मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के अंबेडकर नगर में करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। सड़क की यह स्थिति करीब 5 साल से बनी हुई है। सड़क की हालत ऐसी है कि चलने में डर लगे लेकिन इसके बावजूद वहां रहे लोग मज़बूरी में इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई है। बारिश शुरू होते ही सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं। इनमें बारिश का पानी भर जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को इसी पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।
रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – सुचित्रा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आए दिन इस सड़क पर कई लोग यहां गिरकर चोटिल हो जाते हैं। रोज करीब एक हजार से 1200 लोग इस रास्ते से गुजरते हैं। सड़क पर स्कूल होने की वजह से बच्चों की आवाजाही भी ज्यादा है। जब भी बच्चे इस रास्ते से निकलते हैं पानी जमा होने की वजह से उनके कपड़ों पर छींटे पड़ जाते हैं और कपड़े ख़राब हो जाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को भी इसी तरह की परेशानी होती है।
स्थानीय निवासी अनिल प्रजापति रोज साइकिल से स्कूल जाते हैं। उनका स्कूल घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। सड़क के गड्ढों से साइकिल निकालते समय कई बार वह गिर चुके हैं।
उनके साथ हुई एक घटना का उन्होंने जिक्र करते हुए कहा, “एक बार गिरने से मेरे कपड़े खराब हो गए थे। मुझे घर जाकर कपड़े बदलने पड़े। तब तक स्कूल का समय निकल गया और मैं स्कूल नहीं जा पाया।”
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अनिल चाहते हैं कि सड़क की मरम्मत हो ताकि बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क पर ई-रिक्शा पलटा
ई-रिक्शा चालक उमेश कुशवाहा भी इस सड़क की खराब हालत से परेशान हैं। वह बताते हैं कि इसी साल 2026 में जुलाई में सवारी लेकर गुजरते समय उनका ई-रिक्शा गड्ढे में जाने से पलट गया था। उसमें चार महिलाएं बैठी थीं। हादसे में एक महिला का हाथ टूट गया।

सड़क पर गड्डे पर पानी जमा होने के कारण किनारे से जाता हुआ इ-रिक्शा की सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार: अलीमा)
उमेश ने कहा “बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे सड़क की गहराई दिखाई नहीं देती और रिक्शा निकालना खतरे से खाली नहीं होता। सवारी बैठी हो तो उनके गिरने का भी डर रहता है।”
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी सड़क पर स्कूल वैन निकालना चुनौती
पब्लिक स्कूल की वैन के ड्राइवर हरीश अहिरवार बताते हैं कि एक वैन में करीब 15 बच्चे होते हैं। बारिश के समय वह बच्चों को लेकर इस सड़क से बहुत धीरे-धीरे निकलते हैं।
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स्कूल प्रबंधन ने भी की शिकायत
स्कूल के प्रिंसिपल ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि 8 अगस्त 2026 सड़क को लेकर नगर पालिका और कलेक्ट्रेट में कई बार शिकायत की गई है। हर बार जल्द काम कराने का आश्वासन मिला लेकिन समस्या बनी रही।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी पांच साल से अस्थायी मरम्मत
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले पांच साल में नगर पालिका कई बार छोटे गड्ढे भरवा चुकी है। लेकिन बारिश के बाद सड़क का वही हाल हो जाता है। यदि सच में नगर पालिका सड़क की मरम्मत करना चाहती है तो एक बार मजबूती से सड़क बनवा दे ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
अधिकारी के मुताबिक, पहले सड़क के लिए बजट उपलब्ध नहीं था। नगर पालिका अपने स्तर से छोटे गड्ढों की मरम्मत कराती थी। अब नई सड़क के लिए बजट पास हो गया है।
बारिश के बाद सड़क की मरम्मत का दावा
नगर पालिका सीएमओ माधुरी शर्मा ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की शिकायत के बाद कर्मचारियों से सड़क के कुछ गड्ढों की मरम्मत कराई गई थी।
उन्होंने कहा कि बारिश खत्म होने के बाद सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। शहर की दूसरी खराब सड़कों के गड्ढे भरने के आदेश भी दिए गए हैं।
अंबेडकर नगर की सड़क की हालत सिर्फ आवाजाही की समस्या नहीं है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को सिर्फ गड्ढे भरने के बजाय सड़क के स्थायी निर्माण की जरूरत है। तभी हर बारिश में दोबारा पैदा होने वाली यह परेशानी खत्म हो सकेगी।
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