खबर लहरिया Blog Patna News: महिला ने कथित तौर पर ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, जानें क्या है पूरा मामला

Patna News: महिला ने कथित तौर पर ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, जानें क्या है पूरा मामला

बिहार के खगड़िया जिले के बाबू चकला गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला पिंकी देवी (35 वर्ष) ने ससुराल में झगड़े और प्रताड़ना के चलते ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। यह घटना खगड़िया जिले के कटिहार–बरौनी रेल खंड के पसराहा क्षेत्र में हुई। यह घटना 22 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच की बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस फ़िलहाल जांच में जुटी है।

खगड़िया का पसराहा थाना (फोटो साभार: सुमन)

रिपोर्ट – सुमन, लेखन – सुचित्रा 

ट्रेन की पटरी पर शव के टुकड़े

खबर लहरिया की रिपोर्ट के मुताबिक इरन देव सिंह (पिंकी के पिता) ने बताया कि उनकी बेटी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोपहर करीब 3–4 बजे के बीच उन्हें बेटी के ससुराल से फोन आया जिसमें हादसे की जानकारी दी गई। इसके बाद वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि हादसा बेहद गंभीर था। दुख और सदमे की हालत में वे अपनी बेटी के शव के हिस्सों को इकट्ठा करने लगे और उन्हें कपड़े से ढकने की कोशिश करने लगे।

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उनकी मदद की। एक अधिकारी ने उन्हें दस्ताने पहनाकर सुरक्षित तरीके से शव को समेटने में सहयोग किया। इसके बाद पुलिस और परिजनों ने मिलकर सभी अवशेषों को एकत्र किया और पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया।

ससुराल वालों पर परेशान करने का आरोप

पिंकी देवी की बड़ी बहन रिंकी देवी कि घटना से पहले घर में देवरानी और जेठानी के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद पिंकी घर से निकल गई और यह कदम उठा लिया।
वहीं परिजनों का कहना है कि पिंकी को लंबे समय से ससुराल में प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। उनका कहना है कि उसके पति अविनाश कुमार सूरत में काम करते हैं और उसी से घर चलता है। पिंकी के दो बेटे हैं -10 वर्षीय हिमांशु और 8 वर्षीय पीयूष, जो घटना के समय घर पर ही थे।

ससुराल पक्ष की मामी के द्वारा बयान

ससुराल पक्ष से इस मामले पर पिंकी देवी के पति अविनाश की मामी मीरा देवी ने बात की। उन्होंने बताया कि अविनाश और पिंकी देवी उनके ननद के बेटे और बहू हैं, जबकि उनकी ननद का पहले ही निधन हो चुका है। अविनाश चार भाइयों में से एक है, जिनमें उसका सगा भाई उत्तम है और उसकी पत्नी का नाम छोटी है। अविनाश बाहर काम करता है और समय-समय पर पैसे भेजता रहता है, साथ ही दो-तीन महीने में घर आता रहता है।

देवरानी-जेठानी के बीच हुआ था झगड़ा

मीरा देवी ने बताया कि बुधवार को सुबह करीब 10–11 बजे के बीच उत्तम, उत्तम की पत्नी छोटी और पिंकी देवी के बीच घर को लेकर झगड़ा हुआ था। सूचना देने पर 112 नंबर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामला शांत करा दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी को अंदाजा नहीं था कि इसके बाद पिंकी ऐसा कदम उठा लेगी।

पिंकी देवी के बेटे छोटे पीयूष और बड़े हिमांशु बताते हैं कि घटना के समय वे घर पर ही थे। उनकी मां ने सुबह खाना बनाया और सभी ने साथ में खाना खाया। उसी दौरान घर में झगड़ा भी हुआ जिसमें मारपीट की बात सामने आई।
बच्चों के अनुसार, इसके बाद उनकी मां ने उनसे कहा कि वे घर पर ही रहें और खुद हाथ में बोरी और हंसिया लेकर बाहर चली गईं।

मानसिक तनाव और परिवारिक विवाद मौत का कारण

मझौली निवासी चंपा देवी ने बताया कि उनके फोन पर उनकी बहन पिंकी देवी का कॉल आया था। बातचीत के दौरान पिंकी देवी ने कहा, “मेरे बच्चों का ध्यान रखना, मैं अब इस दुनिया से जा रही हूं, मैं जीना नहीं चाहती।” यह बातचीत सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच चंपा देवी (पिंकी की बहन) ने बताया कि आर्थिक तंगी और घर के बंटवारे/जमीन-जायदाद को लेकर पिंकी को लगातार उत्तम और उसकी पत्नी द्वारा परेशान किया जा रहा था। इस वजह से वह काफी तनाव में रहती थी। परिवार ने कई बार उसे समझाने की कोशिश की लेकिन लगातार प्रताड़ना के कारण वह टूट गई थी।
चंपा ने बताया कि अभी तक थाने में कोई आवेदन नहीं दिया गया है। पिंकी के पति के आने के बाद वे शिकायत दर्ज कराएंगे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

आगे वह कहती हैं कि मेरे पिता घटनास्थल पर बिलख बिलख के रो रहे थे और उस वक्त कोई भी ससुराल पक्ष का सदस्य वहां पर मौजूद नहीं था। घटनास्थल पर सिर्फ पिंकी के ससुर राजेश थे। अगर (उत्तम (पिंकी के पति का भाई) और उत्तम की पत्नी गलत नहीं थे तो फिर इतनी बड़ी घटना को होने के बाद वह साथ क्यों नहीं खड़े थे?

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जाँच जारी

पसराहा थाना प्रभारी नवीन कुमार ने फोन पर बताया कि उन्हें 22 अप्रैल को दोपहर करीब 3–4 बजे के बीच घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे और टीम के साथ मिलकर शव को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

उन्होंने कहा कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है और परिजनों की ओर से अब तक कोई लिखित शिकायत या आवेदन भी नहीं दिया गया है। ऐसे में फिलहाल कुछ स्पष्ट कहना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अगर परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला आत्महत्या का है या किसी प्रताड़ना के कारण उठाया गया कदम।

समाज में ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि आज भी महिलाओं को कई तरह से प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। भले ही दहेज या खुली हिंसा की बात न हो, लेकिन मानसिक दबाव और लगातार तनाव भी किसी को अंदर से तोड़ सकता है। ऐसी परिस्थितियां बेहद चिंताजनक हैं और समाज की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती हैं।

कई बार घर के भीतर छोटे-छोटे झगड़े, तकरार, या जमीन-जायदाद जैसे मुद्दों को लेकर होने वाले विवाद माहौल को इतना तनावपूर्ण बना देते हैं कि व्यक्ति पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि परिवार और समाज मिलकर ऐसा वातावरण बनाएँ, जहां सम्मान, समझ और संवाद को महत्व मिले और किसी भी व्यक्ति को इस तरह के दबाव का सामना न करना पड़े।

 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our  premium product KL Hatke 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *