मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग के लिए एक घोषणा की है। 11 मई को के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार समारोह में पहुंचे थे। वहां मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में पुलिस बल की कमी को दूर करने के लिए इस साल 10 हजार नए पदों पर भर्ती की मंजूरी दी जा रही है।
उन्होंने माना कि फिलहाल विभाग में करीब 22 हजार 500 पद खाली हैं और बाकी रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में बेहतर काम किया है। उन्होंने पुलिस जवानों और अधिकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और कार्रवाई की वजह से मध्य प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बना है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी का ऐलान किया। उन्होंने बताया है कि डीजी स्तर पर मिलने वाली इनाम राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 50 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं एसपी स्तर पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि भी दोगुनी कर दी गई है। पहले यह राशि 10 हजार रुपये थी जिसे अब बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है। समारोह के दौरान प्रदेश के 101 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों और जवानों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित भी किया गया।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस की मेहनत और कार्रवाई की वजह से चंबल के बीहड़ों से डकैतों का पूरी तरह सफाया हो पाया है। पुलिस बल ने लगातार कठिन परिस्थितियों में काम करके प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा है कि पिछले दो सालों में प्रदेश में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई गई है और अब मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जो नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। उन्होंने खास तौर पर बालाघाट इलाके का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां अब विकास के नए काम तेजी से हो रहे हैं और क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि पूरे पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात है। फ़िलहाल इस पद की भर्ती के लिए अभी कोई तारीख़ जारी नहीं की गई है।
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