देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश NEET UG परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के बाद अब तक देश भर में कम से कम 3 से 4 छात्रों के आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आई हैं।इन मामलों में तनाव और मानसिक दबाव का हवाला दिया गया है जिनमें कुछ इस प्रकार की घटनाएं शामिल हैं-
दिल्ली – आदर्श नगर इलाके में रहने वाली 20 वर्षीय अंशिका पांडे ने परीक्षा रद्द होने के सदमे के कारण कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अंशिका के परिवार द्वारा बताया गया है कि कागजी दस्तावेज़ लीक होने के कारण और परीक्षा रद्द होने की खबर सुनकर अंशिका बहुत ही परेशान हो गई थी। परिवार द्वारा यह भी जानकारी मिली कि अंशिका तीन वर्षों से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी और इस साल अच्छे रैंक आने की उम्मीद में परीक्षा में शामिल हुई थी। रिश्तेदारों का कहना है कि वे पता लगा रहे हैं कि वे ऐसा कदम क्यों उठाई। फ़िलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने ये कदम क्यों उठाया।
उत्तर प्रदेश – लखीमपुर खीरी के गंगानगर में 21 वर्षीय ऋतिक मिश्रा ने अपनी जान दे दी जो अपने तीसरे प्रयास में शामिल हो रहे थे और परीक्षा को लेकर बहुत आश्वस्त थे। 14 मई को ऋतिक मिश्रा ने अपने घर के एक बंद कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। ऋतिक के पिता अनूप मिश्रा ने बताया है कि उनका बेटा तीसरी बार NEET परीक्षा दे रहा था। पिछले दो प्रयासों में हुई ग़लतियों को सुधारने के लिए वह लागतर मेहनत कर रहा था। बताया गया कि ऋतिक परीक्षा के रद्द होने के बाद काफी परेशान था। वह इस फैसले से मानसिक रूप से टूट चुका था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके की आखिर किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और इसके पीछे क्या वजह थी।
राजस्थान – सीकर में कोचिंग कर रहे 21 वर्षीय मेडिकल छात्र प्रदीप मेघवाल (मूल निवासी, झुंझुनूं) ने परीक्षा रद्द होने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। प्रदीप ने NEET UG 2026 का परीक्षा दिया था। प्रदीप के पिता ने पुलिस को बताया है कि प्रदीप मेघवाल ने इस बार परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था, परिवार को उम्मीद थी कि वह 650 अंक लाएगा। परीक्षा रद्द होने के बाद प्रदीप मेघवाल बहुत परेशान हो गया था। प्रदीप मेघवाल ने कमरे में फांसी लगा ली थी। इस मामले पर भी जांच चल रही है।
गोवा – इसके अलावा, दक्षिण गोवा में भी NEET परीक्षा के बाद एक 17 वर्षीय छात्र द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। बताया गया कि 13 मई शाम को मडगांव स्थित अपने घर में फांसी लगाई। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उसने पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के दाबव का जिक्र किया है।
NEET UG 2026 परीक्षा का पूरा मामला
इस बार परीक्षा NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी जिसमें देश भर से 22 लाख से ज़्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था लेकिन ठीक परीक्षा से एक दिन पहले ही 2 मई को पेपर लीक होने की आशंका सामने आ गई थी। केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहे सीकर के एक छात्र ने एक पीडीएफ़ अपने पिता को भेजी थी जिसे ‘गेस पेपर’ बताया गया। पिता द्वारा उस पीडीएफ़ को दूसरे केमेस्ट्री के शिक्षक को दिखाया गया। शिक्षकों को सवाल को देखकर आशंका हुई क्योंकि कई प्रश्न NEET परीक्षा के सवालों से मैच खा रहे थे। 7 मई को इस पीडीएफ़ को एक केंद्रीय जांच एजेंसी तक पहुँचाई गई। जिसके बाद जांच में पता लगा कि पीडीएफ़ में दिए गए 410 सवालों में से करीब 120 सवाल असली परीक्षा में भी आए थे। ये सारे सवाल लगभग 180 अंको के थे। इतनी बड़ी संख्या में सवालों का मिलना सिर्फ संयोग नहीं माना गया।
इसके बाद मामला तेजी से बढ़ने लगा लगातार खबरों पर चलने लगी। 10 मई 2026 को NTA ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा कि वह राजस्थान पुलिस की SOG टीम की जांच पर नजर रखे हुए हैं। तब तक SOG इस पूरे मामले से जुड़े बड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर चुकी थी। उसके बाद 12 मई को NTA ने बड़ा फैसला लेते हुए 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा कर दी।
21 जून को की जाएगी पुनः परीक्षा
