मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के महाराजगंज गांव में सड़क के बिचो बीच लगा एक बिजली का खंभा लोगों के लिए परेशानी और हादसों का कारण बना हुआ है। वहां के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण होने के बाद भी इस खंभें को नहीं हटाया गया जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – रचना
गांव वालों द्वारा बताया गया कि जब लोग सड़क पर चलते हैं तो उन्हें काफी सावधानी रखनी पड़ती है। रात के समय और बारिश के मौसम में यह समस्या और भी बढ़ जाती है। कई बार बाइक सवार और अन्य वाहन चालक खंभे से टकराते-टकराते बच जाते हैं।
महाराजगंज गांव के प्रमोद अहिरवार से पता लगा कि पहले यहां बिजली का खंभा लगाया गया था उसके बाद सड़क का काम शुरू हुआ था लेकिन सड़क बनाते समय खंभें को हटाने की बजाय उसे वहीं छोड़ दिया गया और उसके आसपास सड़क बना दी गई और ये प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। इस खंभे के वजह से यहां आए दिन हादसे होने का खतरा बना रहता है। सड़क में वाहन गुजरने के के अलावा गाय-भैंस जैसे पशु भी गुजरते हैं। बारिश के दिनों में खंभें में करंट आने लगता है जिससे जानवरों के करंट की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।
प्रमोद बतलाते हैं कि रात के समय खंभें पर कोई लाइट नहीं होने के कारण वाहन चालकों को यह दिखाई नहीं देता कि सड़क के बीच खंभा है। साइकिल सवार तो अक्सर यहां गिर ही जाते हैं। गांव के लोगों द्वारा मिलकर बिजली विभाग में शिकायत भी की गई थी लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उसी गांव की रहने वाली अनीता ने कहा कि जो लोग पहली बार गांव में आते हैं उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती और उनके साथ हादसा हो जाता है।
राहगीरों से मिली जानकारी
गांव से गुजरने वाले चरण सिंह यादव से बात की गई उन्होंने कहा जब वह पहली बार इस सड़क से निकले तो सड़क के बिचो-बीच खंभा देखकर हैरान रह गए। यहां से ट्रैक्टर और बड़े वाहनों को निकालना काफी मुश्किल हो जाता है। गेहूं की कटाई के बाद फसल लेकर गांव लौटते समय उन्हें ट्रैक्टर बहुत सावधानी से निकलना पड़ा था। उनका मानना है कि सड़क निर्माण के दौरान ही खंभें को किनारे कर दिया जाता या सड़क की दिशा में थोड़ा बदलाव कर दिया जाता तो यह समस्या पैदा नहीं होती।
गांव के सरपंच विनोद पटेल ने बताया कि सड़क के बीच में लगे इस खंभे को हटाने के लिए कई बार बिजली विभाग को आवेदन दिया जा चुका है। हाल ही में मार्च महीने में भी विभाग को आवेदन सौंपा गया था, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। जब यह सड़क बनाई गई थी तब वह सरपंच नहीं थे। उस समय दूसरे गांव के सरपंच के कार्यकाल में कच्चे रास्ते को पक्का किया गया था। सड़क बनने से पहले भी ग्रामीणों ने बीच सड़क में खंभा होने पर आपत्ति जताई थी। लोगों को भरोसा दिलाया गया था कि बाद में बिजली विभाग से समन्वय कर खंभे को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
करीब पांच साल पहले बनी इस सड़क पर आज भी खंभा उसी जगह खड़ा है। यह गांव का मुख्य मार्ग है जिससे प्रतिदिन लगभग एक हजार लोगों का आना-जाना होता है। तेरही गांव को जोड़ने वाली लगभग सात किलोमीटर लंबी सड़क के बीच में यह खम्भां दुर्घटना का कारण बना हुआ है। करीब तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में विभिन्न समुदायों के लोग रहते हैं।
ग्रामीणों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान अहिरवार समाज के लोगों ने भी खंभे को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। अब गांव वाले चाहते हैं कि बिजली विभाग जल्द से जल्द खंभे को सड़क किनारे शिफ्ट करे ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे की आशंका खत्म हो।
बिजली विभाग से मिली जानकारी
बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री अमर श्रीवास्तव का कहना है कि महाराजगंज गांव के ग्रामीण की ओर से सड़क के बीच में लगे बिजली के खंभे को हटाने के लिए आवेदन दिया गया था, इसके बाद विभाग की ओर से कर्मचारियों को मौके का निरीक्षण करने के लिए भेजा गया था। हालाँकि कर्मचारियों ने लौटकर बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीणों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया जिसके कारण आगे की कार्यवाही नहीं हो सकी।
अमर श्रीवास्तव द्वारा कहा गया कि मामले को एक बार फिर से दिखवाया जाएगा और खंभें को सड़क से हटाकर किनारे स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही जल्द शुरू की जाएगी ताकि ग्रामीणों को हो रही परेशानी समाधान किया जा सके।
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