खबर लहरिया क्राइम महोबा : महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार। जासूस या जर्नलिस्ट

महोबा : महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार। जासूस या जर्नलिस्ट

जहां एक तरफ सरकार महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है और कई तरह के कानून भी बने हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ इस समय स्थिति ऐसी है कि महिलाएं घर के अंदर भी अपने आप को सुरक्षित नहीं महसूस कर पा रही हैं। तो आखिरकार इन बड़े-बड़े दावों का क्या मतलब अभी हाल ही में 12 अगस्त को महोबा जिले के कुलपहाड़ कोतवाली अंतर्गत आने वाले एक गांव में एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया। आज भी महिला परिवार दहशत में है।

25 वर्षीय महिला के साथ मारपीट कर तीन लोगों द्वारा उसके साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया जाता है। महोबा जिले के पनवाड़ी ब्लॉक के गांव की यह घटना 12 अगस्त 2022 की है। आरोपियों द्वारा लगातार दी जा रही धमकी की वजह से महिला ने 4-5 दिन बाद जाकर अपने पति को घटना के बारे में बताया।

ये भी देखें – बाँदा : नाबालिग के साथ गाँव के व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म करने का आरोप

महिला ने बताया कि जब उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ तो वह उस समय घर में अकेली थी। 12 अगस्त को पति उसके मायके चले गए और ससुर बाहर सो रहे थे। रात के तकरीबन 10:30 बजे छत की खरपैल से तीन लोग उसके घर में घुस गए। उसके मुंह में कपड़ा बांधा व सामूहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया।

आरोपियों ने महिला को धमकाते हुए कहा कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देंगे। जब उसका पति घर वापस लौटा तो उसने हिम्मत करके उसे सारी बात बताई। 20 अगस्त को उन्होंने मामले को लेकर पुलिस थाने में दरख़्वास्त दी। जिसके बाद 25 अगस्त को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

महिला का कहना है कि उसकी अस्पताल में जांच भी हुई जिसकी रिपोर्ट आने में काफी देरी हुई। फिलहाल जांच की रिपोर्ट पुलिस के पास है।

ये भी देखें – ससुराल वालों पर अपनी बहू को फांसी पर लटकाने का आरोप

एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में यूपी में महिलाओं के खिलाफ दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे अधिक 56083 मामले सामने आए हैं. ये आंकड़े साल 2019 के (59853 मामलों) के मुकाबले भले ही कम हों पर साल 2020 के (49385 मामलों) के मुकाबले ज्यादा हैं. पिछले 3 साल की बात करें तो एनसीआरबी के आंकड़े कहते हैं कि तीनों साल (2019,20, 21) में यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराध में नंबर वन पर है. वहीं यदि क्राइम रेट के हिसाब से इसे देखें तो यूपी में महिलाओं के खिलाफ क्राइम रेट 50.5 है। क्राइम रेट में सबसे ऊपर असम 168.3 और सबसे नीचे नागालैंड 5.1 है।

Banda news, Accused of raping a minor by a villager

अब सवाल ये उठता है कि जब एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार भी यूपी में महिला हिंसा के आंकड़े में बढ़ोतरी निकाल कर आई हैं। जबकि बहुत सारे मामले तो गांव के गांव में ही दफन कर दिए जाते हैं उनको बाहर नहीं लाया जाता और जो मामले थाने में आते भी हैं उनमें से बहुत से केस तो दर्ज ही नहीं किए जाते।

कुलपहाड़ कोतवाली के एस ओ वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है और जांच के बाद ही आगे कोई कार्यवाही की जाएगी।

ये भी देखें – चित्रकूट : रेप मामले में नेता मंत्री कहते हैं, ” पैसे लेकर सुलह करा लो”- शिकायतकर्ता

 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journal   ism, subscribe to our  premium product KL Hatke