गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में कई ऐसे फल नजर आने लगते हैं जो स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखते हैं। इन्हीं में एक खास फल है फालसा। छोटा सा दिखने वाला यह गहरे बैंगनी रंग का फल स्वाद में हल्का मीठा और थोड़ा खट्टा होता है पर इसके फायदे बड़े हैं।
रिपोर्ट- सुशीला, लेखन – रचना
गर्म दिनों में यह फल शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है इसलिए लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। उत्तर प्रदेश के वाराणसी समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में गर्मी के मौसम में फालसा की अच्छी मांग रहती है और इसकी कीमत भी बाजार में काफी ऊंची होती है।
फालसा सिर्फ स्वाद के लिए नहीं अपने औषधीय गुणों की वजह से भी जाना जाता है। यह पेट को साफ रखने, खून को शुद्ध करने और शरीर में ताजगी बनाए रखने में मदद करता है। यही वजह है कि गर्मियों में इसे सेहत के लिए काफी अच्छा फल माना जाता है। खास बात यह है कि यह फल साल में सिर्फ एक बार कुछ ही समय के लिए बाजार में आता है इसलिए लोग इसके मौसम का इंतजार भी करते हैं।
प्रकृति की देन कहे जाने वाला फालसा कई जगहों पर बिना ज्यादा देखभाल खाद या पानी के भी उग जाता है। इसके बावजूद इसकी कीमत बाजार में 400 से 500 रुपये किलो तक पहुंच जाती है। स्वाद, तासीर और सेहत तीनों का मेल होने की वजह से फालसा गर्मियों का एक खास फल बन जाता है। इस फल को बाजार तक पहुंचाने के पीछे किसानों की मेहनत भी उतनी ही अहम है। आइए यह भी जानते हैं फालसा की खेती करने वाले किसान इसके उत्पादन देखभाल और बाजार में इसकी मांग को लेकर क्या कहते हैं।
वाराणसी में फालसा की खेती से चल रहा गुजारा
फिलहाल वाराणसी के चिरईगांव इलाके में फालसा की खेती कई परिवारों के लिए रोजी-रोटी का सहारा बनी हुई है। यहां किसान अपनी जमीन न होने के बावजूद खेत किराए पर लेकर इसकी खेती कर रहे हैं। वहीं किरी गांव की रहने वाली रीता बताती हैं कि उनके पास खुद की खेती नहीं है इसलिए परिवार चलाने के लिए वे लोग फालसा उगाते हैं। खेत किराए पर लेकर इसकी देखभाल करते हैं और अप्रैल से मई के बीच इसमें फल आना शुरू हो जाता है। इसकी तैयारी दिसंबर-जनवरी से ही शुरू हो जाती है जब पौधों की सफाई और देखरेख की जाती है। खास बात यह है कि इस फसल में ज्यादा पानी या खाद की जरूरत नहीं पड़ती फिर भी अच्छी पैदावार हो जाती है। रीता कहती हैं कि अभी मौसम की शुरुआत में यह फल करीब 200 रुपये किलो बिक रहा है जिसे व्यापारी भी यहां से खरीदकर दूसरे बाजारों में ज्यादा दाम पर बेचते हैं।
वहीं चिरईगांव के प्रेमचंद यादव द्वारा बताया गया कि फालसा की खेती में ज्यादा खर्च नहीं आता लेकिन मेहनत जरूर लगती है। साल में एक बार इसकी कटाई-छंटाई करनी पड़ती है और इसके बीज भी बाहर से नहीं मंगाने पड़ते। पके हुए फलों के बीज को ही संभालकर रखा जाता है और उसी से अगली फसल तैयार की जाती है। पौधा लगने के बाद इसमें ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती।
उन्होंने बताया इस बार फल थोड़ा कम आया है इसलिए बाजार में इसकी मांग ज्यादा बनी हुई है। गांव के करीब 10 किसान इसकी खेती कर रहे हैं और एक बीघा जमीन का किराया अलग-अलग जगहों पर 20 से 28 हजार रुपये तक पड़ जाता है। फिर भी अच्छी बिक्री होने से किसानों की मेहनत का खर्च निकल जाता है।
स्थानीय लोगों के बीच भी फालसा काफी पसंद किया जाता है। वाराणसी के मनीष गुप्ता ने भी अपनी बात रखी कि यह फल साल में सिर्फ एक बार मिलता है इसलिए लोग इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं। अभी इसकी कीमत करीब 200 रुपये किलो है लेकिन जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ेगा इसकी कीमत 400 से 500 रुपये किलो तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि बनारस का यह खास फल स्वाद के साथ-साथ अपनी अलग पहचान भी बनाए हुए है।
गर्मियों में लोग फालसा इतना पसंद क्यों करते हैं?
इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के खबर अनुसार विशेषज्ञ का कहना है कि गर्मी के दिनों में फालसा इसलिए खूब पसंद किया जाता है क्योंकि यह शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है। इसमें पानी की मात्रा अच्छी होती है जिससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और तेज गर्मी में भी शरीर तरोताजा महसूस करता है। फालसा में कुछ प्राकृतिक और मैलिक एसिड और साइट्रिक एसिड जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को ताजगी देने का काम करते हैं और गर्मी के कारण होने वाली बेचैनी को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें फ्लेवोनोइड्स और एंथोसायनिन जैसे पोषक तत्व भी होते हैं जो शरीर की थकान कम करने अंदरूनी गर्मी को शांत करने और शरीर को आराम पहुंचाने में सहायक माने जाते हैं।
यही वजह है कि फालसा खाने या इसका रस पीने से गर्मी में राहत महसूस होती है। आयुर्वेद में भी फालसा को ठंडी तासीर वाला फल माना गया है और लंबे समय से लोग इसे गर्मी से बचाव के लिए अपने खानपान में शामिल करते आए हैं। स्वाद और सेहत दोनों का फायदा देने वाला यह फल गर्मियों में लोगों की पहली पसंद बन जाता है।
फालसा में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
विशेषज्ञ के मुताबिक 100 ग्राम फालसा में आमतौर पर 50 से 60 कैलोरी (ऊर्जा) मिलती है जिससे शरीर को हल्की ताकत मिलती है। इसमें 13 से 14 ग्राम कार्बोहाइड्रेट (शरीर को ऊर्जा देने वाला तत्व) होता है जो दिनभर काम करने की ताकत देने में मदद करता है। इसके अलावा फालसा में 2 से 3 ग्राम फाइबर (रेशेदार तत्व) पाया जाता है जो पाचन ठीक रखने और पेट साफ करने में मदद करता है। इसमें थोड़ी मात्रा में प्रोटीन (शरीर की मजबूती और विकास के लिए जरूरी तत्व) भी होता है जबकि वसा यानी फैट (चिकनाई) बहुत कम होता है। यही वजह है कि यह हल्का और सेहतमंद फल माना जाता है।
फालसा विटामिन C (रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाने वाला पोषक तत्व) का भी अच्छा स्रोत है जो शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें कैल्शियम (हड्डियों को मजबूत बनाने वाला तत्व) पाया जाता है और आयरन (खून बढ़ाने में मदद करने वाला तत्व) भी होता है जो शरीर में खून की कमी को दूर करने में सहायक माना जाता है। यही कारण है कि स्वाद के साथ-साथ पोषण के लिहाज से भी फालसा एक फायदेमंद फल माना जाता है।
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