खबर लहरिया आवास प्रयागराज : सरकार की जन चौपाल भी ग्रामीण क्षेत्रो में असफल

प्रयागराज : सरकार की जन चौपाल भी ग्रामीण क्षेत्रो में असफल

सरकारी नियम है कि हर गांव-गांव में चौपाल लगेगी लेकिन चौपाल लगने से गरीबों को कोई फायदा नहीं होता है। अधिकारी बस अपना सुना कर चले जाते हैं लोगों की समस्या का कोई हल नहीं होता। यहाँ पानी की व्यवस्था नहीं है। लोग खदान का पानी पीते हैं और उसी से नहाते हैं जिससे स्वास्थ्य पर बहुत दिक्कत होती है।

जिला प्रयागराज, ब्लाक शंकरगढ़, गांव जनवा। इस समय गांवो में जन चौपाल, विधायक चौपाल लगाई जा रही है। चौपाल लगने का उद्देश्य है कि गांव के लोगों की समस्या हल हो। जैसे पानी की व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था, विधवा पेंशन,आवास, शौचालय, विकलांग पेंशन इत्यादि समस्याओं का हल हो लेकिन लोगों के अनुसार जन चौपाल लगने से कोई फायदा नहीं है।

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जनवा गांव की आबादी 6500 है। यहां के लोग 35 साल से झोपड़ी बनाकर गुज़ारा कर रहे हैं लेकिन अभी तक इनको आवास नहीं मिला है। जब बरसात का मौसम होता है, पूरी झोपड़ी में पानी भर जाता है। खाना बनाने की जगह नहीं रहती है। लोग कई-कई दिन बिना खाना खाए रह जाते हैं। मज़दूर लोग हैं, पत्थर की कटाई करते हैं ऐसे में बिना खाये जीवन कैसे बीतेगा।

शंकरगढ‌ बीडीओ रामविलास राय का कहना है कि इस समय सरकार की तरफ से नियम में आया है कि हर गांव में ग्राम चौपाल लगेगी। ग्राम चौपाल लगने का उद्देश्य यही है कि जो गरीब व्यक्ति ब्लॉक तक नहीं आ सकते, उनकी समस्या नहीं हल हो पाती तो उनकी बात सुनी जाए और समस्या का हल किया जाए। अभी हाल में जनवा में जन चौपाल लगी थी। वहां 35 साल से 12 परिवार झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं लेकिन उनको कोई विकास नहीं हो पाया है। उनके लिए आवास और ज़मीन की सुविधा कराई जाएगी। शंकरगढ़ ब्लाक में 72 ग्राम पंचायत है। हर गांव में बारी-बारी से ग्राम चौपाल लगेगी।

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