अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और गबन के आरोपों ने श्रद्धालुओं से लेकर लोगों के बीच तक हलचल मचा दी है। आरोप है कि मंदिर दान पात्र से करीब 7.5 करोड़ों रुपए चोरी हुए हैं, जिनका इस्तेमाल मंदिर के कर्मचारियों ने जमीन खरदीने और घर बनाने में लगाया है। इस मामले पर गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जबकि मंदिर ट्रस्ट भी मामले की जांच में सहयोग की बात कह रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह मामला इस महीने यानी जून की शुरुआत में तब सुर्खियों में आया जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर को दान में मिले कई करोड़ रुपये गायब हो गए हैं। उन्होंने न्यायपालिका से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने 7 जून को सोशल मीडिया पोस्ट के माधयम से यह जानकारी दी।
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 7, 2026
जाँच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी रकम के कथित रूप से गायब होने के आरोप सामने आने के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सरकार से जांच की मांग की। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया। 15 जून को एसआईटी की टीम अयोध्या राम मंदिर पहुंची और दान पात्र पेटी की जाँच शुरू कर दी है। इस जाँच में सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) ने SIT टीम के साथ कई घंटों तक बैठक की थी।
यूपी सरकार ने एसआईटी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
SIT टीम पर भरोसा करने से इंकार
धर्म सेना के संस्थापक संतोष दुबे ने मंगलवार 16 जून को राम जन्मभूमि थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हर दिन करोड़ों का दान आता है। उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ “टिन्नू” पर आरोप लगाया कि मामले से संबंधित कई महीनों की सीसीटीवी फुटेज हटा दी गई। उनके अनुसार, वर्ष 2022 में इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि उन्हें मौजूदा जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है और मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की आवश्यकता है।
UPDATE in #RamMandir Fraud case!
Kar sevak Santosh Dubey along with other Ayodhya vasis have REJECTED SIT and instead demanded immediate FIR on accused!
“We do not trust any SIT, what we want is immediate FIR on Sanghis
Chor Champat Rai Bansal
Chor Gopal Rai
Chor Anil Mishra… https://t.co/loimcBFcAF pic.twitter.com/ikDmPXv6te— Ritu #सत्यसाधक (@RituRathaur) June 16, 2026
वहीं, कुछ आलोचकों का आरोप है कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन केवल मामले को टालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए ही एसआईटी बनाई गई है और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में भी कथित चोरी का आरोप, सीबीआई (CBI) जाँच की मांग
अयोध्या में राम मंदिर में कथित चोरी के आरोपों के बीच मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि में चंदा चोरी का आरोप सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मथुरा के दिनेश फलाहारी महाराज ने CM योगी को अपने खून से चिट्ठी लिखकर इस मामले पर CBI जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगया है कि “श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा में दान के रुपए, चढ़ावा, आभूषणों को CCTV कैमरे बंद करके प्रबंध कमेटी वाले लोग बंदरबांट करके करोड़ों की गाड़ियों और कोठियों में प्रस्थान कर गए हैं। पहले स्कूटर पर आने वाले लोग अब होटलों के मालिक बन गए हैं”
राम मंदिर अयोध्या में चंदा चोरी मामले के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा में चंदा चोरी का बड़ा आरोप लगा है। दिनेश फलाहारी महाराज ने CM योगी को खून से चिट्ठी लिखकर CBI जांच की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा– “जब गुल्लकों को खोला जाता है, तब CCTV बंद कर दिए जाते हैं। पैसे, सोना, चांदी,… pic.twitter.com/ytye4hjHAc
— Sachin Gupta (@Sachingupta) June 16, 2026
अयोध्या राम मंदिर दान में करोड़ों का घोटाला
द वायर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता महंत सीताराम ने स्पष्ट रूप से वीएचपी पर 1980 के दशक के बाद और 1990 के दशक के आरंभ से भारत और विश्व स्तर पर श्रद्धालुओं से एकत्र किए गए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की हेराफेरी करने का आरोप लगाया।
अखाड़े ने आरोप लगाते हुए कहा “उन्होंने भक्तों से चंदा इकट्ठा किया। लेकिन उस पैसे का इस्तेमाल उन्होंने अपनी इमारतें बनाने और अपनी सरकार बनाने में किया। उन्होंने राम मंदिर के नाम पर नोट और वोट तो इकट्ठा किए, लेकिन उस पैसे का इस्तेमाल मंदिर के लिए नहीं किया।”
अयोध्या राम मंदिर में कथित चोरी में सामने आए नाम
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में सामने आया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोप मामले में 13 जून को ट्रस्ट ने दो और कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इस मामले में पांच व्यक्तियों – लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुण और रामशंकर के नाम सामने आए हैं। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, अधिकारियों ने अब तक 2 करोड़ रुपये बरामद किए हैं।
दान राशि की गणना से जुड़े कर्मचारी लवकुश को भी पकड़ा गया है। उसके घर से नकदी मिलने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि उसने हाल ही में करीब 40 लाख रुपये की जमीन खरीदी थी और उस पर मकान बनवा रहा है।
वहीं, गर्भगृह में सेवाकार्य से जुड़े एक कर्मचारी से भी पूछताछ की गई है। उस पर महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों के प्रबंधन की जिम्मेदारी थी। सूत्रों का दावा है कि उसने भी कुछ महीने पहले करीब 1.5 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी थी।
