उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना को लेकर मजदूरों का कहना है कि पूरे 5 साल के कार्यकाल में उन्हें मनरेगा के तहत नियमित काम नहीं मिला। जो काम शुरू में कराया गया था, उसका भुगतान भी आज तक नहीं हुआ। मजदूरों का आरोप है कि जॉब कार्ड के नाम पर गड़बड़ियां हुईं और कई लोगों के खातों में पैसा नहीं पहुंचा।
ये भी देखें –
1 मई मज़दूर दिवस: जब जॉब कार्ड है, फिर काम क्यों नहीं? मनरेगा में जाति और भेदभाव के सवाल
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’