फिर इसके बाद यह विवाद थमने का नाम नहीं लिया और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इसके साथ गुहार लगाई गई कि इस परीक्षा को पुराने ‘पेन-एंड-पेपर’ मोड के बजाय तुरंत कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड से कराया जाए। यह याचिका दर्ज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग और डॉक्टर ध्रुव और हरिशरण देवगन के द्वारा संयुक्त रूप से दायर किया गया। 15 मई को NTA ने एक्स अकाउंट में पोस्ट कर बताया कि इसकी अगली परीक्षा 21 जून को की जाएगी। एक्स में लिखा है कि “NEET (UG) 2026 – परीक्षा तिथि की घोषणा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भारत सरकार की ओर से NEET (UG) 2026 की पुनः परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है। वास्तविकता एवं इतिहास से खिलवाड़ है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें।”
📢 NEET (UG) 2026 — परीक्षा तिथि की घोषणा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भारत सरकार की स्वीकृति से NEET (UG) 2026 की पुनः-परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है।
परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल NTA के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें।…— National Testing Agency (@NTA_Exams) May 15, 2026
पोस्ट में ये भी लिखा गया है कि यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। “उम्मीदवार अपने पहले और दूसरे पसंदीदा परीक्षा शहर का उल्लेख कर सकते हैं। • जो छात्र इस सुविधा का विकल्प नहीं चुनते हैं, उनके द्वारा चुने गए शहर का विकल्प ही मान्य रहेगा। • वर्तमान पते और शहर के विकल्प को छोड़कर किसी भी विवरण में कोई संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। • 21 मई 2026 के बाद किसी भी प्रकार के परिवर्तन के अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। • उम्मीदवार से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। शहर की सूचना, एडमिट कार्ड और अन्य विवरण 14 जून तक आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाएंगे।”
📢 NEET (UG) 2026 — Public Notice
NTA wishes to inform candidates of the operational details for the re-examination of NEET (UG) 2026:
🗓️ Date: Sunday, 21 June 2026
⏰ Timing: 2:00 PM to 5:15 PM (IST), including time for examination formalities
📝 Mode: Pen & Paper (Offline),…
— National Testing Agency (@NTA_Exams) May 15, 2026
अब तक कितने लोग किए गए गिरफ़्तार?
इस मामले अब तक लगभग 9 लोगों की गिरफ़्तारी की जा चुकी है। बीबीसी के रिपोर्ट अनुसार हालही में एक मनीषा मांढरे नाम की अभियुक्ति की गिरफ़्तारी की गई है। मनीषा मांढरे को परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर शामिल किया गया था और बॉटनी व ज़ूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उनकी पहुंच थी।
मनीषा मांढरे पुणे के एक बड़े कॉलेज में बॉटनी की वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। हलांकी मामले में नाम आने के बाद भी अब तक उनकी या उनके वकीलों के तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले लातूर निवासी पीवी कुलकर्णी को इस पूरे पेपर लीक मामले में गिरफ़्तार किया गया था। सीबीआई द्वारा इसे मुख्य आरोपी यानी मास्टरमाइंड बताया है।
इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्या नगर समेत कई शहरों से कुल 9 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जिसमें जांच जारी है। इनमें से पांच आरोपियों को अदालत ने सात दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है।
– शुभम खैरनार
– पीवी कुलकर्णी
– मनीषा वाघमारे
– धनंजय लोखंडे
– मांगीलाल बिवाल
– विकास बिवाल
– दिनेश बिवाल
– यश यादव
– मनीषा मांढरे
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
राजस्थान मामले पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने एक्स अकाउंट में पोस्ट कर लिखा कि NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी निवासी छात्र प्रदीप की आत्महत्या बेहद दुःखद है। इसी प्रकार गोवा और उत्तर प्रदेश से NEET 2026 पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं के बाद छात्रों की आत्महत्याओं की खबरें मन को विचलित करने वाली हैं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।NEET 2026 पेपरलीक को लेकर भविष्य की चिंता ने छात्रों पर गहरा दबाव डाला है और इसका सीधा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। होनहार, ईमानदार छात्रों ने जी तोड़ मेहनत की और अंत में पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी जाती है। सरकार द्वारा जाँच CBI को सौंप दी जाती है — क्या यह खानापूर्ति नहीं है? अभी तक किसी भी मंत्री का इस्तीफ़ा क्यों नहीं हुआ?”
NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी निवासी छात्र प्रदीप की आत्महत्या बेहद दुःखद है। इसी प्रकार गोवा और उत्तर प्रदेश से NEET 2026 पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं के बाद छात्रों की आत्महत्याओं की खबरें मन को विचलित करने वाली हैं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति…
— Sachin Pilot (@SachinPilot) May 15, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स का माध्यम से वीडियो जारी कर कहा कि “NEET के 22 लाख बच्चों के साथ हुआ धोखा। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे। डेमोक्रेट प्रधान जी को अभी हटा दिया गया है, या सेमेस्टर पद पर नियुक्त किया गया है। मोदी जी, अभी धर्मेंद्र प्रधान जी को बर्खास्त करें।”
NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाइए, या जवाबदेही ख़ुद लीजिए।
Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW. pic.twitter.com/6FRMMa8AI8
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 16, 2026
“अब नहीं सीमेंट कीट परीक्षा।” प्रभात खेडड़ी के 21 साल के प्रशिक्षित मिश्रा के ये आखिरी शब्द थे। तीसरी बार नीट परीक्षा देने वाला यह बच्चा, परीक्षा रद्द होने से ही टूट गया। गोवा में भी एक NEET कोचिंग ने जान दे दी। ये बच्चा परीक्षा से नहीं हारे, एक घटिया तंत्र ने मारा है। यह आत्महत्या नहीं – यह सिस्टम द्वारा हत्या है।”
“अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा।”
लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा के ये आख़िरी शब्द थे। तीसरी बार NEET देने वाला यह बच्चा, परीक्षा रद्द होते ही टूट गया।
गोवा में भी एक NEET अभ्यर्थी ने जान दे दी।
ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है।यह…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 15, 2026
वहीं दिल्ली भाजपा नेता एपी सिंह ने कहा है कि “…राहुल गांधी केवल राजनीति करते हैं। सरकार ने इसपर सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। समर्थकों का अपराधी होना शुरू हो गया है। आगे फिर ऐसा हो, इसके लिए सरकार चिंता कर रही है…”
#WATCH दिल्ली: भाजपा नेता आरपी सिंह ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर कहा, “…राहुल गांधी केवल राजनीति करते हैं। सरकार ने इसपर CBI जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों की गिरफ्तारी होना शुरू हो गई है। आगे ऐसा फिर से ना हो, इसके लिए सरकार चिंता कर रही है…” pic.twitter.com/g8nYYBGtbo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 17, 2026
इसमें सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने लिखा है कि “राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा की तिथि 21 जून 2026 (रविवार) निर्धारित की गई है। यह निर्णय 3 मई को पेपर लाइक के बाद आयोजित परीक्षा में लिया गया, जिसमें मूल परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इस स्थिति में किसानों पर आर्थिक और मानसिक दबाव को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी प्रभावित गरीबों के लिए केंद्रीकृत राज्य और शैक्षणिक संस्थान और न्याय सुनिश्चित करें, आने-जाने, आवास और अन्य आवश्यक खर्चों का पूरा ध्यान रखें। इससे गरीबों और दूर-दराज के छात्रों को अतिरिक्त आर्थिक भार कम पड़ेगा और उन्हें समान अवसर सुनिश्चित हो जाएगा। खोज से यह आशा है कि वह इस मामले को केवल सार्वभौमिक प्रक्रिया और उद्यमशीलता की भावना के दृष्टिकोण से देखे और आवश्यक वित्तीय सहायता सुनिश्चित करे।”
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा की तिथि 21 जून 2026 (रविवार) निर्धारित की गई है। यह निर्णय 3 मई को आयोजित परीक्षा में पेपर लीक के बाद लिया गया, जिसके चलते मूल परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
इस स्थिति में अभ्यर्थियों पर आर्थिक और मानसिक दबाव को देखते…
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) May 16, 2026
‘फैसल खान’ जिन्हें पेशेवर रूप से खान सर के नाम से जाना जाता है, बिहार के पटना में रहने वाले एक भारतीय शिक्षक और यूट्यूबर हैं। वे एक कोचिंग संस्थान चलाते हैं जो भारत में छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करता है। इसी से संबंधित मामले में इंडिया टुडे के रिपोर्ट अनुसार उन्होंने कहा है कि “सोचिए उन छात्रों का क्या होगा जिनके अंक 700 से ऊपर या 650 से ऊपर आने की उम्मीद थी।”
उनके अनुसार, कई छात्र अब गंभीर तनाव, अनिश्चितता और भावनात्मक थकावट का सामना कर रहे हैं। “छात्र अब संकट की स्थिति में हमारे पास आ रहे हैं।” उन्होंने पुराने विवादों का उदाहरण देते हुए कहा है कि जब पेपर लीक होता है तो उसके बाद होने वाली दोबारा परीक्षा अक्सर ज्यादा कठिन बना दी जाती है। इससे छात्रों का तनाव और दबाव पहले से ज्यादा बढ़ जाता है।
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