इस मामले में चोरी के आरोप के लिए एक नाम सबसे चर्चा में है वो है राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ “टिन्नू” . मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अयोध्या और लखनऊ में उनके नाम पर लगभग 50 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों का पता चला है।
रामशंकर यादव उर्फ “टिन्नू” ने आरोपों को किया ख़ारिज
सोशल मीडिया पर अब एक वीडियो सामने आया है जिसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने कथित तौर पर चोरी के आरोपों को मना कर दिया है। उन्होंने कहा “जय श्रीराम, मेरा नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू है। मैं 1993 में विश्व हिंदू परिषद से जुड़ा था और राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवा में भी शामिल रहा हूं। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। उनके अनुसार, उनके मकान को लेकर जो जानकारी फैलाई जा रही है वह भी सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस जमीन को लेकर 50 करोड़ रुपये की बात कही जा रही है, उसका बैनामा उन्होंने 2008 में कराया था और 2015 में वहां मकान बनाया गया था।
राम मंदिर का चढ़ावा चोरी वाले आरोपों पर टिन्नू यादव की सफाई, कहां से आया पैसा, ये भी बताया, देखें वीडियो#RamMandirDonationCase pic.twitter.com/I7KP4RShHB
— NDTV India (@ndtvindia) June 17, 2026
राजनीतिक हलचल और अन्य प्रतिक्रियाएं
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा – धर्म के नाम पर लूटपाट
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का इस मामले पर बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब उन्होंने (किसी का नाम न लेते हुए) संतों को बाहर निकाल दिया और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ राम मंदिर ट्रस्ट का गठन किया, तो यह स्पष्ट हो गया कि उनका उद्देश्य धर्म के नाम पर लूटपाट करना था। पहले तो पवित्र पूजा स्थल को मात्र एक बाज़ार बना दिया गया और अब वे खुलेआम भगवान की संपत्ति लूट रहे हैं।
When they threw out the saints and formed the Ram Mandir Trust with party workers, it became clear that their goal was to loot and plunder in the name of religion. First the sacred place of worship was made into a mere marketplace and now they are robbing God’s wealth openly.… pic.twitter.com/RYd5BFIWfw
— Congress Kerala (@INCKerala) June 17, 2026
कथित चोरी के पीछे प्रभावशाली लोग शामिल – बीजेपी नेता
इस मामले पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा, “यदि मैं इस विषय पर पूरी सच्चाई बोलूं, तो मुझे गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इसमें शामिल लोग बहुत प्रभावशाली हैं। फिलहाल हमारे पास खुलकर बोलने का साहस नहीं है। संभव है कि उचित समय आने पर हम इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखें।”
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मामले की जांच ट्रस्ट स्वयं कर रहा है और वह अपने नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि यह विषय मुख्य रूप से ट्रस्ट के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है और उसी के स्तर पर इसकी जांच और निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय मामलों में अधिक पारदर्शिता लाई जाए। उन्होंने ट्रस्ट की आय-व्यय, दान राशि, बैंक खातों, संपत्तियों और भूमि सौदों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा – SIT की जाँच कौन करेगा?
जांच के लिए यूपी सरकार द्वारा 3 सदस्यों की SIT बनाने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “जिस राज्य में नौकरियां और रोज़गार के मौके पैदा करने के लिए IIT बनने चाहिए थे, वहां इसके बजाय SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई जा रही हैं… इतना भ्रष्टाचार हो रहा है। और अब वे कह रहे हैं कि अधिकारी हमारे संतों, पुजारियों और मंदिरों में सेवा करने वालों की जांच करेंगे। लेकिन मुझे बताइए, इन अधिकारियों की खुद SIT जांच कौन करेगा? इन अधिकारियों की भी SIT जांच होनी चाहिए।”
VIDEO | Lucknow: On UP government forming a 3-member SIT to probe allegations regarding Ram temple donations, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, “In a state where IITs should have been built to create jobs and employment opportunities, SITs (Special Investigation Teams)… pic.twitter.com/qrWkBklFdD
— Press Trust of India (@PTI_News) June 16, 2026
आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह का बीजेपी पर लूट का आरोप लगाया
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा “ग़ज़नी के महमूद ने सोमनाथ मंदिर को लूटा। बीजेपी (ED पार्टी) ने भगवान श्री राम के मंदिर को लूटा। उन्होंने कहा भ्रष्ट ट्रस्ट के चंपत राय ने भगवान श्री राम के नाम पर 3 करोड़ की नज़ूल ज़मीन 24 करोड़ में खरीदी—यह एक बड़ी लूट है। यह बात उन्होंने आज 17 जून वाराणसी में एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।
फिलहाल एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले यह कहना मुश्किल है कि इस मामले में कितनी धनराशि या कितने मूल्य के आभूषणों की चोरी हुई है। वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
अयोध्या राम मंदिर कथित चोरी मामले पर अयोध्यावासी की प्रतिक्रिया
खबर लहरिया ने इस मामले पर अयोध्या के लोगों से बात की। उन्होंने इस पर अपनी बात रखी।
अयोध्या में रहने वाले आनन्द वेदान्ती त्रिपाठी कहते हैं कि “राम का नाम लेकर राजनीति की जा रही है। राम मंदिर बनाया गया है इस वजह से राजनीति की जा रही है। जो राम को मानते हैं जिनकी श्रद्धा है मेरा मानना है कि वो चोरी नहीं कर सकते यदि किसी ने की है तो सामने आएगा ही।”
गुजरात के रहने वाले दिप देव ने कहा कि “एक साजिश जैसी चल रही है। मैं कल 16 जून को अयोध्या मंदिर गया था वहां ऐसा कुछ नहीं चल रहा है। ये बस एक पार्टी को बदनाम करने की साजिश है।”
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