पन्ना जिले के अजयगढ़ ब्लॉक के विश्रामगंज-कोडोव क्षेत्र में रुंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के चलते कई गांवों को डूब क्षेत्र में घोषित कर दिया गया है। दलित, आदिवासी और अन्य समुदायों के लोग अपनी जमीन और घर खोने के कगार पर हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल—क्या उन्हें मिला सही मुआवजा? पिछले 8 दिनों से लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है: 4 बार सर्वे हुआ, फिर भी सही आकलन नहीं रहने के लिए जमीन नहीं दी गई मांग: ₹12.5 लाख प्रति एकड़ मुआवजा लोगों का साफ कहना है— “जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे”
ये भी देखें –
केन बेतवा परियोजना: बांध और नहरों के बीच फंसे गांव, किसानों की जमीन गई मुआवजा अब भी अधूरा
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’