल 2009 में शुरू हुआ था। हालांकि बीच में 2016 से 2022 तक इसका काम पूरी तरह बंद रहा जिससे प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटका रहा। बाद में 2022 में वेदांता ने इस प्लांट को अपने हाथ में लिया और काम फिर से शुरू कराया। इसके बाद अगस्त में इसकी 600 मेगावॉट की एक यूनिट चालू कर दी गई जबकि दूसरी यूनिट पर अभी भी काम जारी है।
जांच में यह बात सामने आई कि वेदांता कंपनी और एनजीएसएल ने मशीनों और उपकरणों की देखरेख में काफी लापरवाही बरती। सुरक्षा नियमों का ठीक से पालन नहीं किया गया जिसके कारण बायलर के प्रेशर में अचानक गड़बड़ी आई और आखिरकार विस्फोट हो गया। तमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर डभरा थाने में अपराध क्रमांक 119/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत अनिल अग्रवाल कंपनी मैनेजर देवेंद्र पटेल और अन्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है और अनिल अग्रवाल के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई है।
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