खबर लहरिया Blog मथुरा में महिलाओं का शोषण करने वाले आरोपी IIT बाबा अभिषेक मिश्रा गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला 

मथुरा में महिलाओं का शोषण करने वाले आरोपी IIT बाबा अभिषेक मिश्रा गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला 

उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां IIT से पढ़े और खुद को “आध्यात्मिक गुरु” बताने वाले अभिषेक मिश्रा को पुलिस ने 1 जून को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि बाबा अभिषेक महिलाओं का ब्रेनवाश कर के, दूध में नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण किया। बाबा पर ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप भी लगे है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब छतीसगढ़ की एक महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को बाबा के मोबाइल से कई अन्य महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीर और वीडियो भी मिली। 

अभिषेक मिश्रा उर्फ़ आदिकर्ता नारायण दास (फोटो साभार: एएनआई)

देश में आए दिन किसी न किसी बाबा, धर्मगुरु या आध्यात्मिक गुरु पर गंभीर आरोप लगने की खबरें सामने आती रहती हैं। आस्था और विश्वास के नाम पर लोगों का भरोसा जीतने वाले कुछ कथित बाबा अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर अक्सर महिलाओं पर पड़ता है। कई मामलों में महिलाएं आध्यात्मिक मार्गदर्शन, मानसिक सहारे या बेहतर भविष्य की उम्मीद में ऐसे लोगों के संपर्क में आती हैं, लेकिन बाद में शोषण, धोखाधड़ी और उत्पीड़न का शिकार बन जाती हैं। इसी तरह का मामला यूपी के मथुरा से सामने आया। 

क्या है पूरा मामला 

अभिषेक मिश्रा जो कि ओडिशा का रहने वाले हैं। उन्होंने धार्मिक क्षेत्र में आने के बाद अपना नाम का आदिकर्ता नारायण दास कर लिया। उसने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है, जहां उन्होंने 2017 से 2021 के बीच पढ़ाई की थी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार लगभग चार वर्षों से मथुरा के राधाकुंज क्षेत्र में कथावाचक या धार्मिक कथाकार के रूप में खुद को परिचित कराया। अपनी बात ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए वह “राधा कृपा अमृता” नाम का यूट्यूब चैनल चलाते थे। इस चैनल पर वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवचन सुनाया करते थे।

 

अभिषेक मिश्रा उर्फ़ आदिकर्ता नारायण दास गिरफ्तार 

सोमवार 1 जून को मथुरा के राधाकुंड स्थित उसके आश्रमनुमा ठिकाने से पुलिस ने अभिषेक मिश्रा उर्फ़ आदिकर्ता नारायण दास गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद दो महिलाओं और एक युवक को भी बाहर निकाला। जांच के दौरान पुलिस को अभिषेक मिश्रा के मोबाइल फोन से 12 से ज्यादा अश्लील तस्वीरें मिलीं, जो अलग-अलग पुरुषों और महिलाओं से जुड़ी बताई जा रही हैं। इससे पुलिस को शक है कि इस मामले में और भी लोग इसका शिकार हो सकते हैं।

पुलिस के अनुसार, उसने पहले एक किराए के मकान से धार्मिक गतिविधियां शुरू कीं, बाद में राधाकुंड में एक घर खरीद लिया और वहीं से अपना आश्रम और धार्मिक नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया।

महिला की शिकायत ने किया खुलासा 

यह मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ की 22 वर्षीय बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने 25 मई को गोवर्धन थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि उसे “प्रसाद” के रूप में दिया गया दूध पीने के बाद बेहोशी जैसी स्थिति हो गई। इसके बाद उसके साथ यौन शोषण किया गया और उसकी निजी तस्वीरें तथा वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। पुलिस के अनुसार पैसे मांगने और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। 

 

जांच में यह भी आरोप सामने आया कि कुछ महिलाओं को तथाकथित “गंधर्व विवाह” के नाम पर अपने प्रभाव में लिया गया और आश्रम में रहने के लिए प्रेरित किया गया। 

पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता अपनी बड़ी बहन से मिलने मथुरा आई थी, जो एक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी में प्रशिक्षण ले रही थी और मिश्रा के धार्मिक समूह से जुड़ी हुई थी। आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को धमकाया और बाद में उससे 5 लाख रुपये की मांग की, साथ ही चेतावनी दी कि यदि वह भुगतान करने में विफल रही तो वह उसके वीडियो को सोशल मीडिया पर डाल देगा।

मामले की जाँच जारी 

अभिषेक मिश्रा के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच जारी है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों और अन्य संभावित शिकायतों की भी जांच कर रही है। मामले की अंतिम सच्चाई अदालत में सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। 

लोगों के विश्वास का इस कदर से फायदा उठाना कितना सही है। इस तरह बिना किसी जांच-परख के किसी भी बाबा पर भरोसा करने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाती है, जिसका फायदा उठाकर कई कथित बाबा लोगों महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं। 

 

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