जिला बांदा। पुलिस थाना एक ऐसी जगह है जहां लोग खुद को सबसे ज्यादा सुरक्षित मानता है। लेकिन बांदा जिले के बदौसा थाने में 12 जून को जो हुआ, उसने सुरक्षा के इसी भरोसे को कठघरे में खड़ा कर दिया। प्रेम विवाह से नाराज एक पिता ने थाने के अंदर ही अपनी बेटी पर चाकू से वार कर उसकी जान ले ली। घटना के बाद थाने में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सवाल यह है कि आखिर एक व्यक्ति हथियार लेकर थाने के भीतर कैसे पहुंच गया? क्या सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई या फिर मानवता दिखाने के नाम पर बरती गई लापरवाही इस दर्दनाक घटना की वजह बन गई। इस मामले की चर्चा अब सिर्फ बदौसा या बांदा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में हो रही है। स्थानीय लोगों से बातचीत में अलग-अलग राय सामने आई, लेकिन एक बात पर लगभग सभी सहमत दिखे कि एक बेटी की जान चली गई और यह नहीं होना चाहिए था। कुछ लोगों ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए, तो कुछ ने इसे समाज कि सोच का नतीजा बताया है। जो आज भी प्रेम विवाह को स्वीकार नहीं कर पाती और लड़कियों को बेड़ियों में जकड़ कर रखना चाहती है।
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