खबर लहरिया Blog UP/Chitrakoot New: चित्रकूट के घर में लगी आग, बेटी की शादी के लिए रखा सारा सामान जलकर ख़ाक

UP/Chitrakoot New: चित्रकूट के घर में लगी आग, बेटी की शादी के लिए रखा सारा सामान जलकर ख़ाक

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले की मऊ तहसील अंतर्गत महरजा गांव में आग लगने की घटना सामने आई है। यह घटना 12 मई 2026 की है। इस हादसे ने तीन भाइयों के परिवारों की पूरी जिंदगी उजाड़ दी। घर में बेटी की शादी होने वाली थी और आग इतनी भयावह थी कि घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, नकदी, जेवर और बेटी की शादी का पूरा सामान जलकर राख हो गया। फिलहाल आग लगने का कारण नहीं पता चल पाया है। अब हालात ऐसे हैं कि पूरा परिवार गांव के एक पेड़ के नीचे रहने को मजबूर है।

आग लगने के बाद अनाज, बर्तन जलकर खाक (फोटो साभार: नाज़नी)

रिपोर्ट – नाज़नी, लेखन – सुचित्रा 

परिवार के सदस्य राजेश कुमार कोल ने खबर लहरिया को बताया कि घटना तब घटी जब पूरा परिवार मानिकपुर क्षेत्र के चमरौहा गांव में रिश्तेदारी की शादी में गया हुआ था। घर पर कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान अचानक आग लग गई और देखते ही देखते तीन भाइयों -रामसुमेर, राकेश और रामराज के घर आग की चपेट में आ गए।

शादी का सारा सामना जलकर खाक

राजेश के अनुसार, उनकी बहन अरुणा की 12 जून 2026 को होनी थी और ऐसे में शादी की तैयारियां चल रही थीं। शादी के लिए रखा करीब 10 क्विंटल गेहूं, 10 क्विंटल चावल, आलू, कपड़े, बर्तन, घर में रखे 3 मोबाइल फ़ोन (जो चार्जिंग में लगे थे), 2 साइकिल और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जल गया। घर में रखा महुआ, पेड़ और उससे जुड़ी रोजी-रोटी का साधन भी आग में खत्म हो गया।

बेटी की शादी के लिए रखे थे नकद और जेवर

रामसुमेर (जिनका घर जल गया) ने बताया कि बेटी की शादी में मोटरसाइकिल देने के लिए एक लाख रुपये नकद घर में रखे थे। इसके अलावा करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवर भी बनवाए गए थे, जो आग में जल गए। रामसुमेर एक किसान हैं। वह खेती-किसानी और मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। उनका साल भर का खर्च महुआ बीनकर और बेचकर ही चलता है, लेकिन अब इस दुर्घटना ने उनका सहारा ही छीन लिया।

“अब बेटी की शादी अगले साल करेंगे”

रामसुमेर की पत्नी रामसखी ने बताया कि अरुणा परिवार की सबसे छोटी बेटी है। पांच भाइयों और दो बहनों वाले इस परिवार ने मजदूरी और बाहर काम करके धीरे-धीरे शादी का सामान जुटाया था। बेटी के लिए चांदी का बिछुआ, गले का पेंडेंट और अन्य सामान बनवाया गया था, लेकिन सब आग में जल गया। उन्होंने कहा कि अब परिवार के पास खाने तक का सामान नहीं बचा है। गांव के प्रधान द्वारा दिए गए कुछ गेहूं और चावल के सहारे परिवार गुजर-बसर कर रहा है। मजबूरी में बेटी की शादी फिलहाल अगले साल के लिए टाल दी गई है।

खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार

घटना के बाद पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। गांव के एक पेड़ के नीचे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग दिन-रात गुजार रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि अब उनके सामने खाने, पहनने और रहने तक का संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन ने भेजी रिपोर्ट, परिवार बोला- नुकसान ज्यादा

मामले में क्षेत्रीय लेखपाल रावेंद्र सिंह ने बताया कि जिन परिवारों में शादी थी, उनके नुकसान का आकलन लगभग डेढ़ लाख रुपये किया गया है और रिपोर्ट तहसीलदार को भेज दी गई है। वहीं अन्य प्रभावित घरों के लिए करीब 25 हजार रुपये सहायता की रिपोर्ट तैयार की गई है। हालांकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनका वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है और अभी तक उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिल सकी है।

ग्राम प्रधान बोले- जो संभव था मदद की

वहीं बोझ ग्राम पंचायत के प्रधान दिनेश पाल ने बताया कि जिनका घर जला उनके परिवार को कोटे से गेहूं और चावल उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार और लेखपाल मौके पर पहुंचकर जांच कर चुके हैं और आगे की सहायता प्रशासन की ओर से दी जाएगी।

 

 

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