बीते कुछ महीनों में मिड डे मिल से जुड़ी कई खबरें सामने आईं हैं जिसमें एक और नई खबर है कि ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है जहां एक सरकारी आदिवासी आवासीय स्कूल में खाना खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ गए।
बताया जा रहा है कि करीब 100 से ज्यादा छात्रों की तबीयत बिगड़ गई जिनमें से एक पांचवीं कक्षा की छात्रा की मौत हो गई।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 150 बच्चों में से रुपाली बेसरा नाम की छात्रा की हालत सबसे ज्यादा गंभीर थी। उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया लेकिन 14 अप्रैल 2026 की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं जिला प्रशासन के अनुसार कई दर्जन बच्चे अभी भी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती हैं जहां डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। कुछ बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें लगातार अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है।
घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
66 बच्चे अस्पताल में और 41 बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती
इस मामले को लेकर प्रशासन भी अब सख्त नजर आ रहा है। मयूरभंज जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और साफ कहा है कि सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि अलग से भी जांच कराई जाएगी ताकि यह समझा जा सके कि आखिर चूक कहां हुई।
फिलहाल 66 बच्चे अस्पताल में और 41 बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है। साथ ही एक मेडिकल टीम स्कूल में भी तैनात की गई है।
घटना के बाद बच्चों के माता-पिता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बच्चों ने किण्वित चावल, मसले हुए आलू और आम की चटनी खाई थी जिसके बाद उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। इससे साफ है कि खाने की गुणवत्ता को लेकर बड़ी लापरवाही हुई है। मामला सामने आते ही स्थानीय लोगों और आदिवासी समुदाय में भारी नाराजगी देखने को मिली। गुस्साए लोगों ने रसगोविंदपुर जलेश्वर रोड जाम कर दिया और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं परिजनों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों को कई बार बासी या खराब खाना दिया जाता है, जिससे उनकी सेहत लगातार खराब हो रही थी। अब इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक लापरवाही के आरोप में स्कूल के प्रिंसिपल जयंता कुमार पाणिग्रही को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं मृत छात्रा की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद राज्य सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने इस हादसे पर दुख जताया है और कहा है कि घायलों को बेहतर इलाज दिया जाए। साथ ही सरकार ने मृत छात्रा के परिवार को मुआवजा देने का ऐलान किया है जो अलग-अलग रिपोर्टों में 3 से 7 लाख रुपये के बीच बताया जा रहा है।
वहीं राज्य सरकार के एक मंत्री भी अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों और उनके परिवार वालों से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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